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ITBP New DG: शत्रुजीत सिंह कपूर नियुक्त किए गए आईटीबीपी के डीजी, केंद्र सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:25 PM IST
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सार
आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर को इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी की है।
शत्रुजीत कपूर, आईटीबीपी के नए डीजीपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वरिष्ठ आईपीएस अधिकार वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद विवादों में फंसने वाले हरियाणा कैडर के 1990 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को केंद्र में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। 31 अक्तूबर 2026 यानी उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि तक अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, मान्य रहेगी। यह नियुक्ति प्रवीण कुमार, आईपीएस (पश्चिम बंगाल कैडर 1993) के स्थान पर की गई है।
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पूर्व सीएम मनोहर लाल के माने जाते हैं करीबी
इससे पूर्व 13 दिसंबर को वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरण कुमार के आत्महत्या मामले में छुट्टी पर चल रहे तत्कालीन पुलिस महानिदेशक पद से शत्रुजीत कपूर को रिलीव किया गया था। इसके बाद ही शत्रुजीत कपूर को केंद्र में नियुक्त करने को लेकर चर्चा चल रही थी। शत्रुजीत कपूर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के करीबी माने जाते हैं, जो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं।
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तीन साल रहे हरियाणा के डीजीपी
पुलिस महानिदेशक पद से हटने के बाद कपूर के पास हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन पद बरकरार था, जो वह पुलिस महानिदेशक के साथ संभाल रहे थे। शत्रुजीत कपूर 14 दिसंबर तक छुट्टी पर थे। इससे पहले शत्रुजीत कपूर ने डीजीपी पद पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने शत्रुजीत कपूर को डीजीपी पद पर बरकरार रखा था।
एडीजीपी वाई पूरण सुसाइड केस से चर्चा में आए थे शत्रुजीत
बीते 7 अक्टूबर 2025 को हरियाणा कैडर के 2001 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरण कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने सरकारी आवास पर गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या की थी। घटनास्थल से उनकी सर्विस रिवॉल्वर और सुसाइड नोट बरामद हुआ था जिसने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। इस सुसाइड नोट में पूरण कुमार ने हरियाणा पुलिस के तत्कालीन डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर सहित 14 अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। सुसाइड नोट में विशेष रूप से आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर और तत्कालीन रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया को उनकी मौत के लिए मुख्य जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके बाद काफी दबाव में हरियाणा सरकार ने शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया था।
पुलिस महानिदेशक पद से हटने के बाद कपूर के पास हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन पद बरकरार था, जो वह पुलिस महानिदेशक के साथ संभाल रहे थे। शत्रुजीत कपूर 14 दिसंबर तक छुट्टी पर थे। इससे पहले शत्रुजीत कपूर ने डीजीपी पद पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने शत्रुजीत कपूर को डीजीपी पद पर बरकरार रखा था।
एडीजीपी वाई पूरण सुसाइड केस से चर्चा में आए थे शत्रुजीत
बीते 7 अक्टूबर 2025 को हरियाणा कैडर के 2001 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरण कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने सरकारी आवास पर गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या की थी। घटनास्थल से उनकी सर्विस रिवॉल्वर और सुसाइड नोट बरामद हुआ था जिसने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। इस सुसाइड नोट में पूरण कुमार ने हरियाणा पुलिस के तत्कालीन डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर सहित 14 अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। सुसाइड नोट में विशेष रूप से आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर और तत्कालीन रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया को उनकी मौत के लिए मुख्य जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके बाद काफी दबाव में हरियाणा सरकार ने शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया था।