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Chandigarh News: सीबीएसई ने किया स्पष्ट-10वीं में पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य
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चंडीगढ़। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने वर्ष 2026 से कक्षा 10 में आयोजित की जा रही दो बोर्ड परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। 14 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना में बोर्ड ने साफ किया है कि सभी विद्यार्थियों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा।
बोर्ड के अनुसार कुछ अनुरोध प्राप्त हुए थे जिनमें छात्रों ने पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहने की स्थिति में दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी थी। इस पर स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में शामिल नहीं होता है तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ऐसे छात्रों को एसेंशियल रिपीट श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगले वर्ष फरवरी में मुख्य परीक्षा दे सकेंगे। सीबीएसई ने यह भी बताया कि पहली परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से अधिकतम तीन मुख्य विषयों में अपने अंकों में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। इसके अलावा पहली परीक्षा में कंपार्टमेंट आने वाले छात्र दूसरी परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत शामिल हो सकते हैं।
कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं होगी और स्टैंड-अलोन विषयों में परीक्षा देने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी। दूसरी परीक्षा में शामिल होने की पात्रता इम्प्रूवमेंट, कंपार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट प्लस रिप्लेसमेंट जैसी निर्धारित श्रेणियों के अनुसार तय की जाएगी। सीबीएसई ने कहा है कि नीति के अनुरूप ही दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी और इस विषय पर प्राप्त किसी भी अन्य अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।
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बोर्ड के अनुसार कुछ अनुरोध प्राप्त हुए थे जिनमें छात्रों ने पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहने की स्थिति में दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी थी। इस पर स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में शामिल नहीं होता है तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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ऐसे छात्रों को एसेंशियल रिपीट श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगले वर्ष फरवरी में मुख्य परीक्षा दे सकेंगे। सीबीएसई ने यह भी बताया कि पहली परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से अधिकतम तीन मुख्य विषयों में अपने अंकों में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। इसके अलावा पहली परीक्षा में कंपार्टमेंट आने वाले छात्र दूसरी परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत शामिल हो सकते हैं।
कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं होगी और स्टैंड-अलोन विषयों में परीक्षा देने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी। दूसरी परीक्षा में शामिल होने की पात्रता इम्प्रूवमेंट, कंपार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट प्लस रिप्लेसमेंट जैसी निर्धारित श्रेणियों के अनुसार तय की जाएगी। सीबीएसई ने कहा है कि नीति के अनुरूप ही दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी और इस विषय पर प्राप्त किसी भी अन्य अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।