Income Tax: आयकर विभाग ने महत्वपूर्ण लेनदेन ईमेल को नजरअंदाज करने को कहा, गलती स्वीकार की
आयकर विभाग ने करदाताओं से आकलन वर्ष 2026-27 के अग्रिम कर ई-अभियान के तहत भेजे गए त्रुटिपूर्ण ईमेल को नजरअंदाज करने की अपील की है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
आयकर विभाग ने शनिवार को करदाताओं से आकलन वर्ष 2026-27 के अग्रिम कर ई-अभियान के तहत भेजे गए 'महत्वपूर्ण लेनदेन जुड़ी त्रुटिपूर्ण ईमेल को नजरअंदाज करने की अपील की है। विभाग ने स्वीकार किया है कि इन संचारों में गलत जानकारी शामिल थी, जिसकी रिपोर्ट करदाताओं ने की थी। यह त्रुटि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भेजे गए ईमेल में पाई गई है।
विभाग ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि उसे करदाताओं से गलत जानकारी वाले ईमेल मिलने की शिकायतें मिली हैं। विभाग ने इस मुद्दे को ध्यान में लाने के लिए करदाताओं का धन्यवाद किया और हुई असुविधा के लिए माफी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि संचार प्रणाली के लिए जिम्मेदार सेवा प्रदाता के समन्वय से इस मामले को सुलझाया जा रहा है।
विभाग ने कहा, "हम अपने सेवा प्रदाता के समन्वय से इस मामले को सक्रिय रूप से हल करने के लिए काम कर रहे हैं।" विभाग ने आगे कहा, "इस बीच, करदाताओं से अनुरोध है कि वे आकलन वर्ष 2026-27 के अग्रिम कर ई-अभियान से संबंधित पहले के ईमेल संचार को नजरअंदाज करें।" आयकर विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे संचार करदाताओं के लिए अनुपालन पोर्टल पर उपलब्ध वित्तीय जानकारी की समीक्षा करने और आवश्यक होने पर उचित अग्रिम कर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सुविधा प्रदान करने वाले अनुस्मारक के रूप में होते हैं। करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अनुपालन पोर्टल पर 'ई-अभियान' टैब के माध्यम से अपने लेनदेन विवरण को सत्यापित करें। विभाग ने इस मुद्दे के समाधान के दौरान करदाताओं से समझ और सहयोग का भी आग्रह किया।
गलती से भेजे गए ईमेल का कारण और समाधान
आयकर विभाग ने स्वीकार किया है कि अग्रिम कर ई-अभियान के तहत भेजे गए कुछ ईमेल में महत्वपूर्ण लेनदेन से संबंधित गलत विवरण थे। यह समस्या आकलन वर्ष 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए भेजे गए ईमेल में सामने आई है। विभाग ने करदाताओं को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। इस मामले को सेवा प्रदाता के साथ मिलकर सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
करदाताओं के लिए निर्देश
विभाग ने करदाताओं से अनुरोध किया है कि वे पहले भेजे गए त्रुटिपूर्ण ईमेल को अनदेखा करें। करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी लेनदेन जानकारी की पुष्टि आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध अनुपालन पोर्टल के 'ई-अभियान' टैब के माध्यम से करें। ये संचार केवल करदाताओं को उनकी वित्तीय जानकारी की समीक्षा करने और अग्रिम कर का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करते हैं। विभाग ने इस प्रक्रिया में करदाताओं से सहयोग की अपेक्षा की है।
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