टीकाकरण अभियान: पांच से 12 साल तक के 75 हजार बच्चों को लगेगा कोरोना का टीका, तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग
चंडीगढ़ में 12 से 14 वर्ष और 15 से 18 साल के किशोरों को पहले से ही कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। 15-18 साल के बीच के 93 प्रतिशत से ज्यादा किशोरों को पहली खुराक लगाई जा चुकी है। वहीं 12 से 14 साल के बीच के 43 प्रतिशत बच्चों व किशोरों ने टीके की पहली खुराक लगवा ली है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना टीकाकरण अभियान के अंतर्गत चंडीगढ़ के 5-12 साल के बीच के 75000 बच्चों को टीका लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सरकार के निर्देशानुसार तिथि और टीके का नाम तय होने पर अभियान शुरू कर दिया जाएगा। इस उम्र के बच्चों को भी अस्पतालों के साथ स्कूलों में टीका लगाने की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग के साथ मिलकर टीकाकरण की तैयारी में जुट गया है।
गौरतलब है कि शहर में 12 से 14 वर्ष और 15 से 18 साल के किशोरों को पहले से ही कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। 15-18 साल के बीच के 93 प्रतिशत से ज्यादा किशोरों को पहली खुराक लगाई जा चुकी है। वहीं 12 से 14 साल के बीच के 43 प्रतिशत बच्चों व किशोरों ने टीके की पहली खुराक लगवा ली है। स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण अभियान में अभिभावकों के स्तर पर सहयोग न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग मिलकर जागरुकता कार्यक्रम चला रहे हैं। इसके अंतर्गत अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग प्रतियोगिताएं आयोजित कर बच्चों को टीके के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। परिणामस्वरूप पिछले कुछ दिनों से लाभार्थियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।
अभिभावकों का सहयोग जरूरी
महामारी से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में अभिभावकों का सहयोग बहुत जरूरी है क्योंकि जब तक देश के शत प्रतिशत बच्चों को टीका नहीं लगाया जाता तब तक ही अभियान अधूरा रहेगा। -फारूक मलिक, सेक्टर-26
मेरे परिवार और रिश्तेदारों में 12 साल से ज्यादा उम्र वाले सभी बच्चों का टीकाकरण हो चुका है। मेरा यह मानना है कि हम सभी को यह संकल्प लेना होगा कि टीके के हथियार से कोरोना को जल्द से जल्द हराने में हमें देश का पूर्ण सहयोग करना है। -विनोद दुबे, हल्लोमाजरा
उम्र लक्ष्य प्राप्ति प्रतिशत
18 से ज्यादा 843000 1085047 128.71
12-14 वर्ष 45000 19650 43.67 प्रतिशत
15-18 वर्ष 72000 67350 93.54 प्रतिशत
अब सुखना लेक पर भी बच्चों का टीकाकरण
12 से 18 साल तक के किशोरों के लए अब सुखना लेक पर भी टीकाकरण की व्यवस्था कर दी गई है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश जारी कर कहा है कि सुखना लेक पर बने विशेष टेंट में अब 12-18 साल तक के किशोरों के लिए भी टीका लगाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। 12 से 14 साल तक के बच्चों को कोर्बेवैक्स और 15-18 साल तक के किशोरों को को-वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि बूस्टर डोज के लिए लोग निजी अस्पतालों में निर्धारित रुपये देकर टीका लगवा सकते हैं।
बच्चों के टीकाकरण अभियान में सफलता मिलने लगी है। पिछले एक हफ्ते से 12 से 14 वर्ष के बीच के काफी बच्चों ने टीका लगवा लिया है। स्कूल प्रबंधन के साथ अभिभावक भी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की काफी हद तक मदद कर रहे हैं। मेरी अपील है कि इस अभियान को सफल बनाने में जनता और ज्यादा सहयोग प्रदान करे ताकि तय समय से पहले इस लक्ष्य को पूरा किया जा सके। -डॉ. मंजीत सिंह, राज्य टीकाकरण अधिकारी
एरिया काउंसलर अभिभावकों को करेंगे जागरूक
शिक्षा विभाग ने बच्चों के टीकाकरण को बढ़ाने के लिए नई योजना बनाई है। इसके तहत अब एरिया काउंसलर अपने क्षेत्र में टीकाकरण को लेकर अभिभावकों को जागरूक करेंगे और बच्चों का जल्द टीकाकरण करवाने के लिए उन्हें प्रेरित करेंगे। इसके साथ ही स्कूल प्रिंसिपल अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे और टीकाकरण नहीं करवाने का कारण पूछेंगे। इसके साथ ही टीकाकरण लगवाने से कोरोना महामारी से बचाव को लेकर जानकारी देंगे। -डॉ. पालिका अरोड़ा, शिक्षा निदेशक