Trade Deal: भारत-ईयू एफटीए एक साल में लागू करने का लक्ष्य, वाणिज्य सचिव ने अमेरिका के साथ हुए समझौते पर ये कहा
भारत के वाणिज्य सचिव ने भारत-ईयू व्यापार समझौते को लेकर अहम बात कही है। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारत ने अपने हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हो रहे मुक्त व्यापार समझौते को बहुत तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह बात जर्मनी के नूर्नबर्ग में आयोजित जैविक उत्पादों की दुनिया की प्रमुख प्रदर्शनी BIOFACH 2026 के दौरान कही। अग्रवाल ने भरोसा जताया कि यह समझौता अधिकतम एक वर्ष के भीतर लागू हो सकता है।
समझौते को लेकर भारत और यूरोप में सकारात्मक माहौल
अग्रवाल ने कहा कि इस समझौते को लेकर भारत और यूरोप दोनों में सकारात्मक माहौल है। जिससे भी बातचीत हुई, सभी इस एफटीए को लेकर उत्साहित हैं। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए नए अवसर खोलेगा।
केवल व्यापार तक सीमित असर नहीं
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका असर केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों पक्षों के बीच निवेश भी बढ़ेगा। बर्लिन में जर्मनी के कृषि मंत्री समेत यूरोपीय प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में इस बात पर चर्चा हुई कि भारत और ईयू की ताकतों को कैसे जोड़ा जाए।
दोनों मिलकर विश्वस्तरीय सप्लाई चेन और वैश्विक शृंखला तैयार कर सकते हैं
अग्रवाल ने कहा कि यूरोप की तकनीक और भारत की प्रतिभा मिलकर विश्वस्तरीय सप्लाई चेन और वैश्विक मूल्य शृंखला तैयार कर सकती हैं, जो भारत और यूरोप के साथ-साथ वैश्विक बाजार को भी सेवा देंगी। समझौते की समयसीमा पर उन्होंने बताया कि आमतौर पर ऐसे समझौतों में कानूनी समीक्षा और यूरोप की सभी भाषाओं में अनुवाद जैसी प्रक्रियाएं समय लेती हैं। फिर भी दोनों पक्ष प्रक्रिया को तेज करने में जुटे हैं और अगले एक वर्ष के भीतर इसे लागू करने का लक्ष्य है।
अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में भारत ने अपने हितों की रक्षा की
साथ ही उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी अहम बात कही। अग्रवाल ने बताया कि भारत ने व्यापार समझौतों में संवेदनशील क्षेत्रों की हमेशा रक्षा की है और अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते में भी किसानों, मछुआरों और डेयरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सुरक्षित रखा गया है।
उन्होंने बताया कि भारत सभी व्यापार समझौतों में स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ बातचीत करता है। जिन क्षेत्रों को देश के लिए अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, उन्हें बाजार पहुंच देने के मामले में भारत ने अपने साझेदार देशों को साफ संकेत दिया है कि ऐसे सेक्टर पूरी तरह नहीं खोले जा सकते।
पिछले एक वर्ष में हुए कितने व्यापार समझौते?
अग्रवाल ने कहा कि पिछले एक वर्ष में हुए पांच व्यापार समझौतों में सभी संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षित रखा गया है। अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते में भी प्रमुख संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। जहां कुछ हद तक संवेदनशीलता थी, वहां टैरिफ रेट कोटा (TRQ) जैसे तंत्र का इस्तेमाल किया गया, ताकि बाजार पहुंच सीमित रहे और घरेलू किसानों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्ष संयुक्त बयान को कानूनी समझौते का रूप देने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि इसे मार्च के अंत तक अंतिम रूप देकर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे।
भारत इस वर्ष BIOFACH 2026 में 'कंट्री ऑफ द ईयर' के रूप में भाग ले रहा है। 27 जनवरी को एफटीए वार्ताओं के समापन के बाद यह भारत की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी है। ऐसे में FTA की रफ्तार और जैविक उत्पादों के वैश्विक मंच पर भारत की मौजूदगी, भारत-ईयू आर्थिक साझेदारी के नए दौर का संकेत दे रही है।