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Chandigarh News: कनाडा-चीन संबंधों में गर्माहट से बढ़ सकता है चीन के स्टूडेंट वीजा का कोटा
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-इमिग्रेशन और एजुकेशन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का वीजा कोटा पर हो सकता है असर
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कंवरपाल
हलवारा। कनाडा और चीन के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार के बाद चीन के नागरिकों, विशेषकर छात्रों के लिए वीजा नियमों में नरमी और कोटे में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस बारे में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन इमीग्रेशन सलाहकारों और छात्र वीजा एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन के छात्रों के लिए वीजा कोटा बढ़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो इसका सीधा असर भारतीय छात्रों के वीजा कोटे पर पड़ेगा।
कनाडा में भारत के बाद सबसे अधिक छात्र चीन से आते हैं और अगर चीन के छात्र वीजा कोटे में इजाफा होता तो भारतीय छात्रों के लिए स्थिति और भी कठिन हो सकती है। 2025 में भारतीय छात्रों के लिए कनाडा के वीजा परमिट में 52% की भारी गिरावट आई थी जो मुख्य रूप से कनाडाई आव्रजन नीति में बदलाव का परिणाम था।
2025 में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बीजिंग यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई समझौते किए गए थे। इस यात्रा के दौरान, कनाडा ने चीन के नागरिकों को 30 दिनों तक वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देने का एलान किया।
भारतीय छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
कनाडा में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या के बावजूद पिछले कुछ समय में भारतीय छात्रों के वीजा आवेदनों में वृद्धि की बजाय गिरावट आई है। अगस्त 2023 से अगस्त 2025 तक भारतीय छात्रों के लिए वीजा अस्वीकृति दर में भारी वृद्धि देखी गई है, जो लगभग 74% तक पहुंच गई है। इसके अलावा, 1 सितंबर 2025 से ट्यूशन फीस और जीआईसी (गवर्नमेंट ऑफ कनाडा इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम) की राशि को बढ़ाकर 10,000 से बढ़ाकर 22,895 कनाडाई डॉलर कर दिया गया है। यदि चीन के छात्रों के लिए वीजा कोटे में वृद्धि होती है तो यह भारतीय छात्रों के लिए और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारतीय छात्रों के लिए वीजा अस्वीकृति दर चिंताजनक रूप से बढ़ रही है जो पहले 52% तक थी, और अब लगभग 80% तक पहुंच सकती है।
कनाडा की इमिग्रेशन नीति में बदलाव की संभावना
इमिग्रेशन और शिक्षा कंसल्टिंग संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी भूपिंदर सिंह का कहना है कि कनाडा अमेरिकी संबंधों में तनाव के कारण चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह संभावना है कि कनाडा चीन के छात्रों के लिए वीजा कोटा बढ़ा सकता है, जिससे भारतीय छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कनाडा में चीन के छात्र मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, बिजनेस/मैनेजमेंट और फाइनेंस जैसी प्रमुख स्ट्रीम्स में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे मेंयदि चीन के छात्रों को वीजा के लिए प्राथमिकता दी जाती है, तो भारतीय छात्रों के लिए अवसर कम हो सकते हैं।
कनाडा में चुनौतीपूर्ण स्थिति
कनाडा हमेशा भारतीय छात्रों के लिए एक आकर्षक गंतव्य रहा है क्योंकि यहां उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, बहुसांस्कृतिक वातावरण और स्थायी निवास के अवसर मौजूद हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में भारत-कनाडा राजनयिक तनाव के कारण भारतीय छात्रों के वीजा आवेदन की अस्वीकृति दर बढ़ी है। यदि चीन के छात्रों के लिए वीजा कोटे में वृद्धि होती है, तो यह भारतीय छात्रों के लिए और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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कंवरपाल
हलवारा। कनाडा और चीन के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार के बाद चीन के नागरिकों, विशेषकर छात्रों के लिए वीजा नियमों में नरमी और कोटे में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस बारे में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन इमीग्रेशन सलाहकारों और छात्र वीजा एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन के छात्रों के लिए वीजा कोटा बढ़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो इसका सीधा असर भारतीय छात्रों के वीजा कोटे पर पड़ेगा।
कनाडा में भारत के बाद सबसे अधिक छात्र चीन से आते हैं और अगर चीन के छात्र वीजा कोटे में इजाफा होता तो भारतीय छात्रों के लिए स्थिति और भी कठिन हो सकती है। 2025 में भारतीय छात्रों के लिए कनाडा के वीजा परमिट में 52% की भारी गिरावट आई थी जो मुख्य रूप से कनाडाई आव्रजन नीति में बदलाव का परिणाम था।
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2025 में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बीजिंग यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई समझौते किए गए थे। इस यात्रा के दौरान, कनाडा ने चीन के नागरिकों को 30 दिनों तक वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देने का एलान किया।
भारतीय छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
कनाडा में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या के बावजूद पिछले कुछ समय में भारतीय छात्रों के वीजा आवेदनों में वृद्धि की बजाय गिरावट आई है। अगस्त 2023 से अगस्त 2025 तक भारतीय छात्रों के लिए वीजा अस्वीकृति दर में भारी वृद्धि देखी गई है, जो लगभग 74% तक पहुंच गई है। इसके अलावा, 1 सितंबर 2025 से ट्यूशन फीस और जीआईसी (गवर्नमेंट ऑफ कनाडा इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम) की राशि को बढ़ाकर 10,000 से बढ़ाकर 22,895 कनाडाई डॉलर कर दिया गया है। यदि चीन के छात्रों के लिए वीजा कोटे में वृद्धि होती है तो यह भारतीय छात्रों के लिए और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारतीय छात्रों के लिए वीजा अस्वीकृति दर चिंताजनक रूप से बढ़ रही है जो पहले 52% तक थी, और अब लगभग 80% तक पहुंच सकती है।
कनाडा की इमिग्रेशन नीति में बदलाव की संभावना
इमिग्रेशन और शिक्षा कंसल्टिंग संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी भूपिंदर सिंह का कहना है कि कनाडा अमेरिकी संबंधों में तनाव के कारण चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह संभावना है कि कनाडा चीन के छात्रों के लिए वीजा कोटा बढ़ा सकता है, जिससे भारतीय छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कनाडा में चीन के छात्र मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, बिजनेस/मैनेजमेंट और फाइनेंस जैसी प्रमुख स्ट्रीम्स में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे मेंयदि चीन के छात्रों को वीजा के लिए प्राथमिकता दी जाती है, तो भारतीय छात्रों के लिए अवसर कम हो सकते हैं।
कनाडा में चुनौतीपूर्ण स्थिति
कनाडा हमेशा भारतीय छात्रों के लिए एक आकर्षक गंतव्य रहा है क्योंकि यहां उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, बहुसांस्कृतिक वातावरण और स्थायी निवास के अवसर मौजूद हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में भारत-कनाडा राजनयिक तनाव के कारण भारतीय छात्रों के वीजा आवेदन की अस्वीकृति दर बढ़ी है। यदि चीन के छात्रों के लिए वीजा कोटे में वृद्धि होती है, तो यह भारतीय छात्रों के लिए और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।