{"_id":"697bca303269140d3f044e98","slug":"a-soulful-tribute-to-guru-kanhaiya-lal-in-the-rhythm-of-kathak-chandigarh-news-c-16-pkl1079-935806-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: कथक की लय में गुरु कन्हैया लाल को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: कथक की लय में गुरु कन्हैया लाल को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़।
सेक्टर 18 के टैगेर थिएटर में वीरवार को कथक के प्रख्यात गुरु कन्हैया लाल की स्मृति में विशेष नृत्य संध्या का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गुरु कन्हैयालाल नृत्य कला संगम की ओर से आयोजित हुआ। कार्यक्रम में प्राचीन कला केंद्र के छात्र और गुरु-शिष्य परंपरा से प्रशिक्षित छात्रों ने कथक की मनमोहक प्रस्तुतियां दी।
गणेश वंदना से शुरुआत हुई, इसके बाद शिव स्तुति और विष्णु वंदना प्रस्तुत की गई। गुरु कन्हैया लाल की पोती उन्नति शर्मा ने विशेष एकल कथक नृत्य पेश किया। डॉ. समीरा कौसर और वरिष्ठ कथक गुरु डॉ. शोभा कौसर ने भी अपनी आध्यात्मिक और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में तबला, सितार, सारंगी, बांसुरी और गायन में संगत की गई। गुरु बृजमोहन गंगानी, महमूद खान, सलीम कुमार, रमेश परिहार और अन्य कलाकारों ने मंच को जीवंत बनाया। संध्या का समापन विशेष नृत्य नाटिका ‘कृष्ण चरितम’ से हुआ, जिसमें लगभग 30 कलाकारों ने भगवान कृष्ण की लीलाओं को नृत्य के माध्यम से दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।
केंद्र के सचिव सजल कौसर ने कलाकारों को उत्साहित किया और अंत में सभी कलाकारों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने गुरु कन्हैया लाल की कला और कथक की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया।
Trending Videos
सेक्टर 18 के टैगेर थिएटर में वीरवार को कथक के प्रख्यात गुरु कन्हैया लाल की स्मृति में विशेष नृत्य संध्या का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गुरु कन्हैयालाल नृत्य कला संगम की ओर से आयोजित हुआ। कार्यक्रम में प्राचीन कला केंद्र के छात्र और गुरु-शिष्य परंपरा से प्रशिक्षित छात्रों ने कथक की मनमोहक प्रस्तुतियां दी।
गणेश वंदना से शुरुआत हुई, इसके बाद शिव स्तुति और विष्णु वंदना प्रस्तुत की गई। गुरु कन्हैया लाल की पोती उन्नति शर्मा ने विशेष एकल कथक नृत्य पेश किया। डॉ. समीरा कौसर और वरिष्ठ कथक गुरु डॉ. शोभा कौसर ने भी अपनी आध्यात्मिक और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में तबला, सितार, सारंगी, बांसुरी और गायन में संगत की गई। गुरु बृजमोहन गंगानी, महमूद खान, सलीम कुमार, रमेश परिहार और अन्य कलाकारों ने मंच को जीवंत बनाया। संध्या का समापन विशेष नृत्य नाटिका ‘कृष्ण चरितम’ से हुआ, जिसमें लगभग 30 कलाकारों ने भगवान कृष्ण की लीलाओं को नृत्य के माध्यम से दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।
केंद्र के सचिव सजल कौसर ने कलाकारों को उत्साहित किया और अंत में सभी कलाकारों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने गुरु कन्हैया लाल की कला और कथक की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया।