पटियाला: विधानसभा चुनाव हारने वाले अमरिंदर सिंह संन्यास लेंगे या नहीं...बेहद करीबी नेता ने खुलासा कर दिया
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने 80वें जन्मदिन पर भी पटियाला नहीं पहुंचे। इस कारण उनके आवास मोती महल में सन्नाटा पसरा रहा। बताया जा रहा है कि कैप्टन ने शुक्रवार को सिसवां फार्म पर अपने करीबियों व समर्थकों के लिए जन्मदिन की पार्टी रखी थी।
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पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह को भले ही अपने गढ़ पटियाला में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी अजीतपाल सिंह कोहली के हाथों हार का सामना करना पड़ा लेकिन अभी कैप्टन रिटायरमेंट के मूड़ में नहीं हैं। अमर उजाला से बातचीत में पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) के प्रधान कैप्टन के करीबी व उनके सचिव (प्रेस) रहे विमल सुंबली ने कहा कि राजनेता के जीवन में हार व जीत लगी रहती है। इसका मतलब यह नहीं कि उनका कैरियर खत्म हो गया है।
आगे कहा कि कैप्टन की अभी रिटायरमेंट की कोई योजना नहीं है। वह राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय रहेंगे। उनकी पार्टी पंजाब में आने वाले स्थानीय निकाय और फिर लोकसभा चुनाव भी लड़ेगी। कैप्टन की हार पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों का सुनाया फैसला मंजूर है लेकिन इतना जरूर है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साढ़े चार साल बतौर सीएम अपने क्षेत्र पटियाला में 1800 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट की शुरुआत की। कैप्टन की हलके से गैरहाजिरी को लेकर विमल सुंबली ने कहा कि सीएम का काम सरकार चलाना है, बार-बार हलके में जाना नहीं।
कैप्टन ने बतौर सीएम अपना काम बखूबी ढंग से किया। चाहे वह अपने हलके में कम गए लेकिन वह पटियाला के डीसी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार हलके के विकास कार्यों को लेकर संपर्क में रहते थे। यही नहीं उनकी पत्नी सांसद परनीत कौर व बेटी जयइंद्र कौर हर विकास प्रोजेक्ट के चल रहे कामों का जायजा लेकर समय-समय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करती थीं। ऐसे में यह आरोप लगाना कि कैप्टन अपने हलके में नहीं गए, यह सब सियासी आरोप हैं।
पिता की राजनीतिक विरासत आगे बढ़ाएगी बेटी
पटियाला के शाही परिवार की राजनीतिक विरासत को कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद उनकी बेटी जयइंद्र कौर आगे बढ़ाएंगी। जयइंद्र कौर वर्तमान में पंजाब लोक कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। उन्हें दो दिन पहले ही पंजाब जाट महासभा की महिला विंग का प्रदेश प्रधान भी बनाया गया है, जबकि इस ओहदे पर जयइंद्र कौर से पहले नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू काबिज थीं।
जयइंद्र कौर में भविष्य का नेता देखते हैं पार्टी कार्यकर्ता: केके मल्होत्रा
पीएलसी जिला प्रधान केके मल्होत्रा ने कहा कि जयइंद्र कौर में सभी पीएलसी नेता व कार्यकर्ता अपना भविष्य का नेता देखते हैं। भले ही कैप्टन हार गए हैं लेकिन चुनाव प्रचार में जयइंद्र कौर को अच्छा रिस्पांस मिला। युवाओं में वह काफी लोकप्रिय हैं, जो आगे चलकर उनके राजनीतिक भविष्य के लिए फायदेमंद हैं।
पहले ही हार कर छवि की धूमिल: डॉ. सेखों
श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (अमृतसर) के राजनीतिक विज्ञान विभाग से सेवानिवृत्त डॉ. जगरूप सेखों का कहना है कि कैप्टन को अब अपनी बढ़ती उम्र को देखते हुए राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। अपने ही गढ़ से चुनाव हारकर कैप्टन अपनी छवि को धूमिल कर चुके हैं। हर बार यह कहकर वोटरों को भावुक करना कि मेरा यह आखिरी चुनाव है, यह पैंतरा अब पुराना हो गया है। वोटर अब काफी समझदार हो गए हैं। वह जातिवाद के चक्कर में नहीं फंसते है। लोगों ने इस बार पंजाब की राजनीति में बदलाव के लिए आप के पक्ष में वोट किया है।
जन्मदिन पर भी पटियाला नहीं पहुंचे कैप्टन
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने 80वें जन्मदिन पर भी पटियाला नहीं पहुंचे। इस कारण उनके आवास मोती महल में सन्नाटा पसरा रहा। बताया जा रहा है कि कैप्टन ने शुक्रवार को सिसवां फार्म पर अपने करीबियों व समर्थकों के लिए जन्मदिन की पार्टी रखी थी। इसमें पटियाला के उनके काफी समर्थक व कार्यकर्ता भी पहुंचे थे। साल 2017 में 11 मार्च को कैप्टन ने अपने जन्मदिन को दोगुने जश्न के साथ मोती महल में मनाया था। कैप्टन ने पंजाब में कांग्रेस व पटियाला में अपनी जीत का जश्न भी मनाया था। पांच साल बाद अब उसी तारीख पर मोती महल का दृश्य बिल्कुल बदला-बदला है। मोती महल में शुक्रवार को कैप्टन के जन्मदिन पर कोई जश्न नहीं मनाया गया।