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कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट: पंजाब के 3.26 लाख किसानों ने नहीं कराई ई-केवाईसी, पीएम किसान योजना के लाभ से वंचित
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 18 Mar 2026 04:37 PM IST
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सार
पंजाब के 1,46,237 किसानों ने लैंड सीडिंग (भूमि सत्यापन) नहीं करवाया है। 46,106 किसानों ने बैंक में आधार सीडिंग नहीं कराई है जबकि 1,34,260 किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। 6,000 की वार्षिक किस्त पाने के लिए इन तीनों शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
PM Kisan Yojana
- फोटो : AdobeStock
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विस्तार
पंजाब के 3.26 लाख किसान पीएम किसान योजना के लाभ से वंचित हो गए हैं क्योंकि इन किसानों ने केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद ई-केवाईसी नहीं कराई है।
सूबे में पहले ही लाभार्थियों की संख्या में गिरावट से सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। सांसद हरसिमरत कौर ने बादल ने संसद में भी यह मुद्दा उठाया है।
रिपोर्ट के अनुसार योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र ने ई-केवाईसी जरूरी कर दी है बावजूद इसके प्रदेश में किसान ई-केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। सूबे के 1,46,237 किसानों ने लैंड सीडिंग (भूमि सत्यापन) नहीं करवाया है। 46,106 किसानों ने बैंक में आधार सीडिंग नहीं कराई है जबकि 1,34,260 किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। 6,000 की वार्षिक किस्त पाने के लिए इन तीनों शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
योजना के तहत भूमि सत्यापन और ई-केवाईसी से यह सुनिश्चित किया जाता है कि योजना का लाभ केवल पात्र, वास्तविक भूमि धारक किसानों को ही मिले, जिससे धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलती है। इसी तरह बैंक में आधार सीडिंग से किस्त की राशि सीधे खाते में जमा करवाने में मदद मिलती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में योजना के तहत 22वीं किस्त जारी की है लेकिन केवाईसी ने होने के चलते बड़े स्तर पर किसान योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने जवाब में बताया कि पंजाब में योजना के तहत दिसंबर 2019 से मार्च 2020 तक चौथी किस्त के तहत 23.01 लाख लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला था लेकिन 20वीं किस्त के तहत अप्रैल से जुलाई 2025 तक 11.34 लाख लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला है। सरकार ने समय-समय पर ई-केवाईसी अनिवार्य की है और लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी करने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत सरकार की तरफ से तीन किस्तों में 2-2 हजार रुपये की हर साल तीन किस्तें जारी की जाती हैं।
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सूबे में पहले ही लाभार्थियों की संख्या में गिरावट से सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। सांसद हरसिमरत कौर ने बादल ने संसद में भी यह मुद्दा उठाया है।
रिपोर्ट के अनुसार योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र ने ई-केवाईसी जरूरी कर दी है बावजूद इसके प्रदेश में किसान ई-केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। सूबे के 1,46,237 किसानों ने लैंड सीडिंग (भूमि सत्यापन) नहीं करवाया है। 46,106 किसानों ने बैंक में आधार सीडिंग नहीं कराई है जबकि 1,34,260 किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। 6,000 की वार्षिक किस्त पाने के लिए इन तीनों शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
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योजना के तहत भूमि सत्यापन और ई-केवाईसी से यह सुनिश्चित किया जाता है कि योजना का लाभ केवल पात्र, वास्तविक भूमि धारक किसानों को ही मिले, जिससे धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलती है। इसी तरह बैंक में आधार सीडिंग से किस्त की राशि सीधे खाते में जमा करवाने में मदद मिलती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में योजना के तहत 22वीं किस्त जारी की है लेकिन केवाईसी ने होने के चलते बड़े स्तर पर किसान योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं।
योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या कम होने पर स्थिति करें स्पष्ट : हरसिमरत
सांसद हरसिमरत कौर ने संसद में पूछा है कि योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या कम हो रही है। इसके पीछे जो भी कारण है उनकी जानकारी साझा की जानी चाहिए। यह भी बताया जाए कि सरकार ने योग्य लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए अब तक क्या प्रयास किए हैं।कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने जवाब में बताया कि पंजाब में योजना के तहत दिसंबर 2019 से मार्च 2020 तक चौथी किस्त के तहत 23.01 लाख लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला था लेकिन 20वीं किस्त के तहत अप्रैल से जुलाई 2025 तक 11.34 लाख लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला है। सरकार ने समय-समय पर ई-केवाईसी अनिवार्य की है और लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी करने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत सरकार की तरफ से तीन किस्तों में 2-2 हजार रुपये की हर साल तीन किस्तें जारी की जाती हैं।