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Punjab: शाह ने खींचा बदलाव की राजनीति का खाका, पंथक एजेंडों को धार; ट्रैक रिकॉर्ड से विरोधियों पर सियासी वार
मोहित धुपड़, अमर उजाला,
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 15 Mar 2026 10:55 AM IST
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सार
पंजाब में जड़ें जमाने के लिए अमित शाह ने बदलाव की राजनीति का खाका खींचा। सिख-हिंदू एकता का फार्मूला तैयार किया। पंथक एजेंडों को धार दी और ट्रैक रिकॉर्ड से विरोधियों पर सियासी वार किया। आप, कांग्रेस और शिअद निशाने पर रहे, शाह ने जिगर के टुकड़े बताकर पंजाबी युवाओं को भी साधा
Amit Shah
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मालवा की धरती से ही राहुल के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मिशन-2027 के लिए चुनावी हुंकार भर दी है। कुछ दिन पहले राहुल बरनाला में थे और शनिवार को शाह मोगा में। वीरों की भूमि पंजाब में भाजपा की जड़े जमाने के लिए शाह ने यहां बदलाव की राजनीति का एक अलग खाका खींचा।
पंजाब में भाजपा का सत्ता के लिए सियासी फार्मूला पड़ोसी सूबे हरियाणा से बिल्कुल अलग रहने वाला है, जिसके संकेत शाह की रैली में साफ दिए गए। रैली के दौरान शाह ने सूबे में सिख-हिंदू एकता के फार्मूले पर आगे बढ़ते हुए पंथक एजेंडों को धार देने और भाजपा के ट्रैक रिकाॅर्ड से विरोधियों पर वार करने की रणनीति भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को समझा दी है।
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पंजाब में भाजपा का सत्ता के लिए सियासी फार्मूला पड़ोसी सूबे हरियाणा से बिल्कुल अलग रहने वाला है, जिसके संकेत शाह की रैली में साफ दिए गए। रैली के दौरान शाह ने सूबे में सिख-हिंदू एकता के फार्मूले पर आगे बढ़ते हुए पंथक एजेंडों को धार देने और भाजपा के ट्रैक रिकाॅर्ड से विरोधियों पर वार करने की रणनीति भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को समझा दी है।
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उन्होंने पंजाब की छह बड़ी समस्याओं बिगड़ती कानून व्यवस्था, नशा तस्करी, धर्म परिवर्तन, भ्रष्टाचार, वादा खिलाफी और किसानों की परेशानी का जिक्र करते हुए इसके समाधान के लिए सूबे में डबल इंजन की सरकार को बेहद जरूरी बताया।
विभिन्न जिलों में हुए घोटालों का भी जिक्र कर शाह ने सूबा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया। आप सरकार, कांग्रेस और शिअद को निशाने पर लेते हुए शाह ने मान सरकार की गारंटी पूरे करने के दावों के सामने सात अधूरे वादे गिनवा डाले।
इनमें 25 लाख नौकरियां देने, चार महीनों में पंजाब को नशा मुक्त बनाने, 16 हजार सरकारी डिस्पेंसरियां खोलने, बेसहारा व बुढ़ापा पेंशन 2500 रुपये प्रति माह करने, 16 मेडिकल कॉलेज खोलने, खनन से सालाना आय 20 हजार करोड़ करने व सिख दंगा पीड़ितों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने के वादे प्रमुख रहे।
शाह ने पंथक एजेंडों को यूं दी मजबूती
मोगा में शाह ने इस बात को जाहिर कर दिया है कि भाजपा भी पंजाब में अपने पंथक एजेंडे को मजबूती दे रही है। शाह ने सबसे पहले नानकशाही कैलेंडर के अनुसार शुक्रवार को नए साल की शुरुआत पर बधाई देते हुए गुरु नानक देव जी समेत सभी गुरुओं, भगवान वाल्मीकि, संत शिरोमणि रविदास जी के साथ-साथ शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को प्रणाम किया।
मोगा में शाह ने इस बात को जाहिर कर दिया है कि भाजपा भी पंजाब में अपने पंथक एजेंडे को मजबूती दे रही है। शाह ने सबसे पहले नानकशाही कैलेंडर के अनुसार शुक्रवार को नए साल की शुरुआत पर बधाई देते हुए गुरु नानक देव जी समेत सभी गुरुओं, भगवान वाल्मीकि, संत शिरोमणि रविदास जी के साथ-साथ शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को प्रणाम किया।
उसके बाद शाह ने पंजाबियों को बताया कि पीएम मोदी पर गुरुओं की बहुत कृपा रही है। यह पीएम का सौभाग्य है कि केंद्र सरकार को उनके कार्यकाल में गुरु नानक देव जी का 500वां और गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व व गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस मनाने का मौका मिला। इसके अलावा चार साहिबजादों की शहादत दिवस को राष्ट्रीय वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया गया।
ट्रैक रिकॉर्ड के जिक्र से हलचल
अमित शाह ने रैली में भाजपा के वोट प्रतिशत के ट्रैक रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए एक बड़ा दावा भी कर दिया। शाह को भाजपा का बड़ा सियासी रणनीतिकार माना जाता है इसलिए उनके इस दावे से पंजाब की अन्य सियासी दलों में भी अंदरूनी हलचल का माहौल है। मंच से शाह ने दावा किया कि जिस भी राज्य में भाजपा का वोट प्रतिशत 19 प्रतिशत तक पहुंच जाता है तो उस सूबे में अगली बार भाजपा की सरकार बन जाती है। ऐसा ओडिशा, असम, उत्तराखंड, मणिपुर और त्रिपुरा में हो चुका है और अब इस वोट प्रतिशत का आंकड़ा पंजाब में छू गया है।
अमित शाह ने रैली में भाजपा के वोट प्रतिशत के ट्रैक रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए एक बड़ा दावा भी कर दिया। शाह को भाजपा का बड़ा सियासी रणनीतिकार माना जाता है इसलिए उनके इस दावे से पंजाब की अन्य सियासी दलों में भी अंदरूनी हलचल का माहौल है। मंच से शाह ने दावा किया कि जिस भी राज्य में भाजपा का वोट प्रतिशत 19 प्रतिशत तक पहुंच जाता है तो उस सूबे में अगली बार भाजपा की सरकार बन जाती है। ऐसा ओडिशा, असम, उत्तराखंड, मणिपुर और त्रिपुरा में हो चुका है और अब इस वोट प्रतिशत का आंकड़ा पंजाब में छू गया है।
शाह ने बताया कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा का वोट प्रतिशत 19 प्रतिशत था। अब पंजाबी दिल से चाहते हैं कि एक बार भाजपा को मौका जरूर दिया जाए, लिहाजा साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को वे जीत का आशीर्वाद जरूर देंगे। साल 2019 के लोकसभा में यह वोट प्रतिशत 9.7 प्रतिशत और साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 8.8 प्रतिशत था।