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Global Tech Layoffs: एआई का दौर, फिर भी नौकरियों पर संकट; 2025 में टेक कंपनियों में छंटनी का सिलसिला जारी

कालीचरण, अमर उजाला Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 09 Jan 2026 04:14 AM IST
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सार

साल 2025 में टेक कंपनियों में छंटनी 2024 के मुकाबले करीब 20 फीसदी कम रही, लेकिन संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर नौकरियां घटाईं। भारत में टीसीएस और अन्य कंपनियों में भी छंटनी हुई।

Layoffs despite focus on AI tech companies layoffs 2025 shortage of skilled professionals attrition rates
नौकरियों पर संकट। - फोटो : लिंक्डइन
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विस्तार
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स समेत नई तकनीक अपनाने पर जोर के बावजूद दुनियाभर की टेक कंपनियों ने 2024 के मुकाबले 2025 में करीब 20 फीसदी कम छंटनी की। इस दौरान अमेरिकी कंपनी इंटेल ने दो बार में सर्वाधिक 27,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। कंपनी ने पहली बार अप्रैल, 2025 में 22,000 और जुलाई, 2025 में 5,000 छंटनी की थी।
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लेऑफ्स डॉट एफवाईआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते साल भारत समेत दुनियाभर की 257 टेक कंपनियों ने 1,22,549 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। यह आंकड़ा 2024 में 551 कंपनियों से निकाले गए 1,52,922 कर्मचारियों की तुलना में 19.86 फीसदी कम है। साल 2023 में वैश्विक स्तर पर 1,193 कंपनियों ने 2,64,320 लोगों की छंटनी की थी, जबकि 2022 में 1,064 संस्थाओं ने 1,65,269 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था।
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विशेषज्ञों का कहना है कि दुनियाभर की टेक कंपनियों में एट्रिशन रेट (कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की दर) काफी ज्यादा है। साथ ही, कुशल पेशेवरों की कमी के बावजूद टेक कंपनियों में लगातार छंटनी चिंता की बात है। 

कंपनियों की खर्च में कटौती का नतीजा
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक एट्रिशन रेट और कुशल पेशेवरों की कमी से जूझ रहीं टेक कंपनियों में छंटनी की कई वजहें हैं। वैश्विक अनिश्चितता और टैरिफ वॉर के बीच मंदी की बढ़ती आशंका ने कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है, जो कमाई के मोर्चे पर जूझ रही हैं। इसके अलावा, कई देशों में तनाव के बाद आपूर्ति शृंखला से जुड़ीं समस्याओं और महंगाई बढ़ने के कारण लागत वृद्धि से जूझ रहीं कंपनियां खर्च में कटौती कर रही हैं, जिसका असर छंटनी के रूप में दिख रहा है।

इन कंपनियों में सबसे ज्यादा निकाले
इंटेल...
2025 में दो बार में 22,000 कर्मचारियों को बाहर निकाला।
माइक्रोसॉफ्ट...कुल 15,000 पेशेवरों को बाहर का रास्ता दिखाया।
अमेजन...वैश्विक स्तर पर 14,000 कर्मचारियों की नौकरी गई।
एचपी...दो बार में 8,000 लोगों की छंटनी की गई।
सेल्सफोर्स...4,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया।
मेटा...खर्च में कटौती का हवाला देकर 3,600 पेशेवरों की छंटनी।

टीसीएस से लेकर जोमैटो ने भी की छंटनी
भारत में बीते साल टाटा समूह की कंपनी टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने सबसे ज्यादा 12,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। कंपनी ने रिस्ट्रक्चरिंग और स्किल मिसमैच का हवाला देकर इतनी बड़ी संख्या में छंटनी की थी, जिसे लेकर विरोध भी हुआ था।टीसीएस के अलावा 2025 में 29 छोटी-बड़ी कंपनियों ने भी करीब 6,995 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इनमें सबसे ज्यादा 1,000 लोगों की छंटनी ओला इलेक्ट्रिक ने की थी। जोमैटो में भी 600 और कार्स24 में 520 लोगों की नौकरी गई थी।

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