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कथा सुनकर इस पर चिंतन जरूर कीजिए: कथा व्यास
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चंडीगढ़। कथा श्रवण कर रहे हैं तो इस पर चिंतन भी करना जरूरी है। चिंतन करेंगे तो आपका आनेवाला कल बेहतर होगा। भागवत कथा जीवन को मंगल तो बनाती ही है मृत्यु को भी मंगल बना देने वाली कथा है। आप लोगों ने जो सात दिनों तक कथा श्रवण किया यह सब भगवान की कृपा से ही संभव हो सका। यह प्रवचन सेक्टर-49 के पुष्पक कांप्लेक्स में श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार को कथा व्यास शिवदत्त बहुगुणा ने दिया। उन्होंने माता-पिता की सेवा, मित्रों की मदद और अपने अपने बच्चों को संस्कारित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बच्चे संस्कारित होंगे तो आपका जीवन सबसे बेहतर होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा व्यास ने प्रवचनों में श्रीमद्भागवदगीता के दिव्य संदेश, जीवन के नैतिक मूल्य और भक्ति के शाश्वत स्वरूप का वर्णन किया। समापन दिवस पर पूर्णाहुति, भजन-कीर्तन, आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
भक्तों की सेवा-भाव ने कार्यक्रम को बनाया सफल
अंतिम दिन श्रद्धालुओं एवं स्वयंसेवकों की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक दिव्यता एवं गरिमा प्रदान की। पूरे सप्ताह के दौरान भक्तों की आस्था, सेवा-भाव और स्वयंसेवकों के समर्पण ने इस आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाया। आयोजन समिति, पुष्पक प्रबंधन समिति एवं पुष्पक संकीर्तन मंडली ने इस दिव्य कथा के सफल आयोजन हेतु कथावाचक शिवदत्त बहुगुणा, समस्त श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों के प्रति गहन कृतज्ञता एवं हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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अंतिम दिन श्रद्धालुओं एवं स्वयंसेवकों की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक दिव्यता एवं गरिमा प्रदान की। पूरे सप्ताह के दौरान भक्तों की आस्था, सेवा-भाव और स्वयंसेवकों के समर्पण ने इस आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाया। आयोजन समिति, पुष्पक प्रबंधन समिति एवं पुष्पक संकीर्तन मंडली ने इस दिव्य कथा के सफल आयोजन हेतु कथावाचक शिवदत्त बहुगुणा, समस्त श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों के प्रति गहन कृतज्ञता एवं हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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