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जुर्माने की जगह सफाई सेवा : कचरा नियम तोड़ने वालों को नगर निगम का नया विकल्प
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चंडीगढ़। नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने और अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) उपनियम-2018 का उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माने के बजाय सामुदायिक स्वच्छता सेवा करने का विकल्प दिया जा रहा है।
नई व्यवस्था के अनुसार जो लोग आर्थिक या व्यक्तिगत कारणों से जुर्माना भरने में असमर्थ हैं, वे नगर निगम से संपर्क कर सामुदायिक सफाई कार्य करने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए आवेदक को लिखित में यह देना होगा कि वह स्वास्थ्य अधिकारी (एमओएच) विंग की निगरानी में सौंपे गए स्वच्छता कार्य को ईमानदारी से पूरा करेगा।
कार्य की प्रकृति और अवधि क्षेत्र की जरूरत के अनुसार तय की जाएगी। इसमें कचरा उठाना, झाड़ू लगाना और सामान्य सफाई गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। इन कार्यों की निगरानी क्षेत्रीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक और स्वच्छता निरीक्षक करेंगे। इस पहल के तहत सेक्टर-25 के एक निवासी पर दिसंबर में 13,401 रुपये का चालान किया गया था। उन्होंने अपने इलाके में सफाई कार्य कर जुर्माने से राहत पाने का विकल्प चुना। इस मामले की सफलता के बाद सेक्टर-25 और सेक्टर-8 के दो-दो अन्य निवासियों ने भी 14,071 रुपये के चालान के बदले सामुदायिक सेवा करना स्वीकार किया।
सेक्टर-25 के निवासी ने औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित बूचड़खाने में सफाई की जबकि सेक्टर-8 के निवासी ने अपने क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। सभी गतिविधियों को स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों की निगरानी में पूरा कराया गया और उनकी रिपोर्ट फोटो व दस्तावेजों के साथ तैयार की गई। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि यह पहल जुर्माने से बचने का आसान रास्ता नहीं है। फील्ड स्टाफ द्वारा सत्यापित कार्य पूर्णता रिपोर्ट मिलने और सेवा की गुणवत्ता से संतुष्ट होने के बाद ही चालान में छूट या समझौते पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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नई व्यवस्था के अनुसार जो लोग आर्थिक या व्यक्तिगत कारणों से जुर्माना भरने में असमर्थ हैं, वे नगर निगम से संपर्क कर सामुदायिक सफाई कार्य करने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए आवेदक को लिखित में यह देना होगा कि वह स्वास्थ्य अधिकारी (एमओएच) विंग की निगरानी में सौंपे गए स्वच्छता कार्य को ईमानदारी से पूरा करेगा।
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कार्य की प्रकृति और अवधि क्षेत्र की जरूरत के अनुसार तय की जाएगी। इसमें कचरा उठाना, झाड़ू लगाना और सामान्य सफाई गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। इन कार्यों की निगरानी क्षेत्रीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक और स्वच्छता निरीक्षक करेंगे। इस पहल के तहत सेक्टर-25 के एक निवासी पर दिसंबर में 13,401 रुपये का चालान किया गया था। उन्होंने अपने इलाके में सफाई कार्य कर जुर्माने से राहत पाने का विकल्प चुना। इस मामले की सफलता के बाद सेक्टर-25 और सेक्टर-8 के दो-दो अन्य निवासियों ने भी 14,071 रुपये के चालान के बदले सामुदायिक सेवा करना स्वीकार किया।
सेक्टर-25 के निवासी ने औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित बूचड़खाने में सफाई की जबकि सेक्टर-8 के निवासी ने अपने क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। सभी गतिविधियों को स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों की निगरानी में पूरा कराया गया और उनकी रिपोर्ट फोटो व दस्तावेजों के साथ तैयार की गई। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि यह पहल जुर्माने से बचने का आसान रास्ता नहीं है। फील्ड स्टाफ द्वारा सत्यापित कार्य पूर्णता रिपोर्ट मिलने और सेवा की गुणवत्ता से संतुष्ट होने के बाद ही चालान में छूट या समझौते पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।