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Chandigarh News: दशहरे तक जगमग होंगी शहर की सड़कें, 55 हजार स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत में जुटा निगम
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95 फीसदी लाइटें चालू करने का लक्ष्य, लेकिन पुराने एलईडी बल्बों की वजह से रोशनी रहेगी कम; नई कंपनी के चयन तक वैकल्पिक व्यवस्था
55 फीसदी स्ट्रीट लाइटें मिली थीं बंद, इलेक्ट्रिकल विंग ने 1.05 करोड़ के तीन टेंडर से खरीदा मरम्मत का सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। शहर की अंधेरी सड़कों को दशहरे तक रोशन करने के लिए नगर निगम ने मरम्मत अभियान तेज कर दिया है। निगम के इलेक्ट्रिकल विंग की ओर से शहर की करीब 55 हजार स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जा रहा है। लक्ष्य है कि दशहरे तक 95 फीसदी लाइटें चालू हो जाएं ताकि त्योहारों के सीजन में लोगों को सड़कों पर अंधेरे का सामना न करना पड़े। हालांकि, लाइटें चालू होने के बावजूद रोशनी कम रहने की आशंका है, क्योंकि एलईडी बल्ब अपनी निर्धारित समय सीमा से एक साल अधिक चल चुके हैं।
55 फीसदी लाइटें मिली थीं बंद
नगर निगम के चीफ इंजीनियर की ओर से पिछले महीने कराए गए सर्वे में शहर की करीब 55 फीसदी स्ट्रीट लाइटें बंद मिली थीं। इनमें ज्यादातर लाइटों के कॉन्टैक्टर या ड्राइवर खराब थे, जबकि एलईडी बल्ब खराब होने के मामले कम मिले। इसके बाद मरम्मत के लिए सामान खरीदने के उद्देश्य से 35-35 लाख रुपये के तीन टेंडर जारी किए गए। टेंडर आवंटित होने के बाद कंपनियों ने कॉन्टैक्टर, ड्राइवर और एलईडी बल्ब उपलब्ध कराए।
सामान मिलने के बाद इलेक्ट्रिकल विंग की सभी सब-डिवीजनों ने वीरवार से मरम्मत का काम शुरू कर दिया। शनिवार और रविवार को भी कर्मचारी सड़कों पर लाइटें दुरुस्त करने में जुटे रहे। निगम के चीफ इंजीनियर ने दशहरे तक लाइटों को चालू करने का लक्ष्य दिया है। इससे त्योहारों के दौरान प्रमुख सड़कों पर अंधेरा कम होने और दोपहिया वाहन चालकों व पैदल चलने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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नई कंपनी आने तक पुरानी व्यवस्था से चलेगा काम
शहर की स्ट्रीट लाइटों के संचालन और रखरखाव के लिए नई कंपनी का चयन होना है। प्रस्तावित व्यवस्था में 55 हजार स्ट्रीट लाइटों के ऑन-ऑफ सिस्टम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ने के साथ नई एलईडी लाइटें लगाई जानी हैं। अलग-अलग सड़कों पर जरूरत के अनुसार अलग-अलग वॉट की लाइटें लगाने की योजना है।
इसका टेंडर अभी प्रक्रिया में है। प्री-बिड बैठक में 25 कंपनियों ने 145 सवाल उठाए थे, जिनका समाधान किया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। निगम ज्वाइंट वेंचर वाली कंपनी को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल में शामिल नहीं कर रहा है। नई कंपनी की नियुक्ति होने तक पुरानी लाइटों की मरम्मत के जरिए व्यवस्था चलाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, पुराने एलईडी बल्बों की वजह से सड़कों पर रोशनी अपेक्षाकृत कम रह सकती है।
कोट
शहर की स्ट्रीट लाइट की रिपेयर का काम चल रहा है। दशहरा तक पूरी स्ट्रीट लाइट चालू हो जाएंगी। शहरवासियों को फेस्टिवल सीजन में सड़कों पर रोशनी मिलेगी। अब सड़कों पर हुआ अंधेरा दूर हो जाएगा। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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55 फीसदी स्ट्रीट लाइटें मिली थीं बंद, इलेक्ट्रिकल विंग ने 1.05 करोड़ के तीन टेंडर से खरीदा मरम्मत का सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। शहर की अंधेरी सड़कों को दशहरे तक रोशन करने के लिए नगर निगम ने मरम्मत अभियान तेज कर दिया है। निगम के इलेक्ट्रिकल विंग की ओर से शहर की करीब 55 हजार स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जा रहा है। लक्ष्य है कि दशहरे तक 95 फीसदी लाइटें चालू हो जाएं ताकि त्योहारों के सीजन में लोगों को सड़कों पर अंधेरे का सामना न करना पड़े। हालांकि, लाइटें चालू होने के बावजूद रोशनी कम रहने की आशंका है, क्योंकि एलईडी बल्ब अपनी निर्धारित समय सीमा से एक साल अधिक चल चुके हैं।
55 फीसदी लाइटें मिली थीं बंद
नगर निगम के चीफ इंजीनियर की ओर से पिछले महीने कराए गए सर्वे में शहर की करीब 55 फीसदी स्ट्रीट लाइटें बंद मिली थीं। इनमें ज्यादातर लाइटों के कॉन्टैक्टर या ड्राइवर खराब थे, जबकि एलईडी बल्ब खराब होने के मामले कम मिले। इसके बाद मरम्मत के लिए सामान खरीदने के उद्देश्य से 35-35 लाख रुपये के तीन टेंडर जारी किए गए। टेंडर आवंटित होने के बाद कंपनियों ने कॉन्टैक्टर, ड्राइवर और एलईडी बल्ब उपलब्ध कराए।
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सामान मिलने के बाद इलेक्ट्रिकल विंग की सभी सब-डिवीजनों ने वीरवार से मरम्मत का काम शुरू कर दिया। शनिवार और रविवार को भी कर्मचारी सड़कों पर लाइटें दुरुस्त करने में जुटे रहे। निगम के चीफ इंजीनियर ने दशहरे तक लाइटों को चालू करने का लक्ष्य दिया है। इससे त्योहारों के दौरान प्रमुख सड़कों पर अंधेरा कम होने और दोपहिया वाहन चालकों व पैदल चलने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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नई कंपनी आने तक पुरानी व्यवस्था से चलेगा काम
शहर की स्ट्रीट लाइटों के संचालन और रखरखाव के लिए नई कंपनी का चयन होना है। प्रस्तावित व्यवस्था में 55 हजार स्ट्रीट लाइटों के ऑन-ऑफ सिस्टम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ने के साथ नई एलईडी लाइटें लगाई जानी हैं। अलग-अलग सड़कों पर जरूरत के अनुसार अलग-अलग वॉट की लाइटें लगाने की योजना है।
इसका टेंडर अभी प्रक्रिया में है। प्री-बिड बैठक में 25 कंपनियों ने 145 सवाल उठाए थे, जिनका समाधान किया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। निगम ज्वाइंट वेंचर वाली कंपनी को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल में शामिल नहीं कर रहा है। नई कंपनी की नियुक्ति होने तक पुरानी लाइटों की मरम्मत के जरिए व्यवस्था चलाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, पुराने एलईडी बल्बों की वजह से सड़कों पर रोशनी अपेक्षाकृत कम रह सकती है।
कोट
शहर की स्ट्रीट लाइट की रिपेयर का काम चल रहा है। दशहरा तक पूरी स्ट्रीट लाइट चालू हो जाएंगी। शहरवासियों को फेस्टिवल सीजन में सड़कों पर रोशनी मिलेगी। अब सड़कों पर हुआ अंधेरा दूर हो जाएगा। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम