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Chandigarh News: संकट में खुद की ढाल बनेंगी बेटियां
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ की महिलाओं और बेटियों को आत्मरक्षा में मजबूत और निडर बनाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की स्वयं टीम एक बार फिर मैदान में उतर रही है। 1 जून से 15 जून तक और 16 जून से 30 जून तक सुबह और शाम के समय सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में एक विशेष सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें 10 साल से ऊपर की कोई भी बच्ची, लड़की या महिला हिस्सा ले सकती है। इस कैंप में लड़के और पुरुष भी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग ले सकते हैं।
ट्रेनिंग के दौरान लड़कियों को मुख्य रूप से मार्शल आर्ट्स की प्रसिद्ध विधा वुशू सिखाई जाएगी। इसमें मुख्य रूप से अन-आर्म्ड कॉम्बैट (बिना हथियार के मुकाबला) की तकनीकें शामिल होंगी। अगर कोई अचानक हाथ पकड़ ले तो खुद को कैसे छुड़ाना है? मुसीबत के समय हमलावर को चंद सेकंड में कैसे पस्त करना है? सुनसान रास्तों या विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा खुद कैसे करनी है?
आठ जांबाज पुलिसकर्मियों की टीम देगी ट्रेनिंग
एएसआई संजय ने बताया कि इस कैंप को चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात अन-आर्म्ड कॉम्बैट के 8 सीनियर एक्सपर्ट्स लीड करेंगे। इसकी शुरुआत साल 2017 में हुई थी। इस खास स्वयं टीम में 4 महिला कांस्टेबल और 4 पुरुष पुलिसकर्मी शामिल हैं जो बेटियों को आत्मरक्षा की बारीकियां सिखाएंगे। इनमें एएसआई संजय, सीनियर कांस्टेबल पिंकी, सीनियर कांस्टेबल पवन, सीनियर कांस्टेबल बलविंदर कौर, लेडी कांस्टेबल रंजना, लेडी कांस्टेबल सोनिया, कांस्टेबल कमलजीत सिंह, कांस्टेबल मंजीत कुमार शामिल हैं।
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ट्रेनिंग का शेड्यूल और समय
वर्किंग महिलाओं और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सहूलियत को देखते हुए पुलिस ने दो अलग-अलग टाइमिंग स्लॉट रखे हैं। एएसआई संजय ने बताया कि इस कैंप के दौरान प्रशिक्षुओं का डिमास्ट्रेशन भी करवाया जाता है और आत्मरक्षा की लगभग सारी तकनीक सिखाई जाती हैं जिससे कि वह समय पड़ने पर अपनी रक्षा खुद कर सकें।
यह है शेड्यूल
1 जून से 15 जून तक
16 जून से 30 जून तक
(15-15 दिन के दो अलग स्लॉट)
स्थान : पुलिस लाइ सेक्टर-26
सुबह का समय : 7:00 से 9:00 बजे तक
शाम का समय: 5:00 से 7:00 बजे तक
ट्रेनिंग के दौरान लड़कियों को मुख्य रूप से मार्शल आर्ट्स की प्रसिद्ध विधा वुशू सिखाई जाएगी। इसमें मुख्य रूप से अन-आर्म्ड कॉम्बैट (बिना हथियार के मुकाबला) की तकनीकें शामिल होंगी। अगर कोई अचानक हाथ पकड़ ले तो खुद को कैसे छुड़ाना है? मुसीबत के समय हमलावर को चंद सेकंड में कैसे पस्त करना है? सुनसान रास्तों या विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा खुद कैसे करनी है?
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आठ जांबाज पुलिसकर्मियों की टीम देगी ट्रेनिंग
एएसआई संजय ने बताया कि इस कैंप को चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात अन-आर्म्ड कॉम्बैट के 8 सीनियर एक्सपर्ट्स लीड करेंगे। इसकी शुरुआत साल 2017 में हुई थी। इस खास स्वयं टीम में 4 महिला कांस्टेबल और 4 पुरुष पुलिसकर्मी शामिल हैं जो बेटियों को आत्मरक्षा की बारीकियां सिखाएंगे। इनमें एएसआई संजय, सीनियर कांस्टेबल पिंकी, सीनियर कांस्टेबल पवन, सीनियर कांस्टेबल बलविंदर कौर, लेडी कांस्टेबल रंजना, लेडी कांस्टेबल सोनिया, कांस्टेबल कमलजीत सिंह, कांस्टेबल मंजीत कुमार शामिल हैं।
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ट्रेनिंग का शेड्यूल और समय
वर्किंग महिलाओं और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सहूलियत को देखते हुए पुलिस ने दो अलग-अलग टाइमिंग स्लॉट रखे हैं। एएसआई संजय ने बताया कि इस कैंप के दौरान प्रशिक्षुओं का डिमास्ट्रेशन भी करवाया जाता है और आत्मरक्षा की लगभग सारी तकनीक सिखाई जाती हैं जिससे कि वह समय पड़ने पर अपनी रक्षा खुद कर सकें।
यह है शेड्यूल
1 जून से 15 जून तक
16 जून से 30 जून तक
(15-15 दिन के दो अलग स्लॉट)
स्थान : पुलिस लाइ सेक्टर-26
सुबह का समय : 7:00 से 9:00 बजे तक
शाम का समय: 5:00 से 7:00 बजे तक