The Bonus Market Update: शेयर बाजार बढ़त के साथ हुआ बंद; सेंसेक्स 943 अंक उछला, निफ्टी 25000 के पार
Sensex-Nifty Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक उछलकर 81,666.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 262.95 अंक की बढ़त के साथ 25,088.40 पर बंद हुआ।
विस्तार
बजट वाले दिन भारी गिरावट झेलने के बाद, सोमवार को शेयर बाजारों में तेजी आई और बेंचमार्क सेंसेक्स 943 अंक चढ़ गया। ब्लू-चिप तेल और गैस, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार में उछाल देखने को मिला।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत बढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 1,009.31 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 81,732.25 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत चढ़कर 25,088.40 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 282.65 अंक या 1.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 25,108.10 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में से पावर ग्रिड के शेयरों में 7.61 प्रतिशत और अदानी पोर्ट्स के शेयरों में 4.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट अन्य प्रमुख लाभ कमाने वालों में शामिल थे। एक्सिस बैंक, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, ट्रेंट और टाइटन पिछड़ गए।
बजट में इन क्षेत्रों पर किया गया फोकस
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को विनिर्माण को बढ़ावा देने के उपायों की घोषणा की, वैश्विक डेटा केंद्रों के लिए दीर्घकालिक कर प्रोत्साहन की पेशकश की और कृषि और पर्यटन के लिए समर्थन की घोषणा की। उन्होंने 2026-27 के लिए 53.5 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट पेश किया, जिसे बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बीच विकास को बनाए रखने के लिए एक दीर्घकालिक खाका के रूप में देखा जा रहा है।
लेकिन इक्विटी डेरिवेटिव्स पर प्रतिभूति लेनदेन कर में वृद्धि ने शेयर बाजारों को हिला दिया, जिससे प्रमुख सूचकांक बजट दिवस के विशेष कारोबार सत्र में 2 प्रतिशत तक गिर गए, हालांकि बाद में उनमें कुछ सुधार हुआ।
बजट के दिन बाजार में क्यों हुई भारी गिरावट?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में कल के उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद तेजी से सुधार देखने को मिला, जिसका कारण एफ एंड ओ पर एसटीटी (स्टेट टैक्स) में वृद्धि का प्रभाव और वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार की उच्च उधार योजना थी। साथ ही, विकास और राजकोषीय विवेक पर स्पष्ट जोर देने वाली बजट की नीतिगत निरंतरता ने मध्यम से दीर्घकालिक आय दृष्टिकोण में विश्वास को मजबूत करने में मदद की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट ने भी कुछ राहत प्रदान की है, जो अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत दर्शाती है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बजट सत्र के दौरान हुई लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों ने सप्ताह की शुरुआत संयमित उछाल के साथ की। लार्ज-कैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी से कुछ समय के लिए स्थिरता तो मिली, लेकिन उच्च अस्थिरता के बीच समग्र बाजार का रुख सतर्क बना रहा।
यूरोपीय बाजारों में रहा मिला-जुला हाल
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5 प्रतिशत से अधिक गिर गया। जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 65.94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत में 4.88 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 65.94 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। रविवार को बीएसई का बेंचमार्क 1,546.84 अंक या 1.88 प्रतिशत गिरकर 80,722.94 पर बंद हुआ। निफ्टी 495.20 अंक या 1.96 प्रतिशत गिरकर 24,825.45 पर आ गिरा। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने रविवार को 588.34 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
