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नकली थानेदार, असली वारदात: CTU कैश ब्रांच से 13.13 लाख उड़ाकर फरार, शातिर ने गिनाए अधिकारियों के नाम
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 28 Jan 2026 06:29 AM IST
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सार
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 के सीटीयू बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते एक शातिर बदमाश पुलिस की वर्दी पहनकर बॉक्स ब्रांच और कैश ब्रांच से 13 लाख 13 हजार रुपये की नकदी लेकर भाग निकला।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की कैश ब्रांच में फिल्मी अंदाज में लूट की बड़ी वारदात हुई है। सेक्टर-17 के सीटीयू बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते एक शातिर बदमाश पुलिस की वर्दी पहनकर बॉक्स ब्रांच और कैश ब्रांच से 13 लाख 13 हजार रुपये की नकदी लेकर भाग निकला। आरोपी ने खुद को थानेदार बताते हुए देर रात करीब तीन बजे सुरक्षाकर्मी को झांसे में लिया और महज 15 मिनट में वारदात को अंजाम देकर आराम से चला गया। हैरानी की बात है कि जिस जगह चोरी हुई, उसके ठीक सामने बस स्टैंड पुलिस चौकी है।
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आरोपी पूरी पुलिस वर्दी, जूते और सख्त पुलिसिया अंदाज में कैश ब्रांच पहुंचा। उसने नकली जांच का बहाना बनाया और सुरक्षाकर्मी को भरोसे में लेने के लिए सीटीयू के डायरेक्टर प्रद्युम्न सिंह, बॉक्स इंचार्ज सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लिए। पुलिस की वर्दी और अधिकारियों के नाम सुनकर सुरक्षाकर्मी को उस पर कोई शक नहीं हुआ और उसने गेट खोल दिया।
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अंदर घुसते ही आरोपी ने कैश ब्रांच की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान जैसे ही सुरक्षाकर्मी दूसरे कमरे में गया, आरोपी ने उसे कमरे में बंद कर बाहर से कुंडी लगा दी। सुरक्षाकर्मी का मोबाइल फोन भी बाहर ही रह गया, जिससे वह किसी को सूचना नहीं दे सका। इसके बाद आरोपी ने अलमारी के पास रखी चाबी से लॉक खोला और लॉकर से 13.13 लाख रुपये की नकदी बैग में भर ली। वारदात कर निकल गया।
सुबह करीब साढ़े चार बजे जब सीटीयू की एक महिला कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंची तो सुरक्षाकर्मी बाहर नजर नहीं आया। अंदर जाकर देखा तो वह कमरे में बंद था और बाहर से कुंडी लगी हुई थी। दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद सेक्टर-17 थाना प्रभारी रोहित कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने से पुलिस को शुरुआती जांच में दिक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि, आसपास लगे कैमरों की फुटेज में आरोपी कैद हो गया है। फुटेज में आरोपी ग्रे रंग की मंकी कैप पहने हुए, हाथ में बैग और हेलमेट लिए हुए दिखाई दे रहा है। उसने लाल रंग के जूते पहन रखे हैं। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान और मूवमेंट का रूट ट्रेस कर रही है।
इस वारदात ने सीटीयू बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को इतनी सटीक जानकारी कैसे मिली कि किस डिपो का कितना कैश बॉक्स ब्रांच में रखा है, लॉकर खराब है और उसकी चाबी कहां रहती है। पूरे मामले में अंदरूनी मिलीभगत की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा रहा है।
अफसरों के नाम जानता था आरोपी
आरोपी ने खुद को थानेदार बताते हुए सीटीयू डायरेक्टर प्रद्युम्न सिंह, बॉक्स इंचार्ज और अन्य अधिकारियों के नाम लिए। इससे सुरक्षा कर्मी पूरी तरह भरोसे में आ गया और आरोपी को बिना किसी रोक-टोक के अंदर जाने दिया।
सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग
हालांकि कैश ब्रांच के बाहर कैमरे नहीं थे लेकिन आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपी कैद हो गया। फुटेज में उसकी वेशभूषा और गतिविधियां साफ नजर आ रही हैं, जिनके आधार पर पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
तीन महीने से खराब था लॉकर
सूत्रों के मुताबिक जिस अलमारी से नकदी चोरी हुई, वह लॉकर पिछले तीन महीनों से खराब था और उसमें ताला नहीं लगता था। अलमारी की चाबी भी पास में ही रखी रहती थी। आरोपी को इस पूरी व्यवस्था की पहले से जानकारी होने की आशंका जताई जा रही है।
मिलीभगत की आशंका, कई एंगल से जांच
पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी को अंदरूनी जानकारी किसने दी। सुरक्षाकर्मी से भी पूछताछ की जा रही है। वहीं स्टेशन सुपरवाइजर भाग सिंह और बॉक्स व कैश ब्रांच के इंचार्ज ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है।
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