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सुखबीर बादल के दिल से निकली आह से हारे राहुल गांधी और सुनील जाखड़ : हरसिमरत 

हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: देव कश्यप Updated Mon, 27 May 2019 04:41 AM IST
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Harsimrat Kaur comments on Rahul gandhi and Sunil Jakhar over loss seat in lok sabha election 2019
सुखबीर बादल और हरसिमरत कौर बादल - फोटो : facebook
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बेअदबी के मामले में बादल परिवार को बदनाम करने से आहत शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल के दिल से निकली आह का ही नतीजा है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी हार गए। यही नहीं, 40 साल बाद कांग्रेस को इतनी बड़ी हार देखनी पड़ी और पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष तक नहीं जीत पाए। यह कहना है बठिंडा से अकाली दल की तीसरी बार सांसद चुनी गईं हरसिमरत कौर बादल का।

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अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2015 से बेअदबी के मामलों को कांग्रेस ने जिस तरह उठाया, उसे बताना चाहिए कि बीते ढाई साल के दौरान कितने दोषी पकड़े गए। असली दोषियों को तो आज तक पकड़ा ही नहीं गया, जिनके कारण सिखों को यह दर्द झेलना पड़ा। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पंजाब में लोकसभा चुनाव में बेअदबी का मुद्दा अकाली दल पर भारी पड़ा है। हरसिमरत कौर ने कहा कि सिख कौम को पता है कि असली गुनहगार कौन हैं। अगर वे अकाली दल को दोषी मानते तो उन्हें बठिंडा में पिछले चुनाव से बेहतर जीत हासिल न होती और फिरोजपुर में भी सिख अकाली दल के साथ न होते। 
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उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजों से साफ हो गया है कि जनता ने बेअदबी का मामला उठाकर राजनीति करने वालों को नकार दिया है। बरगाड़ी मोरचा के सदस्यों की जमानत तक जब्त हो गई है और इस मामले को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ने वाली सभी पार्टियों का सफाया हो गया है। पूरे देश में 26 राज्यों में 111 कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई। नवजोत सिद्धू को लेकर पंजाब कांग्रेस में भी फूट पड़ गई है। 

हरसिमरत ने भावुकता भरे लहजे में कहा कि परमात्मा की अदालत सबसे बड़ी है और वोटर का फैसला परमात्मा की ही आवाज है। चुनाव के दौरान उनके वर्करों को मनप्रीत और उनके गुंडों ने जिस तरह डराया, धमकाया और पीटा, वे डर कर आज तक अपने घरों में नहीं लौटे हैं। 10-10 हजार रुपये में वोट खरीदे गए। जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस ने जोर-जबर्दस्ती का हर तरीका अपनाया। सारी पंचायतें, पुलिस और सरकारी तंत्र कांग्रेस के कब्जे में था, लेकिन परमात्मा सबसे बड़ा है। इतना करने के बावजूद कैप्टन का मिशन-13 फेल हो गया और मामूली मार्जिन से कांग्रेस सिर्फ  आठ सीटें ही जीत सकी। उन्होंने कहा कि सुखबीर की आह खाली नहीं गई। झूठे इल्जाम लगाने वालों को परमात्मा ने सजा दी है और आगे भी कांग्रेस का यही हश्र होगा।

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