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Chandigarh News: 30 मई के बाद बिना आईडी रेहड़ी लगाई तो होगी जब्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। शहर में अवैध वेंडरों और नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब नगर निगम सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक में चेयरपर्सन एवं नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने साफ निर्देश दिए कि सभी पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों को 30 मई तक अपना आईडी कार्ड लेना और उसे रेहड़ी या दुकान पर सामने प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। तय समय के बाद बिना आईडी कार्ड मिले वेंडरों को अवैध घोषित कर उनके खिलाफ 10 हजार रुपये का चालान और सामान जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर ने कहा कि अभी तक पंजीकृत वेंडरों पर दो हजार रुपये तक का चालान किया जाता था लेकिन अब अवैध रूप से कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 30 मई के बाद अभियान चलाकर ऐसे वेंडरों को हटाया जाए जो नियमों का पालन नहीं कर रहे।
बैठक में असेंशियल सर्विस प्रोवाइडर (ईएसपी) कैटेगरी को लेकर भी लंबी चर्चा हुई। कोविड काल में वर्ष 2020 के दौरान तंदूर, छोले-कुल्चे, परांठे और धार्मिक स्थलों के बाहर फूल बेचने वालों को ईएसपी श्रेणी में शामिल किया गया था। टीवीसी के कई सदस्यों और चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने इन ट्रेडों को ईएसपी से हटाकर नॉन-ईएसपी श्रेणी में डालने और वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने की मांग उठाई। हालांकि धार्मिक स्थलों के बाहर फूल बेचने वालों को वहीं रहने देने की बात भी रखी गई।
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सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर लिया जाएगा अंतिम फैसला
कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि पिक एंड चूज किसी के साथ नहीं होगा। यदि बदलाव होगा तो सभी संबंधित ट्रेड ईएसपी श्रेणी से बाहर होंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। वेंडर प्रतिनिधियों ने दो सप्ताह का समय मांगा, लेकिन चेयरपर्सन ने एक सप्ताह की मोहलत दी। बैठक में ट्रेड बदलने को लेकर भी अहम फैसला हुआ।
एक ही कैटेगरी में ट्रेड बदलने की मंजूरी
समिति ने नॉन-ईएसपी से नॉन-ईएसपी श्रेणी के भीतर ट्रेड बदलने की मंजूरी पर सहमति जताई जबकि ईएसपी श्रेणी के भीतर ट्रेड बदलने पर सहमति नहीं बन सकी। इसके अलावा तय हुआ कि जो वेंडर अपनी आवंटित साइट पर नहीं गए, उन्हें किसी प्रकार की विशेष रियायत नहीं मिलेगी। पिछले छह महीने से नियमित रूप से बकाया जमा कर रहे वेंडरों को ड्रा ऑफ लॉट्स के जरिये वेंडिंग जोन में साइट आवंटित की जाएगी। ड्रा से पहले पात्र वेंडरों से उनकी पसंदीदा साइटों की प्राथमिकता भी मांगी जाएगी। बैठक में मनीमाजरा में नाले के ऊपर वेंडिंग साइट विकसित करने पर सहमति बनी। वहीं वेंडिंग जोन में पेयजल और साफ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
सेक्टर-41 के निवासियों की समस्याएं उठाईं
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं कमेटी सदस्य संजीव चड्ढा ने कहा कि कोविड के दौरान ईएसपी में शामिल किए गए ट्रेडों को हटाने की मांग रखी गई है और इस पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आधार पर फैसला होगा। वहीं टीवीसी सदस्य डॉ. अनीश गर्ग ने सेक्टर-41 के निवासियों की समस्याएं उठाते हुए कहा कि मौजूदा वेंडिंग जोन से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। इस पर चेयरपर्सन ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
चंडीगढ़। शहर में अवैध वेंडरों और नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब नगर निगम सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक में चेयरपर्सन एवं नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने साफ निर्देश दिए कि सभी पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों को 30 मई तक अपना आईडी कार्ड लेना और उसे रेहड़ी या दुकान पर सामने प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। तय समय के बाद बिना आईडी कार्ड मिले वेंडरों को अवैध घोषित कर उनके खिलाफ 10 हजार रुपये का चालान और सामान जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर ने कहा कि अभी तक पंजीकृत वेंडरों पर दो हजार रुपये तक का चालान किया जाता था लेकिन अब अवैध रूप से कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 30 मई के बाद अभियान चलाकर ऐसे वेंडरों को हटाया जाए जो नियमों का पालन नहीं कर रहे।
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बैठक में असेंशियल सर्विस प्रोवाइडर (ईएसपी) कैटेगरी को लेकर भी लंबी चर्चा हुई। कोविड काल में वर्ष 2020 के दौरान तंदूर, छोले-कुल्चे, परांठे और धार्मिक स्थलों के बाहर फूल बेचने वालों को ईएसपी श्रेणी में शामिल किया गया था। टीवीसी के कई सदस्यों और चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने इन ट्रेडों को ईएसपी से हटाकर नॉन-ईएसपी श्रेणी में डालने और वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने की मांग उठाई। हालांकि धार्मिक स्थलों के बाहर फूल बेचने वालों को वहीं रहने देने की बात भी रखी गई।
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सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर लिया जाएगा अंतिम फैसला
कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि पिक एंड चूज किसी के साथ नहीं होगा। यदि बदलाव होगा तो सभी संबंधित ट्रेड ईएसपी श्रेणी से बाहर होंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। वेंडर प्रतिनिधियों ने दो सप्ताह का समय मांगा, लेकिन चेयरपर्सन ने एक सप्ताह की मोहलत दी। बैठक में ट्रेड बदलने को लेकर भी अहम फैसला हुआ।
एक ही कैटेगरी में ट्रेड बदलने की मंजूरी
समिति ने नॉन-ईएसपी से नॉन-ईएसपी श्रेणी के भीतर ट्रेड बदलने की मंजूरी पर सहमति जताई जबकि ईएसपी श्रेणी के भीतर ट्रेड बदलने पर सहमति नहीं बन सकी। इसके अलावा तय हुआ कि जो वेंडर अपनी आवंटित साइट पर नहीं गए, उन्हें किसी प्रकार की विशेष रियायत नहीं मिलेगी। पिछले छह महीने से नियमित रूप से बकाया जमा कर रहे वेंडरों को ड्रा ऑफ लॉट्स के जरिये वेंडिंग जोन में साइट आवंटित की जाएगी। ड्रा से पहले पात्र वेंडरों से उनकी पसंदीदा साइटों की प्राथमिकता भी मांगी जाएगी। बैठक में मनीमाजरा में नाले के ऊपर वेंडिंग साइट विकसित करने पर सहमति बनी। वहीं वेंडिंग जोन में पेयजल और साफ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
सेक्टर-41 के निवासियों की समस्याएं उठाईं
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं कमेटी सदस्य संजीव चड्ढा ने कहा कि कोविड के दौरान ईएसपी में शामिल किए गए ट्रेडों को हटाने की मांग रखी गई है और इस पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आधार पर फैसला होगा। वहीं टीवीसी सदस्य डॉ. अनीश गर्ग ने सेक्टर-41 के निवासियों की समस्याएं उठाते हुए कहा कि मौजूदा वेंडिंग जोन से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। इस पर चेयरपर्सन ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।