{"_id":"69cc17673ed926fdf704bf44","slug":"operation-sindoor-hero-retires-after-40-years-of-service-says-he-now-intends-to-serve-society-chandigarh-news-c-16-1-pkl1017-984404-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: ऑपरेशन सिंदूर के नायक 40 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त, बोले-अब समाज सेवा का इरादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: ऑपरेशन सिंदूर के नायक 40 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त, बोले-अब समाज सेवा का इरादा
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी सीमाओं पर पाकिस्तान को कड़ी चुनौती देने में अहम भूमिका निभाने वाले वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार सेवानिवृत्त हो गए। करीब 40 वर्ष तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने फिलहाल अपने अनुभवों पर आधारित किताब लिखने से इनकार किया है। उनका कहना है कि अब वे समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद वे लखनऊ में बसने की योजना बना रहे हैं।
विदाई समारोह में ले. जनरल कटियार ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान उनकी फॉर्मेशन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्वास जताया कि वेस्टर्न कमांड आज भी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि कमांड अपनी सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए सशस्त्र ड्रोन का बड़े पैमाने पर निर्माण कर रही है। इस अवसर पर उन्हें ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न कमांड की भूमिका पर आधारित एक सचित्र पुस्तिका भेंट की गई।
बाॅक्स:
जुलाई 2023 में संभाली थी कमान
ले. जनरल कटियार ने जून 1986 में राजपूत रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त किया था। उनका सैन्य कॅरिअर उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता, परिचालन दक्षता और दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण रहा है। उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर, एलओसी और एलएसी जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। 1 जुलाई 2023 को उन्होंने वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी। पंजाब में पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के दौरान ‘ऑपरेशन राहत’ में किए गए कार्यों के लिए उन्होंने जवानों और आम नागरिकों के सहयोग की सराहना की।
बाॅक्स:
भूटान में भी निभाई अहम भूमिका
ले. जनरल कटियार उरी सेक्टर और टाकसिंग में इन्फैंट्री बटालियन, पश्चिमी सीमाओं पर इन्फैंट्री ब्रिगेड तथा उत्तरी सीमाओं पर रिजर्व माउंटेन डिवीजन की कमान संभाल चुके हैं। वे भूटान में भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल के साथ प्रशिक्षक भी रहे हैं। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (2025), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (2025) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (2021) से सम्मानित किया जा चुका है। सेवानिवृत्ति से पहले सोमवार को उन्होंने वीर स्मृति स्मारक पर शहीदों को नमन भी किया।
Trending Videos
विदाई समारोह में ले. जनरल कटियार ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान उनकी फॉर्मेशन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्वास जताया कि वेस्टर्न कमांड आज भी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि कमांड अपनी सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए सशस्त्र ड्रोन का बड़े पैमाने पर निर्माण कर रही है। इस अवसर पर उन्हें ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न कमांड की भूमिका पर आधारित एक सचित्र पुस्तिका भेंट की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाॅक्स:
जुलाई 2023 में संभाली थी कमान
ले. जनरल कटियार ने जून 1986 में राजपूत रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त किया था। उनका सैन्य कॅरिअर उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता, परिचालन दक्षता और दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण रहा है। उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर, एलओसी और एलएसी जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। 1 जुलाई 2023 को उन्होंने वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी। पंजाब में पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के दौरान ‘ऑपरेशन राहत’ में किए गए कार्यों के लिए उन्होंने जवानों और आम नागरिकों के सहयोग की सराहना की।
बाॅक्स:
भूटान में भी निभाई अहम भूमिका
ले. जनरल कटियार उरी सेक्टर और टाकसिंग में इन्फैंट्री बटालियन, पश्चिमी सीमाओं पर इन्फैंट्री ब्रिगेड तथा उत्तरी सीमाओं पर रिजर्व माउंटेन डिवीजन की कमान संभाल चुके हैं। वे भूटान में भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल के साथ प्रशिक्षक भी रहे हैं। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (2025), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (2025) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (2021) से सम्मानित किया जा चुका है। सेवानिवृत्ति से पहले सोमवार को उन्होंने वीर स्मृति स्मारक पर शहीदों को नमन भी किया।