FSSAI: मुंबई के चर्चित पारसी डेयरी फार्म का लाइसेंस निलंबित, महाराष्ट्र में करोड़ों रुपये के खाद्य उत्पाद जब्त
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मुंबई के प्रसिद्ध पारसी डेयरी फार्म का लाइसेंस स्वच्छता और FSSAI नियमों के उल्लंघन के कारण निलंबित किया। राज्यव्यापी अभियान में 1.90 करोड़ रुपये से अधिक के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए।
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महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मुंबई स्थित प्रसिद्ध पारसी डेयरी फार्म प्राइवेट लिमिटेड का खाद्य कारोबार लाइसेंस निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एफएसएसएआई के गंभीर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघनों के कारण की गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
डेयरी में कीड़े-मकौड़ों और चूहों की मौजूदगी
जांच में सामने आया कि डेयरी में कच्चे दूध को उतारने के लिए कोई व्यवस्थित जगह नहीं थी, दीवारों पर फंगस जमा थी और कच्चा माल सीधे जमीन पर रखा हुआ था। इसके अलावा वहां कीड़े-मकौड़ों और चूहों की मौजूदगी भी पाई गई।
साल 1916 से चल रहे इस मशहूर संस्थान के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि कंपनी फिलहाल फूड सेफ्टी अथॉरिटी यानी एफएसएसाई के कुछ तकनीकी नियमों और प्रक्रियाओं को पूरा करने के काम में जुटी हुई है। आपको बता दें कि एफडीए की यह सख्त कार्रवाई हाल ही में मुंबई के प्रसिद्ध आइसक्रीम पार्लर 'के रुस्तम' के साथ-साथ 'शालिमार' और 'नूर मोहम्मदी' जैसे बड़े रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस सस्पेंड किए जाने के बाद सामने आई है।
क्या था राज्यव्यापी अभियान?
पारसी डेयरी फार्म के खिलाफ यह कार्रवाई 14 और 15 जुलाई को चलाए गए एक विशेष राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान का हिस्सा थी। इस अभियान के दौरान एफडीए ने महाराष्ट्र भर में डेयरी इकाइयों, खाद्य निर्माताओं, रेस्तरां और विक्रेताओं का निरीक्षण किया। इस अभियान में 1.90 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इसमें 2,317 लीटर दूध और 6,849.25 किलोग्राम डेयरी उत्पाद शामिल थे, जिनकी कीमत 45.78 लाख रुपये थी।
इसके साथ ही गोवंडी की सूफी डेयरी में नियमों के खिलाफ खुले टैंकों और प्लास्टिक की थैलियों में रखा 1683 लीटर दूध जब्त किया गया, जिसे सीलबंद पैकिंग में बेचा जाना जरूरी था। मुलुंड के अग्रवाल एंटरप्राइजेज से भी चीज, बर्फी और खुला पनीर जब्त किया गया है, जिस पर बैच नंबर और एक्सपायरी डेट नहीं लिखी थी। इस पनीर के नकली होने का भी शक है, जिसके सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। दूसरी तरफ ड्रग्स विभाग ने जोगेश्वरी के जेके सोप बाजार पर छापा मारकर करीब 11 लाख रुपये के बिना लेबल वाले साबुन जब्त किए हैं। इन साबुन के पैकेटों पर बैच नंबर, कंपनी का नाम-पता और मैन्युफैक्चरिंग डेट जैसी जरूरी जानकारियां गायब थीं, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।
अन्य स्थानों पर क्या कार्रवाई हुई?
अभियान में 1.36 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद और 53.90 लाख रुपये के अन्य खाद्य पदार्थ भी जब्त किए गए। एफडीए ने 57 होटल, रेस्तरां और भोजनालयों का निरीक्षण कर 27 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए। अकोला में प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद बनाने वाली एक इकाई पर छापा मारकर 1.23 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त किया गया। पालघर में पारसी डेयरी फार्म की एक अन्य इकाई से संदिग्ध मिसब्रांडिंग और घटिया गुणवत्ता के कारण 32.11 लाख रुपये के उत्पाद जब्त हुए। वसई स्थित शिव डेयरी से बिना अनिवार्य पंजीकरण के संचालन के कारण 151 किलोग्राम पनीर भी जब्त किया गया।