चैत्र नवरात्र 19 से: चंडीगढ़ के बाजारों में उमड़ी आस्था, 60 लाख तक पहुंचा पूजन सामग्री का कारोबार
चंडीगढ़ के व्यापारियों के अनुसार अभी तक केवल पूजन सामग्री में 40 से 60 लाख रुपये का कारोबार हो चुका है। जो घटस्थापना तक 70 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं फूल, फल, मिठाई और सजावट सामग्री को मिलाकर कुल कारोबार 1.5 से 2 करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है।
विस्तार
चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होने जा रहे हैं, लेकिन इससे पहले ही शहर के बाजारों में आस्था का रंग साफ नजर आने लगा है। मंगलवार को श्रद्धालुओं ने पूजन सामग्री की जमकर खरीदारी की।
चंडीगढ़ में अब तक चुनरी, नारियल और कलश सहित पूजन सामग्री में करीब 40 से 60 लाख रुपये का कारोबार हो चुका है। सेक्टर-17, सेक्टर-22, सेक्टर-26 और मनीमाजरा समेत प्रमुख बाजारों में सुबह से ही भीड़ उमड़ी रही है। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने पूजा की तैयारी के लिए आवश्यक सामान खरीदा। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई लोग सुबह जल्दी बाजार पहुंच गए ताकि भीड़ से बच सकें, जबकि शाम के समय बाजारों में अधिक रौनक रही।
खरीदारों का कहना है कि नवरात्र में हर घर में माता की स्थापना होती है, इसलिए चुनरी, नारियल, कलश, ज्योत और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी जरूरी होती है।
रेडीमेड पूजा किट बनी खास आकर्षण का केंद्र
इस बार बाजारों में रेडीमेड पूजा किट खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सेक्टर-22 के दुकानदार संजय के अनुसार एक ही पैकेट में पूरी सामग्री मिलने से लोगों को सुविधा हो रही है। वहीं, सेक्टर-34 के दुकानदार रोहित ने बताया कि पारंपरिक लाल-पीली चुनरियों के साथ कढ़ाईदार और गोटा-पट्टी वाली चुनरियों की मांग अधिक है। नारियल और मिट्टी-पीतल के कलश की बिक्री भी तेजी से बढ़ी है।
पालकी पर आएंगी मां दुर्गा, हाथी पर होगी विदाई
इस बार चैत्र नवरात्र में माता रानी पालकी पर सवार होकर आ रही है। मां दुर्गा की विदाई हाथी पर होगी। मां दुर्गा का वाहन सिंह होता है लेकिन जब माता रानी नवरात्रि में पृथ्वीलोक पर आती हैं, तब उनकी सवारी बदल जाती है। यह सुख-समद्धि का शुभ संकेत है। यह कहना है सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी और श्री देवालय पूजक परिषद के संरक्षक आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री का।
उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व है। चैत्र नवरात्रि को हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है। इन नौ पवित्र दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का अवसर है। सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। चैत्र नवरात्रि 19 से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी। इस बार नवरात्र नौ दिनों की होगी।
19 मार्च को नवरात्र प्रारंभ
ईश्वर चंद्र शास्त्री के अनुसार, यदि प्रतिपदा तिथि का क्षय होकर उसकी अवधि एक मुहूर्त (48 मिनट) से कम रह जाए तो अमावस्या युक्त प्रतिपदा के दिन ही नवरात्र प्रारंभ कर घट स्थापना करने का शास्त्रों में निर्देश है। इसी आधार पर धर्मसिंधु के अनुसार इस वर्ष नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होगा। इस दिन सुबह 6:53 बजे प्रतिपदा तिथि शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:55 बजे तक रहेगी।
घटस्थापन व अखंड ज्योत प्रज्वलन के मुहूर्त
सुबह 6:53 से 8:15 बजे
अमृतकाल: 7:57 से 9:28 बजे
स्थिर लग्न: 9:12 से 11:05 बजे तक
शुभ चौघड़िया: सुबह 10:55 से दोपहर 12:20 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:50 से दोपहर 12:40 बजे तक
कैसे करें पूजन
जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित राम बहादुर मिश्र के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। कलश स्थापना कर अखंड दीपक प्रज्वलित करें। नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ, दुर्गा चालीसा और ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र का जाप करें। अन्य स्तोत्रों से भी मां दुर्गा की स्तुति करें। माता को लाल फूल, चुनरी, सिंदूर और भोग अर्पित करें तथा सुबह-शाम आरती करना न भूलें।