चंडीगढ़ में मुठभेड़: बंबीहा गैंग के शूटर्स और पुलिस के बीच फायरिंग, गोपी निज्जर हत्याकांड से जुड़े तार
बंबीहा गैंग के तीन शूटर चंडीगढ़ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। पुलिस ने सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे उन्हें रुकने और सरेंडर करने के लिए कहा लेकिन आरोपियों ने तुरंत फायरिंग शुरू कर दी।
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चंडीगढ़ सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे सोमवार देर रात 10.30 बजे ऑपरेशन सेल और बंबीहा गैंग के तीन शूटरों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में कुल पांच गोलियां चलीं।
एक गोली एएसआई की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों में अमृतसर निवासी अजय कुमार, जोबन और प्रभजोत शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार जोबन और प्रभजोत, गोपी निज्जर हत्याकांड में शामिल रहे हैं। पुलिस मंगलवार को तीनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश करेगी।
बड़ी वारदात की फिराक में थे शूटर
ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन को सूचना मिली थी कि बंबीहा गैंग के तीन शूटर चंडीगढ़ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे पहुंची। यहां तीनों आरोपी संदिग्ध हालत में पैदल जाते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने और सरेंडर करने के लिए कहा लेकिन आरोपियों ने तुरंत फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। मुठभेड़ के दौरान आरोपियों ने तीन और पुलिस ने दो राउंड फायर किए। इसी दौरान एक गोली एएसआई की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।
तीन ऑटोमेटिक हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को मौके से काबू कर लिया। उनके कब्जे से एक जिगाना पिस्टल, एक ग्लॉक पिस्टल और एक .32 बोर पिस्टल बरामद हुई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी चंडीगढ़ में किस वारदात को अंजाम देने आए थे।
गोपी निज्जर हत्याकांड से जुड़े लिंक
गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निज्जर, गैंगस्टर सुक्खा काहलवां का करीबी और हत्याकांड का मुख्य गवाह था। 30 अप्रैल 2026 को कपूरथला के ढिलवां स्थित नेशनल हाईवे पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड का मुख्य शूटर गौरव उर्फ गोला पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि अब प्रभजोत और जोबन के नाम भी जांच में सामने आए हैं।
सीएफएसएल टीम के इंतजार में रुकी जांच
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी ऑपरेशन सेल विकास श्योकंद, डीएसपी साउथ धीरज कुमार, सेक्टर-36 थाना प्रभारी जयप्रकाश और सेक्टर-43 चौकी प्रभारी एसआई आशा देवी मौके पर पहुंचे। चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम तुरंत पहुंच गई थी लेकिन सीएफएसएल टीम करीब दो घंटे बाद रात 12:38 बजे मौके पर पहुंची जिसके चलते पुलिस को देर रात तक इंतजार करना पड़ा।