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Chandigarh News: अंग्रेजी में एन्यूमरेशन फॉर्म से ग्रामीण मतदाता परेशान
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मनीमाजरा। मतदाता पुनरीक्षण के लिए लोगों को दिए जा रहे एन्यूमरेशन फॉर्म केवल अंग्रेजी भाषा में होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उन्हें समझने और भरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि फॉर्म हिंदी और पंजाबी में भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि मतदाता बिना किसी भ्रम के अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल कर सकें और तकनीकी त्रुटियों के कारण उनके नाम मतदाता सूची से न कटें।
यह मुद्दा रायपुर कलां के सरकारी स्कूल में आयोजित बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की बैठक में उठाया गया। बैठक में शामिल मौलीजागरां गांव के पूर्व सरपंच एवं एडवोकेट हरिंदर सिंह ठाकुर ने अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि बीएलए को दिए गए फॉर्म केवल अंग्रेजी में हैं। साथ ही उनमें सभी आवश्यक शर्तों और जानकारियों का भी स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
हरिंदर ठाकुर ने बताया कि बैठक के दौरान अधिकारी सुनील वर्मा ने 183 दिन लगातार एक पते पर निवास जैसी महत्वपूर्ण शर्त की जानकारी मौखिक रूप से दी, जबकि इसका स्पष्ट उल्लेख फॉर्म में नहीं है। इसके अलावा फॉर्म-6, 6ए, 6बी, 7 और 8 से संबंधित जानकारी भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं, मौली गांव के पूर्व सरपंच ठाकुर करतार सिंह ने कहा कि गांव के अधिकांश लोग अनपढ़ या कम शिक्षित हैं। अंग्रेजी में फॉर्म होने के कारण उन्हें नियम समझने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने मतदाता हित में सभी फॉर्म और दिशा-निर्देश हिंदी तथा पंजाबी भाषा में उपलब्ध कराने की मांग की।
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यह मुद्दा रायपुर कलां के सरकारी स्कूल में आयोजित बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की बैठक में उठाया गया। बैठक में शामिल मौलीजागरां गांव के पूर्व सरपंच एवं एडवोकेट हरिंदर सिंह ठाकुर ने अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि बीएलए को दिए गए फॉर्म केवल अंग्रेजी में हैं। साथ ही उनमें सभी आवश्यक शर्तों और जानकारियों का भी स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
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हरिंदर ठाकुर ने बताया कि बैठक के दौरान अधिकारी सुनील वर्मा ने 183 दिन लगातार एक पते पर निवास जैसी महत्वपूर्ण शर्त की जानकारी मौखिक रूप से दी, जबकि इसका स्पष्ट उल्लेख फॉर्म में नहीं है। इसके अलावा फॉर्म-6, 6ए, 6बी, 7 और 8 से संबंधित जानकारी भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं, मौली गांव के पूर्व सरपंच ठाकुर करतार सिंह ने कहा कि गांव के अधिकांश लोग अनपढ़ या कम शिक्षित हैं। अंग्रेजी में फॉर्म होने के कारण उन्हें नियम समझने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने मतदाता हित में सभी फॉर्म और दिशा-निर्देश हिंदी तथा पंजाबी भाषा में उपलब्ध कराने की मांग की।