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Highcourt: पवित्र नगरी अधिसूचना पर क्यों न लगा दी जाए रोक, मांस कारोबारियों की याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:50 PM IST
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सार
पंजाब सरकार ने पवित्र नगरी की अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना लागू होने के बाद याची कंपनी का व्यावसायिक प्रतिष्ठान सील कर दिया गया।
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अमृतसर सिटी को पवित्र नगरी घोषित करने को चुनौती दी गई है। इसमें मछली, मांस और कच्चे मांस उत्पादों की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी चुनौती मिली है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों से जवाब तलब किया है।
अदालत ने पूछा है कि क्यों न अधिसूचना और इससे जुड़े आदेश पर रोक लगा दी जाए। नगर निगम अमृतसर से वैध लाइसेंस प्राप्त कुलदीप फिश कंपनी ने याचिका दायर की है। कंपनी ने पंजाब सरकार की 15 दिसंबर 2025 की अधिसूचना को चुनौती दी है।
सीनियर एडवोकेट विकास चतरथ ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि कंपनी कई साल से वैध लाइसेंस के तहत मछली और मांस का कारोबार कर रही है। वह नियमित रूप से लाइसेंस शुल्क और अन्य वैधानिक शुल्क जमा करती रही है। अधिसूचना लागू होने के बाद कंपनी का व्यावसायिक प्रतिष्ठान सील कर दिया गया। उसके खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई किसी वैधानिक आदेश या स्पष्ट कानूनी अधिकार के बिना की गई।
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अदालत ने पूछा है कि क्यों न अधिसूचना और इससे जुड़े आदेश पर रोक लगा दी जाए। नगर निगम अमृतसर से वैध लाइसेंस प्राप्त कुलदीप फिश कंपनी ने याचिका दायर की है। कंपनी ने पंजाब सरकार की 15 दिसंबर 2025 की अधिसूचना को चुनौती दी है।
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सीनियर एडवोकेट विकास चतरथ ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि कंपनी कई साल से वैध लाइसेंस के तहत मछली और मांस का कारोबार कर रही है। वह नियमित रूप से लाइसेंस शुल्क और अन्य वैधानिक शुल्क जमा करती रही है। अधिसूचना लागू होने के बाद कंपनी का व्यावसायिक प्रतिष्ठान सील कर दिया गया। उसके खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई किसी वैधानिक आदेश या स्पष्ट कानूनी अधिकार के बिना की गई।
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