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चंडीगढ़ में ट्रैफिक पुलिस चौकन्नी: कई महीनों की ढील के बाद 16 दिन में 6698 मैनुअल चालान, बढ़ते अपराध पर सख्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 11 Apr 2026 08:20 AM IST
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सार
चंडीगढ़ में 23 मार्च से 8 अप्रैल के बीच ट्रैफिक पुलिस ने 6698 मैनुअल चालान किए जबकि 757 वाहनों को जब्त किया गया। 28 मार्च से ड्रंकन ड्राइविंग के खिलाफ विशेष नाके शुरू किए गए, जिनमें 177 चालान शराब पीकर वाहन चलाने वालों के किए गए।
Chandigarh traffic police
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच ट्रैफिक पुलिस चौकन्नी हो गई है। कई महीनों तक मैनुअल चालान और वाहनों की चेकिंग में ढील देने के बाद विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है, जिसका सीधा असर अपराध पर भी देखने को मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार पिछले करीब 2-3 महीनों तक ट्रैफिक पुलिस ने न तो वाहनों को रोककर जांच की और न ही मैनुअल चालान काटे। अधिकारियों के स्तर पर भी चालान न करने को लेकर सख्त हिदायतें थीं, जिसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व बेखौफ सड़कों पर घूमते रहे। इस दौरान शहर में तेजी से आपराधिक वारदातें बढ़ी।
17 मार्च को पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, 18 मार्च को सेक्टर-9 में चमनप्रीत उर्फ चिन्नी की हत्या और 22 मार्च को सेक्टर-38 में युवक पर फायरिंग के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए। इसके बाद थाना पुलिस को 24 घंटे नाके लगाने और सघन चेकिंग करने के आदेश दिए गए।
23 मार्च से 8 अप्रैल के बीच ट्रैफिक पुलिस ने 6698 मैनुअल चालान किए जबकि 757 वाहनों को जब्त किया गया। 28 मार्च से ड्रंकन ड्राइविंग के खिलाफ विशेष नाके शुरू किए गए, जिनमें 177 चालान शराब पीकर वाहन चलाने वालों के किए गए। पिछले कई महीनों से ड्रंकन ड्राइविंग नाके नहीं लग रहे थे। सूत्रों ने बताया कि नए साल और होली पर ड्रंकन ड्राइविंग नाके लगे थे लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने वाहन चालकों के चालान करने से मना किया हुआ था। होली के दिन कई बार वायरसेल सेट पर मैसेज फ्लैश किया गया कि किसी भी वाहन चालक को नहीं रोकना है जबकि पूरे शहर में नाके लगे हुए थे।
शहर में हर थाना क्षेत्र में दो और चौकी क्षेत्र में एक नाका लगाया जा रहा है। इन नाकों पर वाहनों की गहन जांच की जा रही है। संदिग्ध नंबर प्लेट, टेप या फिल्म लगी गाड़ियां या नंबर में गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सख्ती से अब रोजाना 3-4 वाहन चोरी की घटनाएं सामने आती थीं, वहीं, अब तीन दिनों में सिर्फ दो मामले ही दर्ज हुए हैं। इसके अलावा झपटमारी और चोरी की वारदातों में भी कमी आई है।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए ड्रंकन ड्राइविंग नाके लगाए जा रहे हैं। -सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी
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सूत्रों के अनुसार पिछले करीब 2-3 महीनों तक ट्रैफिक पुलिस ने न तो वाहनों को रोककर जांच की और न ही मैनुअल चालान काटे। अधिकारियों के स्तर पर भी चालान न करने को लेकर सख्त हिदायतें थीं, जिसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व बेखौफ सड़कों पर घूमते रहे। इस दौरान शहर में तेजी से आपराधिक वारदातें बढ़ी।
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17 मार्च को पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, 18 मार्च को सेक्टर-9 में चमनप्रीत उर्फ चिन्नी की हत्या और 22 मार्च को सेक्टर-38 में युवक पर फायरिंग के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए। इसके बाद थाना पुलिस को 24 घंटे नाके लगाने और सघन चेकिंग करने के आदेश दिए गए।
23 मार्च से 8 अप्रैल के बीच ट्रैफिक पुलिस ने 6698 मैनुअल चालान किए जबकि 757 वाहनों को जब्त किया गया। 28 मार्च से ड्रंकन ड्राइविंग के खिलाफ विशेष नाके शुरू किए गए, जिनमें 177 चालान शराब पीकर वाहन चलाने वालों के किए गए। पिछले कई महीनों से ड्रंकन ड्राइविंग नाके नहीं लग रहे थे। सूत्रों ने बताया कि नए साल और होली पर ड्रंकन ड्राइविंग नाके लगे थे लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने वाहन चालकों के चालान करने से मना किया हुआ था। होली के दिन कई बार वायरसेल सेट पर मैसेज फ्लैश किया गया कि किसी भी वाहन चालक को नहीं रोकना है जबकि पूरे शहर में नाके लगे हुए थे।
शहर में हर थाना क्षेत्र में दो और चौकी क्षेत्र में एक नाका लगाया जा रहा है। इन नाकों पर वाहनों की गहन जांच की जा रही है। संदिग्ध नंबर प्लेट, टेप या फिल्म लगी गाड़ियां या नंबर में गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सख्ती से अब रोजाना 3-4 वाहन चोरी की घटनाएं सामने आती थीं, वहीं, अब तीन दिनों में सिर्फ दो मामले ही दर्ज हुए हैं। इसके अलावा झपटमारी और चोरी की वारदातों में भी कमी आई है।
81 दिन तक नहीं काटा एक भी मैनुअल चालान
पुलिस सूत्रों के अनुसार 1 जनवरी से 22 मार्च तक ट्रैफिक पुलिस ने एक भी मैनुअल चालान नहीं किया। करीब 81 दिन तक मैनुअल चालान पूरी तरह बंद रहे। हालांकि थाना पुलिस ने अपने स्तर पर 3255 चालान किए।ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए ड्रंकन ड्राइविंग नाके लगाए जा रहे हैं। -सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी