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Hindi News ›   Chandigarh ›   Plan to change in the rules of Haryana Legislative Assembly

शीतकालीन सत्र: बदलेंगे विधानसभा के नियम, शून्यकाल पर गंभीर मंत्रणा, कमेटी की बैठक हुई

Wed, 08 Dec 2021 11:12 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 08 Dec 2021 11:12 PM IST
सार

बुधवार को हरियाणा की नियम कमेटी की बैठक हुई। कमेटी विधानसभा के नियमों में बदलाव की तैयारी में है। बैठक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह कादियान, भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर मौजूद रहे।

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Plan to change in the rules of Haryana Legislative Assembly
हरियाणा विधानसभा। - फोटो : (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा विधानसभा के नियमों में बदलाव की तैयारी है। नियमों में किए जाने वाले संशोधनों के लिए बुधवार को नियम कमेटी की बैठक हुई। कमेटी की सिफारिशों को 17 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में सदन पटल पर रखा जाएगा। बैठक की अध्यक्षता स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने की। बैठक में शून्यकाल पर गंभीर मंत्रणा हुई। 

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सत्र के लिए 51 विधायकों ने 263 तारांकित प्रश्न, 170 अतारांकित सवाल लगाए हैं। बैठक में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह कादियान, भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर उपस्थित रहे। नियमों में संशोधन के लिए विधायक वरुण चौधरी ने कुछ सुझाव दिए थे, इसलिए उन्हें भी बैठक में शामिल किया गया।
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स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि प्रश्नकाल के लिए प्रश्नों का चयन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाता है। बुधवार को शीतकालीन सत्र के पहले तीन दिनों के लिए ड्रा निकाले गए। इस दौरान तारांकित प्रश्नों के लिए 60 विधायकों के नामों की पर्चियां निकाली गईं। इस दौरान ज्ञानचंद गुप्ता, कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी, शैली चौधरी, विधानसभा सचिव राजेंद्र नांदल इत्यादि मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि एक गैर सरकारी संकल्प भी विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुआ है। परंपरा के अनुसार सत्र के दौरान दिन का पहला घंटा प्रश्नकाल के लिए रहता है। ड्रा से प्रश्नों का चयन करने की परंपरा शुरू होने से पक्षपात के आरोप नहीं लगाए जा सकते। 


पूर्व विधानसभा अध्यक्षों पर सत्ता पक्ष के विधायकों के ज्यादा प्रश्न शामिल करने के आरोप लगते रहे हैं। नई व्यवस्था में सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों की उपस्थिति में ड्रा निकाला जाता है।

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