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हरियाणा सरकार को झटका: स्टिल्ट प्लस 4 फोर नीति पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, जनहित याचिका पर जारी किया आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:36 PM IST
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सार
हरियाणा सरकार ने 2 जुलाई 2024 को एक नोटिफिकेशन जारी कर गुरुग्राम समेत कई शहरों में स्टिल्ट प्लस फोर नीति लागू की थी। इसके तहत रिहायशी प्लॉट्स पर स्टिल्ट पार्किंग के ऊपर चार मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी गई।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्टिल्ट प्लस फोर नीति पर अंतरिम रोक लगाते हुए हरियाणा सरकार को बड़ा झटका दिया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। अगली सुनवाई तक इस नीति से संबंधित अधिसूचना का प्रभाव और संचालन स्थगित रहेगा।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू पर आधारित खंडपीठ ने ने अपने आदेश में हरियाणा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट में गंभीर सवाल उठाते हुए याची पक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
गुरुग्राम में बुनियादी ढांचे की भारी कमी के बावजूद सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेसिटी ऑडिट जैसे जरूरी कदम को नजरअंदाज किया है। निचले इलाकों में लगातार जलभराव की समस्या पहले से गंभीर है, फिर भी बिना तैयारी के नीति लागू करना उचित नहीं। सरकार ने स्वच्छ और सुरक्षित शहरी वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से मुंह मोड़ा है।
हरियाणा सरकार ने 2 जुलाई 2024 को एक नोटिफिकेशन जारी कर गुरुग्राम समेत कई शहरों में यह नीति लागू की थी। इसके तहत रिहायशी प्लॉट्स पर स्टिल्ट पार्किंग के ऊपर चार मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी गई। याची पक्ष ने कहा कि इस नीति से जनसंख्या घनत्व अचानक बढ़ेगा। सड़कों, सीवरेज, पानी और पार्किंग जैसी सुविधाएं अब और अधिक आबादी का बोझ झेलने के लिए तैयार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामले में विस्तृत सुनवाई अभी जारी है और बहस पूरी होने में समय लगेगा, इसलिए सरकार को फिलहाल स्टिल्ट प्लस फोर नीति लागू करने से रोका जाता है।
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मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू पर आधारित खंडपीठ ने ने अपने आदेश में हरियाणा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट में गंभीर सवाल उठाते हुए याची पक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
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गुरुग्राम में बुनियादी ढांचे की भारी कमी के बावजूद सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेसिटी ऑडिट जैसे जरूरी कदम को नजरअंदाज किया है। निचले इलाकों में लगातार जलभराव की समस्या पहले से गंभीर है, फिर भी बिना तैयारी के नीति लागू करना उचित नहीं। सरकार ने स्वच्छ और सुरक्षित शहरी वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से मुंह मोड़ा है।
हरियाणा सरकार ने 2 जुलाई 2024 को एक नोटिफिकेशन जारी कर गुरुग्राम समेत कई शहरों में यह नीति लागू की थी। इसके तहत रिहायशी प्लॉट्स पर स्टिल्ट पार्किंग के ऊपर चार मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी गई। याची पक्ष ने कहा कि इस नीति से जनसंख्या घनत्व अचानक बढ़ेगा। सड़कों, सीवरेज, पानी और पार्किंग जैसी सुविधाएं अब और अधिक आबादी का बोझ झेलने के लिए तैयार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामले में विस्तृत सुनवाई अभी जारी है और बहस पूरी होने में समय लगेगा, इसलिए सरकार को फिलहाल स्टिल्ट प्लस फोर नीति लागू करने से रोका जाता है।