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Chandigarh News: 30 मेगावॉट बिजली बनाने का दावा, डिग्गियां एसटीपी में एक यूनिट भी नहीं बनी
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चंडीगढ़। 30 मेगावॉट बिजली उत्पादन की गारंटी के साथ अपग्रेड किए गए डिग्गियां, मोहाली के सबसे बड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में अब तक बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है। 432.60 करोड़ की लागत से हुए अपग्रेडेशन के बावजूद प्लांट को चलाने के लिए बिजली बाहर से लेनी पड़ रही है और इसका बिल नगर निगम को भरना पड़ रहा है। सबसे अहम बात यह है कि निगम की ओर से गठित जांच कमेटी को हालिया निरीक्षण में प्लांट में पावर जनरेशन होती नहीं मिली। कमेटी को बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड) समेत प्लांट के प्रदर्शन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में भी पूरी संतुष्टि नहीं मिली। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट निगम कमिश्नर को सौंप दी है।
मामला तब सामने आया जब कंपनी ने पिछले साल नगर निगम से ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएंडएम) के लिए 20 करोड़ रुपये मांगे। 31 जुलाई को निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद प्लांट की स्थिति जांचने के लिए कमेटी गठित की। निरीक्षण में बिजली उत्पादन नहीं मिलने के साथ अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की गई।
बिजली उत्पादन की शर्त पर एलएंडटी को मिला था काम
डिग्गियां एसटीपी के अपग्रेडेशन के लिए चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने वर्ष 2020 में 499.39 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट निकाला था। इसमें दो साल में काम पूरा करने, एक साल ट्रायल रन और इसके बाद 15 साल तक ओएंडएम की शर्त थी। एलएंडटी ने 432.60 करोड़ रुपये में काम लिया था। प्रोजेक्ट में 30 मेगावॉट बिजली उत्पादन की शर्त एलएंडटी ने स्वीकार की थी जबकि तीन अन्य कंपनियां यह शर्त पूरी नहीं कर पाई थीं। इसी आधार पर एलएंडटी तकनीकी रूप से योग्य हुई और सितंबर 2020 में काम अलॉट किया गया।
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दो साल का काम तीन साल में पूरा
कंपनी ने दिसंबर 2020 में काम शुरू किया और इसे 31 अगस्त 2022 तक पूरा करना था। हालांकि अपग्रेडेशन अक्तूबर 2023 में पूरा हुआ। इसके बाद एक साल का ट्रायल रन होना था। अक्तूबर 2024 से ओएंडएम का खर्च निगम को उठाना था लेकिन पावर जनरेशन और प्लांट के प्रदर्शन पर सवालों के बीच कंपनी की तकनीकी लायबिलिटी छह माह और बढ़ा दी गई।
कंपनी बोली-सीवर का पानी कम आ रहा
निगम पब्लिक हेल्थ विंग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर योगेश अग्रवाल ने बताया कि कंपनी पावर जनरेशन नहीं होने की वजह प्लांट में कम सीवर पानी आना बता रही है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि टेंडर की शर्त के अनुसार पर्याप्त सीवर पानी उपलब्ध पाया गया तो कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
स्मार्ट सिटी बंद, अब निगम पर पांचों एसटीपी का बोझ
स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने शहर के पांचों एसटीपी का अपग्रेडेशन कराया था। कैपेक्स लागत स्मार्ट सिटी ने खर्च की जबकि 15 साल के ओएंडएम की जिम्मेदारी नगर निगम पर डाली गई। स्मार्ट सिटी मार्च 2025 में बंद हो चुकी है।
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मामला तब सामने आया जब कंपनी ने पिछले साल नगर निगम से ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएंडएम) के लिए 20 करोड़ रुपये मांगे। 31 जुलाई को निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद प्लांट की स्थिति जांचने के लिए कमेटी गठित की। निरीक्षण में बिजली उत्पादन नहीं मिलने के साथ अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की गई।
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बिजली उत्पादन की शर्त पर एलएंडटी को मिला था काम
डिग्गियां एसटीपी के अपग्रेडेशन के लिए चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने वर्ष 2020 में 499.39 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट निकाला था। इसमें दो साल में काम पूरा करने, एक साल ट्रायल रन और इसके बाद 15 साल तक ओएंडएम की शर्त थी। एलएंडटी ने 432.60 करोड़ रुपये में काम लिया था। प्रोजेक्ट में 30 मेगावॉट बिजली उत्पादन की शर्त एलएंडटी ने स्वीकार की थी जबकि तीन अन्य कंपनियां यह शर्त पूरी नहीं कर पाई थीं। इसी आधार पर एलएंडटी तकनीकी रूप से योग्य हुई और सितंबर 2020 में काम अलॉट किया गया।
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दो साल का काम तीन साल में पूरा
कंपनी ने दिसंबर 2020 में काम शुरू किया और इसे 31 अगस्त 2022 तक पूरा करना था। हालांकि अपग्रेडेशन अक्तूबर 2023 में पूरा हुआ। इसके बाद एक साल का ट्रायल रन होना था। अक्तूबर 2024 से ओएंडएम का खर्च निगम को उठाना था लेकिन पावर जनरेशन और प्लांट के प्रदर्शन पर सवालों के बीच कंपनी की तकनीकी लायबिलिटी छह माह और बढ़ा दी गई।
कंपनी बोली-सीवर का पानी कम आ रहा
निगम पब्लिक हेल्थ विंग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर योगेश अग्रवाल ने बताया कि कंपनी पावर जनरेशन नहीं होने की वजह प्लांट में कम सीवर पानी आना बता रही है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि टेंडर की शर्त के अनुसार पर्याप्त सीवर पानी उपलब्ध पाया गया तो कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
स्मार्ट सिटी बंद, अब निगम पर पांचों एसटीपी का बोझ
स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने शहर के पांचों एसटीपी का अपग्रेडेशन कराया था। कैपेक्स लागत स्मार्ट सिटी ने खर्च की जबकि 15 साल के ओएंडएम की जिम्मेदारी नगर निगम पर डाली गई। स्मार्ट सिटी मार्च 2025 में बंद हो चुकी है।