{"_id":"6a315c6f19254aa9cb07965b","slug":"haryana-to-join-hands-with-up-to-crack-down-on-illegal-sex-determination-tests-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-1047290-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: अवैध लिंग जांच पर यूपी के साथ मिलकर शिकंजा कसेगा हरियाणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: अवैध लिंग जांच पर यूपी के साथ मिलकर शिकंजा कसेगा हरियाणा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फोटो -
- 37 अंतरराज्यीय छापों के बाद सहयोग बढ़ाने की पहल, पीसी-पीएनडीटी टीमों को मिलेगा प्रशासनिक व पुलिस समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अवैध लिंग जांच के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए अब पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वित कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ सहयोग बढ़ाने की पहल की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) अमित कुमार घोष को पत्र लिखकर संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने का आग्रह किया है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों को सफल बनाने और जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार के लिए अवैध लिंग जांच करने वाले गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। ऐसे नेटवर्क अक्सर राज्य की सीमाओं का फायदा उठाते हैं इसलिए उन्हें पकड़ने के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित सहयोग आवश्यक है।
हरियाणा की कार्रवाई पर कहा कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत राज्य लगातार डिकॉय ऑपरेशन और छापेमारी अभियान चला रहा है। जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच कुल 84 छापेमारी अभियान चलाए गए जिनमें 37 अभियान उत्तर प्रदेश में संचालित किए गए। इससे साफ है कि अवैध गतिविधियों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है।
विज्ञापन
डॉ. मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि हरियाणा से सटे जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं ताकि छापेमारी के दौरान हरियाणा की टीमों को तत्काल प्रशासनिक और पुलिस सहायता मिल सके। ऐसे मामलों में दर्ज मुकदमों की नियमित निगरानी और प्रभावी पैरवी जरूरी है ताकि दोषियों को समय पर सजा मिल सके।
- 37 अंतरराज्यीय छापों के बाद सहयोग बढ़ाने की पहल, पीसी-पीएनडीटी टीमों को मिलेगा प्रशासनिक व पुलिस समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अवैध लिंग जांच के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए अब पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वित कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ सहयोग बढ़ाने की पहल की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) अमित कुमार घोष को पत्र लिखकर संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने का आग्रह किया है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों को सफल बनाने और जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार के लिए अवैध लिंग जांच करने वाले गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। ऐसे नेटवर्क अक्सर राज्य की सीमाओं का फायदा उठाते हैं इसलिए उन्हें पकड़ने के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित सहयोग आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा की कार्रवाई पर कहा कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत राज्य लगातार डिकॉय ऑपरेशन और छापेमारी अभियान चला रहा है। जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच कुल 84 छापेमारी अभियान चलाए गए जिनमें 37 अभियान उत्तर प्रदेश में संचालित किए गए। इससे साफ है कि अवैध गतिविधियों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है।
डॉ. मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि हरियाणा से सटे जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं ताकि छापेमारी के दौरान हरियाणा की टीमों को तत्काल प्रशासनिक और पुलिस सहायता मिल सके। ऐसे मामलों में दर्ज मुकदमों की नियमित निगरानी और प्रभावी पैरवी जरूरी है ताकि दोषियों को समय पर सजा मिल सके।