{"_id":"6992e64edb36b97e0b06a881","slug":"sukhbir-badal-exempted-from-appearing-in-chandigarh-court-in-defamation-case-2026-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानहानि मामले में सुखबीर को पेशी से छूट: चंडीगढ़ कोर्ट में सुनवाई, जनवरी में किया था सरेंडर, मिली थी जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानहानि मामले में सुखबीर को पेशी से छूट: चंडीगढ़ कोर्ट में सुनवाई, जनवरी में किया था सरेंडर, मिली थी जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 16 Feb 2026 03:12 PM IST
विज्ञापन
सार
सुखबीर बादल के वकील राजेश कुमार रॉय की तरफ से अदालत में पेशी में छूट की मांग को लेकर एप्लीकेशन लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। इसके बाद सुखबीर बादल को कोर्ट में पेश होने से छूट मिल गई है।
सुखबीर बादल
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
आठ साल पुराने मानहानि मामले में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रधान सुखबीर बादल की सोमवार को चंडीगढ़ जिला अदालत में पेशी थी, लेकिन सुखबीर बादल कोर्ट में पेश नहीं हुए। सुखबीर बादल के वकील राजेश कुमार रॉय की तरफ से अदालत में पेशी में छूट की मांग को लेकर एप्लीकेशन लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। इसके बाद सुखबीर बादल को कोर्ट में पेश होने से छूट मिल गई है। वकील की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि बठिंडा में पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक है, जिसमें पार्टी के तमाम नेता शामिल हुए हैं। ऐसे में सुखबीर बादल भी उस बैठक का हिस्सा हैं। इसलिए वह आज कोर्ट में पेश नहीं हो सकते।
Trending Videos
इससे पहले दो फरवरी को सुखबीर बादल जिला अदालत में पेश हुए थे। वहीं इससे पहले 17 जनवरी को बादल इसी मामले में कोर्ट में पेश हुए थे। अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती अरेस्ट वारंट जारी किए थे। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ की अदालत में सरेंडर किया। कोर्ट में 20 हजार रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरकर उन्हें जमानत मिल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुखबीर बादल के खिलाफ यह मामला 2017 में धार्मिक संगठन के प्रवक्ता ने दायर किया था। इसी मामले में दो महीने पहले बादल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे और अदालत ने उनकी जमानत भी रद्द कर दी थी। फिर पिछले महीने उन्होंने कोर्ट में पहुंच कर सरेंडर किया था। वर्ष 2017 में बादल के खिलाफ धार्मिक संगठन अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने मानहानि का केस दायर किया था। उन्होंने जत्थे के खिलाफ मीडिया में विवादित बयान दिया था।
यह केस 2017 का है जब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब दौरे के दौरान भाई आरपी सिंह के घर गए थे। सुखबीर बादल ने उस समय कथित तौर पर एक विवादित टिप्पणी की थी। इस पर आरपी सिंह ने सुखबीर बादल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। अदालत में हाजिर न होने के कारण पहले सुखबीर बादल के खिलाफ वारंट जारी हुए थे, जिसके बाद वह अदालत में पेश हुए और जमानत के लिए 20 हजार रुपये का बेल बॉन्ड भरा था।
सुखबीर बादल के वकील अर्शदीप कलेर ने बताया कि मामले में सुखबीर बादल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ की अदालत में सरेंडर किया। 20 हजार रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरकर उन्हें जमानत मिल गई। अदालत ने पहले 17 दिसंबर 2025 को बादल की जमानत रद्द कर दी थी और गैर-जमानती वारंट जारी किया था।