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Chandigarh News: चेतावनी के बाद जीएमसीएच प्रशासन हरकत में, सेक्टर-48 अस्पताल में इमरजेंसी और ओपीडी शुरू करने की तैयारी तेज
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चंडीगढ़। सेक्टर-48 स्थित अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दी गई सख्त चेतावनी के बाद अब जीएमसीएस-32 प्रशासन हरकत में आ गया है। इमरजेंसी सेवाओं के साथ-साथ गायनी, डेंटल ओपीडी, मेडिसिन ओपीडी और पीडियाट्रिक ओपीडी शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। स्वास्थ्य सचिव की ओर से पिछले दिनाें दो हफ्तों के भीतर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीद है कि इसके अंतर्गत एक मई से क्षेत्रीय जनता को अस्पताल में ही इमरजेंसी के साथ ही सभी महत्वपूर्ण ओपीडी में इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
कॉलेज की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. रवनीत कौर का कहना है कि उनका और उनकी टीम का प्रयास है कि जल्द से जल्द अस्पताल में सभी आवश्यक सेवाएं शुरू का दी जाए। एक मई से अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं के साथ-साथ गायनी व अन्य सुविधाएं शुरू करने की तैयारी है। इसे लेकर व्यापक स्तर पर काम चल रहा है। इसके लिए डॉक्टरों की तैनाती, नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता और जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट जैसी डायग्नोस्टिक सेवाएं भी शुरू होंगी जिससे उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल का चक्कर न काटना पडे़।
अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को देने की थी तैयारी
प्रशासन के अनुसार सेक्टर-48 के अस्पताल की परफारमेंस देखते हुए उसे स्वास्थ्य विभाग को देने की तैयारी की जा रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सचिव ने जीएमसीएच-32 की नई डायरेक्टर प्रिंसिपल को सुधार के लिए अवसर प्रदान किया था। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस अस्पताल के माध्यम से उस क्षेत्र की जनता को उनके घर के पास बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना था। उद्घाटन के बाद से ही इसके संचालन का जिम्मा जीएमसीएच-32 को दिया गया है। लेकिन पिछले दिनाें स्टाफ और डाक्टरों की कमी के कारण यहां संचालित 4 विभागों में से तीन विभाग बंद करने पड़े थे।
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कॉलेज की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. रवनीत कौर का कहना है कि उनका और उनकी टीम का प्रयास है कि जल्द से जल्द अस्पताल में सभी आवश्यक सेवाएं शुरू का दी जाए। एक मई से अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं के साथ-साथ गायनी व अन्य सुविधाएं शुरू करने की तैयारी है। इसे लेकर व्यापक स्तर पर काम चल रहा है। इसके लिए डॉक्टरों की तैनाती, नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता और जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट जैसी डायग्नोस्टिक सेवाएं भी शुरू होंगी जिससे उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल का चक्कर न काटना पडे़।
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अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को देने की थी तैयारी
प्रशासन के अनुसार सेक्टर-48 के अस्पताल की परफारमेंस देखते हुए उसे स्वास्थ्य विभाग को देने की तैयारी की जा रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सचिव ने जीएमसीएच-32 की नई डायरेक्टर प्रिंसिपल को सुधार के लिए अवसर प्रदान किया था। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस अस्पताल के माध्यम से उस क्षेत्र की जनता को उनके घर के पास बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना था। उद्घाटन के बाद से ही इसके संचालन का जिम्मा जीएमसीएच-32 को दिया गया है। लेकिन पिछले दिनाें स्टाफ और डाक्टरों की कमी के कारण यहां संचालित 4 विभागों में से तीन विभाग बंद करने पड़े थे।