सीएलयू मंजूरियों में खेल: रॉयल एस्टेट ग्रुप के परवीन-नीरज कंसल से पूछताछ, पूर्व तहसीलदारों के नाम आए सामने
ईडी ने 29 मई को परवीन कंसल और नीरज कंसल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। एजेंसी अब मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वित्तीय लेनदेन और सरकारी प्रक्रियाओं में हेरफेर के एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है। 32.67 करोड़ रुपये के बाउंस चेक मामले को लेकर भी संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को रॉयल एस्टेट ग्रुप मामले की जांच में बड़े सुराग हाथ लगे हैं। ग्रुप के निदेशक परवीन कंसल और नीरज कंसल से लगातार दो दिन चली पूछताछ में गमाडा से जुड़े दो पूर्व तहसीलदारों के नाम सामने आए हैं।
ईडी अब जल्द ही इन पूर्व तहसीलदारों समेत गमाडा के कई वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी को संदेह है कि चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मंजूरियों में नियमों को दरकिनार कर अधिकारियों की मिलीभगत से लाभ पहुंचाया गया।
ईडी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान करीब 200 से अधिक सवाल पूछे गए। इनमें बैंक खातों में हुई एंट्री, गमाडा की बकाया देनदारियों में किन अधिकारियों का संरक्षण मिला, सीएलयू प्रक्रिया में किस स्तर पर मदद की गई और निवेशकों का पैसा किन-किन कंपनियों में ट्रांसफर किया गया, जैसे अहम बिंदु शामिल रहे। ईडी को गमाडा के चार से पांच अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है।
गौरतलब है कि ईडी ने 29 मई को परवीन कंसल और नीरज कंसल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। एजेंसी अब मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वित्तीय लेनदेन और सरकारी प्रक्रियाओं में हेरफेर के एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है। 32.67 करोड़ रुपये के बाउंस चेक मामले को लेकर भी संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी है।
अधिकारियों और ग्रुप के बीच लेनदेन के सबूत
सूत्रों के मुताबिक ईडी को रॉयल एस्टेट ग्रुप और गमाडा अधिकारियों के बीच वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम दस्तावेज और बैंक ट्रेल भी मिले हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ग्रुप के एसोसिएट सदस्यों के खातों से किन अधिकारियों तक पैसा पहुंचा। इन बैंक एंट्रीज और ट्रांजेक्शन की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। ईडी ने गमाडा से पिछले पांच वर्षों में जारी सभी सीएलयू मामलों का रिकॉर्ड तलब किया है। एजेंसी यह जांच रही है कि किन रियल एस्टेट परियोजनाओं को नियमों के विपरीत मंजूरी दी गई और इससे सरकार को कितना वित्तीय नुकसान हुआ।
सनटेक सिटी और अल्टस प्रोजेक्ट भी जांच के घेरे में
ईडी की जांच फिलहाल रॉयल एस्टेट ग्रुप, सनटेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े मामलों पर केंद्रित है। आरोप है कि कुछ परियोजनाओं में फर्जी दस्तावेजों और गलत सहमति पत्रों के आधार पर सीएलयू हासिल किए गए। हाल ही में एजेंसी ने कई स्थानों पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकदी और अहम दस्तावेज बरामद किए थे। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी जांच पंजाब पुलिस की ओर से 19 जुलाई 2025 को दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामला सीआरसीपीएल के निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में कई और अधिकारियों से पूछताछ संभव है।