फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   174 cases of forgery and corruption pending in Haryana Vigilance Bureau

हरियाणा: विजिलेंस में 174 मामले लंबित, विपक्षी दल उठा रहे सवाल, कई केसों में वर्षों से चल रही है जांच

Wed, 22 Dec 2021 12:14 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 22 Dec 2021 12:14 AM IST
सार

हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की भर्तियों में फर्जीवाड़े की जांच हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो कर रही है। लेकिन विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाया शुरू कर दिया है।

विज्ञापन
174 cases of forgery and corruption pending in Haryana Vigilance Bureau
हरियाणा विधानसभा सत्र। - फोटो : @cmohry

विस्तार

हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो के पास फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के 174 मामले लंबित हैं। कई मामलों की जांच तो वर्षों से चल रही है लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो सकी है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है। अब एचपीएससी का मामला भी विजिलेंस के पास पहुंच गया है। ऐसे में विपक्षी दल विजिलेंस की जांच पर सवाल उठा रहे हैं और सीबीआई से जांच की मांग कर रहे हैं। 

विज्ञापन


हरियाणा सरकार द्वारा विधानसभा में रखे गए आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक राजस्व विभाग के 23, पुलिस के 19, शहरी स्थानीय निकाय के 16 और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित गड़बड़ी के 8 मामलों की जांच विजिलेंस में लंबित है। कई मामलों की जांच को लेकर तिथि भी तय नहीं की गई है, इसलिए लगातार मामलों में देरी हो रही है और भ्रष्टाचारियों पर लगाम नहीं लग पा रही है।  
विज्ञापन


किस विभाग के कितने मामले लंबित
राजस्व 23, पुलिस 19, शहरी स्थानीय निकाय 16, पंचायत विभाग 9, स्वास्थ्य, विद्युत 8-8, शिक्षा विभाग 7, सहकारिता, खाद्य आपूर्ति विभाग, गैर विभागीय, राजनीतिक संसदीय मामले, एससी वर्ग कल्याण 6-6, आबकारी, जनस्वास्थ्य 5, एचएसवीपी के 4 मामलों की जांच चल रही है। इसी प्रकार, कृषि, एचएसएससी, भूमि चकबंदी, परिवहन 3-3, वन, हरियाणा लोक सेवा आयोग, गृह रक्षी, पीडब्ल्यूडी, अभियोजन, पंचायती राज के 2-2 मामले लंबित हैं। वित्त, अग्निशमन, मत्स्य पालन, हैफेड, पिछड़ा वर्ग विभाग, एचएसएमबी, हरियाणा उर्दू अकादमी, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, सिंचाई, न्याय एवं प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा, समाज कल्याण, खेल, नगर आयोजना और वक्फ बोर्ड के 1-1 मामले लंबित हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आंकड़े खुद इस बात को तस्दीक कर रहे हैं कि विजिलेंस ब्यूरो की कार्यप्रणाली कैसी है। साफ है कि विजिलेंस को मामला देकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इस मामले की हाईकोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई से जांच होनी चाहिए। -वरूण चौधरी, विधायक, मुलाना। 

विजिलेंस जांच में अपनों को बचाने की साजिश में सरकार: अभय चौटाला
इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एचपीएससी को मुख्यमंत्री के निवास से चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सदन में जिस तरह से एचपीएससी के चेयरमैन का पक्ष ले रहे थे उससे अपने आप को बचाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में घोटालों की जांच सरकारी एजेंसियों से करवाने पर हमें कोई उम्मीद नहीं है कि सरकार इसकी निष्पक्ष जांच करवाएगी और जो असली दोषी हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होगी। 


अब इनेलो राष्ट्रपति से मिलेगी, ताकि हाईकोर्ट के सीटिंग जज से इसकी जांच हो सके। चौटाला ने कहा कि कांग्रेस सराकार में 2013 में की गई एचसीएस भर्ती की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, सरकार की जांच में आज तक हुए घोटालों में असली दोषी नहीं पकड़े गए हैं। शराब घोटाले, रजिस्ट्री घोटाले और दवाई खरीद जैसे घोटालों में आज तक कुछ नहीं हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed