सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Dream of Home in Chandigarh Price of House hiked Reach of Common Man

चंडीगढ़ में आशियाने का सपना महंगा: पांच मरला मकान की कीमत 3.5 करोड़ तक पहुंची; आम आदमी की पहुंच से बाहर

विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Wed, 18 Mar 2026 10:05 AM IST
विज्ञापन
सार

शहर में लोगों को सुलभ आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) का गठन किया गया था। पहले हाउसिंग बोर्ड ड्रॉ सिस्टम के जरिये लोगों को मकान आवंटित करता था लेकिन अब यह व्यवस्था बदलकर नीलामी (ऑक्शन) आधारित हो गई है।

Dream of Home in Chandigarh Price of House hiked Reach of Common Man
चंडीगढ़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। हालात यह हैं कि अब छोटा सा मकान खरीदना भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। 
Trending Videos


शहर के प्रमुख सेक्टरों में 5 मरला मकान की कीमत 3 से 3.50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जबकि कई स्थानों पर कलेक्टर रेट इससे भी अधिक है। वहीं सेक्टर-1 से 9 जैसे वीआईपी इलाकों में 4 से 8 कनाल की प्रॉपर्टी का मूल्य 150 से 200 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इन बढ़ती कीमतों ने शहर में घर खरीदने का सपना देख रहे मध्यम वर्ग के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण बना दी है।

शहर में लोगों को सुलभ आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) का गठन किया गया था। पहले हाउसिंग बोर्ड ड्रॉ सिस्टम के जरिये लोगों को मकान आवंटित करता था लेकिन अब यह व्यवस्था बदलकर नीलामी (ऑक्शन) आधारित हो गई है। ऐसे में वही लोग घर हासिल कर पा रहे हैं जो ऊंची बोली लगाने में सक्षम हैं। इससे आम और मध्यम वर्ग के लिए विकल्प सीमित हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


महंगी होती प्रॉपर्टी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की थी कि मौजूदा दरें आम व्यक्ति की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं। हाईकोर्ट ने प्रशासन से यह भी पूछा है कि मध्यम वर्गीय लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए क्या नीति बनाई जा रही है और इस दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

जीपीए सौदों में बढ़ा रुझान

शेयर वाइस रजिस्ट्री बंद होने और कलेक्टर रेट में लगातार वृद्धि के कारण लोग मजबूरी में जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) के जरिए प्रॉपर्टी खरीदने की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक नियमों के अनुसार जीपीए के माध्यम से प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त वैध नहीं मानी जाती। वर्ष 2011 के सूरज लैंप केस के बाद से जीपीए पर बेची गई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री का रास्ता अब तक नहीं खुल पाया है। इसके बावजूद सेक्टर-29, 30, रामदरबार, सेक्टर-52, 56 और अन्य गांवों व कॉलोनियों में जीपीए के जरिये मकानों की खरीद-फरोख्त जारी है। यही प्रॉपर्टी बाजार रेट से अपेक्षाकृत सस्ती मिलती है, जिसके चलते लोग जोखिम उठाने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोग पंचकूला, मोहाली, जीरकपुर में कर रहे निवेश

शहर में कलेक्टर रेट पहले से ही बहुत ज्यादा हैं। ऊपर से प्रशासन ने शेयर वाइस रजिस्ट्री रोक दी है, ऐसे में आम व्यक्ति शहर में प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकता। अब बाहरी निवेशक यहां आ रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग नयागांव, पंचकूला, जीरकपुर, मोहाली और डेराबस्सी जैसे इलाकों में निवेश कर रहे हैं। -विक्रम चोपड़ा, अध्यक्ष, प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन

प्रशासक को फ्री होल्ड करने की नीति बनानी चाहिए

पंजाब और हरियाणा के मुकाबले चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में कलेक्टर रेट बहुत ज्यादा हैं जबकि एफएआर कम है। प्रशासन को एफएआर बढ़ाने और लीज होल्ड प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने की नीति बनानी चाहिए ताकि निवेश को बढ़ावा मिल सके। -नवीन मंगलानी, वाइस प्रेसिडेंट, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज

कई क्षेत्रों में कलेक्टर रेट बाजार भाव से अधिक

कई क्षेत्रों में कलेक्टर रेट बाजार भाव से अधिक हैं, जैसे सेक्टर-26 मंडी, सेक्टर-7, 8, 9 और मध्यमार्ग। प्रशासन को संतुलन बनाना चाहिए। कलेक्टर रेट बढ़ने से कन्वर्जन चार्जेज भी बढ़ते हैं जिससे व्यापारियों को 70 से 90 लाख रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है। -संजीव चड्डा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ व्यापार मंडल

च्च कलेक्टर रेट के कारण प्रॉपर्टी की बिक्री प्रभावित

उच्च कलेक्टर रेट के कारण प्रॉपर्टी की बिक्री प्रभावित हो रही है। शहर ‘ईज ऑफ लिविंग’ की श्रेणी से बाहर होता जा रहा है। कलेक्टर रेट में बार-बार वृद्धि के बजाय 3 से 4 साल तक स्थिरता रखनी चाहिए। -हितेश पुरी, चेयरमैन, क्रॉफ्ड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed