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Chandigarh: नाइट क्लबों में आग के मुहाने पर होता है डिस्को, फायर सेफ्टी उल्लंघन पर शिकंजा; 83 इमारतों को नोटिस
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 19 May 2026 02:05 PM IST
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सार
मध्यमार्ग पर 100 से अधिक इमारतों में नाइट क्लब, पब, बार और रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकतर प्रतिष्ठान शोरूम के पीछे बने ओपन कोर्टयार्ड एरिया में चल रहे हैं जबकि एस्टेट ऑफिस के नियमों के अनुसार इन जगहों का इस्तेमाल केवल स्टोरेज और गोदाम के लिए किया जाना था।
चंडीगढ़ सेक्टर 26 डफेलो क्लब जिसमे पिछले दिनों आग लग गई थी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चंडीगढ़ की हाईप्रोफाइल नाइट लाइफ के केंद्र मध्यमार्ग पर यूटी प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। सेक्टर-7, 8, 9 और 26 में स्थित 83 इमारतों को बिल्डिंग वॉयलेशन, मिसयूज और फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी के आरोप में नोटिस जारी किए हैं।
डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर की इस कार्रवाई से शहर के नाइट क्लब, डिस्कोथेक, पब और बार संचालकों में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, मध्यमार्ग पर 100 से अधिक इमारतों में नाइट क्लब, पब, बार और रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकतर प्रतिष्ठान शोरूम के पीछे बने ओपन कोर्टयार्ड एरिया में चल रहे हैं जबकि एस्टेट ऑफिस के नियमों के अनुसार इन जगहों का इस्तेमाल केवल स्टोरेज और गोदाम के लिए किया जाना था। समय के साथ कई रसूखदार कारोबारियों ने यहां अवैध निर्माण कर लिए और फायर सेफ्टी मानकों को दरकिनार कर आलीशान आउटलेट्स खोल दिए।
हाल ही में सेक्टर-26 के डेफलो क्लब में लगी भीषण आग के बाद प्रशासन हरकत में आया। इससे पहले भी मध्यमार्ग के कई क्लबों और बार में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं लेकिन सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी होती रही। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कई इमारतों में फायर एग्जिट तक नहीं हैं जबकि अधिकांश स्थानों पर केवल एक एंट्री और एग्जिट पॉइंट है। किसी भी आपात स्थिति में यह बड़ा हादसा साबित हो सकता है।
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वहीं सेक्टर-26 में अमर फूड प्लाजा, रैबडिट्टा कॉरपोरेट्स (काला घोड़ा), सैंस फूड, रेड चिली फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, एसके हॉस्पिटैलिटी, अलोहा इंटरनेशनल ब्रूपब और मनीमाजरा के होटल सॉलिटेयर के पास भी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट उपलब्ध हैं लेकिन अन्य नियमों के उल्लंघन को लेकर इन पर कार्रवाई जारी है। इसके अलावा सिप एन डाइन सेक्टर-7, ब्लैड हॉस्पिटैलिटी (डेफलो), आनंदा हॉस्पिटैलिटी और एब्सोल्यूट बारबेक्यूज प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-26 के मामले अभी प्रक्रिया में हैं।
डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर की इस कार्रवाई से शहर के नाइट क्लब, डिस्कोथेक, पब और बार संचालकों में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, मध्यमार्ग पर 100 से अधिक इमारतों में नाइट क्लब, पब, बार और रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकतर प्रतिष्ठान शोरूम के पीछे बने ओपन कोर्टयार्ड एरिया में चल रहे हैं जबकि एस्टेट ऑफिस के नियमों के अनुसार इन जगहों का इस्तेमाल केवल स्टोरेज और गोदाम के लिए किया जाना था। समय के साथ कई रसूखदार कारोबारियों ने यहां अवैध निर्माण कर लिए और फायर सेफ्टी मानकों को दरकिनार कर आलीशान आउटलेट्स खोल दिए।
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हाल ही में सेक्टर-26 के डेफलो क्लब में लगी भीषण आग के बाद प्रशासन हरकत में आया। इससे पहले भी मध्यमार्ग के कई क्लबों और बार में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं लेकिन सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी होती रही। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कई इमारतों में फायर एग्जिट तक नहीं हैं जबकि अधिकांश स्थानों पर केवल एक एंट्री और एग्जिट पॉइंट है। किसी भी आपात स्थिति में यह बड़ा हादसा साबित हो सकता है।
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फायर सेफ्टी नियमों की खुलेआम अनदेखी
एस्टेट ऑफिस की रिपोर्ट में सामने आया है कि कई प्रतिष्ठानों ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट का रिन्यू तक नहीं कराया। इसके बावजूद एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग हर साल इनके बार लाइसेंस नवीनीकृत करता रहा। रिपोर्ट के अनुसार 20 से ज्यादा नामी क्लब, बार और रेस्टोरेंट ऐसे हैं जहां फायर सेफ्टी और बिल्डिंग नियमों को लेकर कार्रवाई चल रही है। सेक्टर-7 स्थित वर्जिन कोर्टयार्ड, दास्तान और द कॉटेज के पास वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट हैं।वहीं सेक्टर-26 में अमर फूड प्लाजा, रैबडिट्टा कॉरपोरेट्स (काला घोड़ा), सैंस फूड, रेड चिली फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, एसके हॉस्पिटैलिटी, अलोहा इंटरनेशनल ब्रूपब और मनीमाजरा के होटल सॉलिटेयर के पास भी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट उपलब्ध हैं लेकिन अन्य नियमों के उल्लंघन को लेकर इन पर कार्रवाई जारी है। इसके अलावा सिप एन डाइन सेक्टर-7, ब्लैड हॉस्पिटैलिटी (डेफलो), आनंदा हॉस्पिटैलिटी और एब्सोल्यूट बारबेक्यूज प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-26 के मामले अभी प्रक्रिया में हैं।