पंजाब: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का होगा विकास, कई विभागों का होगा पुनर्गठन, कैबिनेट ने दी मंजूरी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 17 Sep 2021 10:14 PM IST

सार

जल स्रोत विभाग के कामकाज में प्रशासकीय कुशलता को यकीनी बनाने के लिए कैबिनेट ने पंजाब जल स्रोत विभाग, जूनियर इंजीनियर ’ग्रुप-बी’ सेवा नियम, 2021 और पंजाब जल स्रोत विभाग, जूनियर ड्राफ्ट्समैन और सर्वेक्षक ’ग्रुप-सी सेवा नियम, 2021’ को मंजूरी दे दी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : twitter.com/capt_amarinder
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विस्तार

पंजाब मंत्रिमंडल ने राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों (एमएसएमई) को उनके कामकाज में उपयुक्त कानूनी ढांचा प्रदान करने संबंधी नियमों को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही इन उद्यमियों को देरी से भुगतान की समस्या के निपटारे को लेकर भी प्रभावशाली प्रणाली तैयार की जाएगी।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (एमएसएमई) एक्ट, 2006 के तहत पंजाब माईक्रो एंड स्मॉल इंटरप्राईजेस फैसिलीटेशन काउंसिल रूल्स (एमएसएमईडी) 2021 को मंजूरी दी, जिससे एमएसएमई के विकास के साथ-साथ इन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए ज्यादा सक्षम बनाया जा सके।


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मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के अनुसार, यह नियम ’उद्यम’ (निर्माण और सेवाओं दोनों) की धारणा को मान्यता देने और इन उद्यमियों के तीन स्तरों अर्थात सूक्ष्म, लघु और मध्यम को एकीकृत करने के लिए ऐसा पहला कानूनी ढांचा प्रदान करते हैं। हर श्रेणी के उद्यमियों, खासकर छोटे उद्यमियों को यह एक्ट राष्ट्रीय स्तर पर एक कानूनी सलाहकार विधि प्रदान करता है। एक्ट की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह है कि यह सूक्ष्म और लघु उद्योगों के देरी से भुगतान की समस्याओं को घटाने के लिए एक प्रभावशाली विधि प्रदान करता है।

पर्यटन, संस्कृति और खाद्य व सिविल सप्लाई विभागों के पुनर्गठन को मंजूरी
सरकारी कामकाज में और अधिक कुशलता लाने की योजना के तहत पंजाब कैबिनेट ने पर्यटन, सांस्कृतिक मामले, पुरातत्व, संग्रहालय और अभिलेखागार विभाग के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। इससे रेगुलर स्केल पर अतिरिक्त नौ नए पदों का सृजन करने के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के आधार पर आउटसोर्सिंग के जरिए भरे जाने वाले 35 नए पदों का सृजन किया जा सकेगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने खाद्य एवं सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले विभाग के अलग-अलग विंग जैसे खाद्य और सप्लाई, लीगल मैटरोलॉजी विंग और उपभोक्ता सुरक्षा एक्ट शाखा के पुनर्गठन को भी मंजूरी दे दी है। 

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कैबिनेट ने खाद्य एवं सप्लाई विभाग में खत्म किए गए 159 पदों की जगह 109 नए पद, लीगल मैटरोलॉजी विंग के 35 की जगह 20 पद, इसके अलावा उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग में 130 नए पदों का सृजन करने की मंजूरी दी है। इस तरह 194 खत्म पदों की जगह 259 नये पदों का सृजन किया गया है।

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