सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Dismissal Without Valid Cause High Court Quashes Three Decade Old Order  Relief for Two Engineers

बिना ठोस कारण के बर्खास्तगी: तीन दशक पुराने आदेश को हाईकोर्ट ने किया रद्द, दो इंजीनियरों को राहत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Sat, 11 Apr 2026 09:01 AM IST
विज्ञापन
सार

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेवा से हटाने का अधिकार प्रशासनिक होते हुए भी अर्ध-न्यायिक होता है। प्राधिकरण को आरोप, साक्ष्यों और आपत्तियों का सही विश्लेषण करना आवश्यक था, जो नहीं हुआ।

Dismissal Without Valid Cause High Court Quashes Three Decade Old Order  Relief for Two Engineers
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 1.22 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान मामले में 1999 में पारित तीन दशक पुराने बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दो इंजीनियरों को बड़ी राहत दी है।
Trending Videos


कोर्ट ने पाया कि बर्खास्तगी के पीछे ठोस कारण नहीं थे और आदेश न्यायिक मानकों पर खरा नहीं उतरता।

जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा कि मामला लंबे समय से लंबित था और याचिकाकर्ता अब अपने जीवन के संध्याकाल में हैं। कोर्ट ने कहा कि उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को सुनवाई का मौका दिया जाए और छह हफ्ते में नया निर्णय लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिकाएं होशियारपुर के सेंट्रल वर्क्स डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शिंगार चंद और एमएस ग्रेवाल ने दायर की थीं। दोनों अधिकारी ब्यास नदी पर उच्च स्तरीय पुल के एप्रोच रोड निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे थे। छह रनिंग बिलों में लगभग 1.22 करोड़ रुपये के अधिक भुगतान का आरोप लगा जिसके आधार पर दिसंबर 1995 में उन्हें निलंबित किया गया और मई 1999 में बर्खास्त कर दिया गया।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेवा से हटाने का अधिकार प्रशासनिक होते हुए भी अर्ध-न्यायिक होता है। प्राधिकरण को आरोप, साक्ष्यों और आपत्तियों का सही विश्लेषण करना आवश्यक था, जो नहीं हुआ। हालांकि, अदालत ने कहा कि दोनों अधिकारी अब सेवानिवृत्ति की आयु पार कर चुके हैं, इसलिए उनकी बहाली का प्रश्न अप्रासंगिक हो गया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed