Gold Silver Price: चांदी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, कीमत 2.56 लाख रुपये प्रति किलो के पार; जानिए सोने का क्या हाल
Gold Silver Price: सोने में हल्की गिरावट, लेकिन चांदी की औद्योगिक मांग और चीन के निर्यात प्रतिबंधों ने कीमती धातु को दी नई दिशा; विशेषज्ञों ने जताए और तेजी के आसार। पढ़ें पूरी खबर
विस्तार
दुनिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति शृंखला में आए बदलावों के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी बुधवार को नए शिखर पर पहुंच गई। दिल्ली के बाजारों में चांदी की कीमत 5,000 रुपये की भारी छलांग लगाकर 2,56,000 रुपये प्रति किलोग्राम के अब तक के उच्चतम स्तर कारोबार करती दिखी।
हाल के महीनों में सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की बढ़ती मांग और मजबूत औद्योगिक खरीद ने मूल्य वृद्धि को बढ़ावा दिया है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, मंगलवार को चांदी 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, बुधवार को यह बढ़कर फिर नए सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई।
चांदी की कीमतों में तेजी का क्या है कारण?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर मोड़ दिया है। हाल ही में अमेरिकी बलों द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ कार्रवाई और वहां के तेल संसाधनों पर नियंत्रण की कोशिशों ने अनिश्चितता का माहौल पैदा किया है, जिससे कीमती धातुओं की सुरक्षित मांग बढ़ी है।
एक विशेषज्ञ ने बताया कि 1 जनवरी से चांदी पर चीन की ओर से लगाए गए निर्यात प्रतिबंध प्रभावी हो गए हैं। दुनिया के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से एक चीन की ओर से आपूर्ति सीमित किए जाने से कीमतों पर दबाव पड़ा है और औद्योगिक खरीदारों ने अपनी खरीदारी तेज कर दी है।
सोने की कीमतों में क्या बदलाव हुआ?
बुधवार को जहां चांदी में तेजी बरकरार रही, वहीं सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 100 रुपये की मामूली गिरावट के साथ 1,41,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। इससे पिछले सत्र में यह 1,41,500 रुपये पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, "हालिया रैली के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने से सोने की कीमतों में बुधवार को मामूली गिरावट देखी गई।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी डॉलर में आए सुधार ने भी सोने की कीमतों पर दबाव डाला, हालांकि भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण बड़ी गिरावट की संभावना कम है।
विदेशी सर्राफा बाजारों में भी अस्थिरता का माहौल दिखा। हाजिर सोना 1.01 प्रतिशत गिरकर 4,449.87 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी में भी मुनाफावसूली देखी गई। अंतरराष्ट्रीय सत्र के दौरान चांदी 1.8 प्रतिशत चढ़कर 82.75 डॉलर प्रति औंस के इंट्रा-डे हाई पर पहुंची थी, लेकिन बाद में यह 3.15 प्रतिशत गिरकर 78.69 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर कुछ और मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है, लेकिन दीर्घकालिक रुझान सकारात्मक बना हुआ है। ऑगमोंट की हेड ऑफ रिसर्च, रिनिशा चैनानी ने कहा, "हम यहां से कुछ मुनाफावसूली देख सकते हैं, लेकिन जब यह अपने पिछले शिखर को फिर से तोड़ेगा, तो अगले स्तर 84 डॉलर (2,66,000 रुपये प्रति किलो) और 88.5 डॉलर (2,80,000 रुपये प्रति किलो) देखने को मिल सकते हैं।"