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Chandigarh News: 12 फरवरी को नए लेबर कानूनों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का समर्थन
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अमृतसर। लोक भलाई मंच पंजाब का चौथा सेशन मंच के मुख्यालय में सम्पन्न हुआ, जिसमें पिछले दो साल तीन महीने की गतिविधियों की रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट बलबीर सिंह झमका ने प्रस्तुत की और इसे सभी बदलावों के साथ बिना किसी विरोध के पास कर दिया गया। इसके बाद 45 सदस्यीय प्रोविंशियल जनरल काउंसिल, 19 सदस्यीय एग्जीक्यूटिव काउंसिल और 11 सदस्यीय प्रोविंशियल सेक्रेटेरिएट के चुनाव भी सर्वसम्मति से संपन्न हुए।
सेशन में अजीत सिंह भट्टी, बिहारी लाल भारती, एडवोकेट मनिंदरजीत सिंह झमका, सरदूल सिंह ढप्पई, डॉ. दलबीर सिंह हीर, मास्टर अवतार सिंह और ध्यान राम ने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। इस दौरान कई प्रस्ताव पास किए गए, जिनमें इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025, सीड बिल 2025 और चार लेबर विरोधी कोड को रद्द करने तथा मनरेगा के मूल स्वरूप को बहाल करने की मांग प्रमुख थी।
मंच ने किसान आंदोलन के ऐतिहासिक 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च का समर्थन किया और 12 फरवरी को देश भर में ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों द्वारा नए लेबर कानूनों के खिलाफ की जाने वाली हड़ताल का समर्थन किया। सभा ने सरकार से अपील की कि नए लेबर विरोधी कानूनों को लागू न किया जाए। यह निर्णय पंजाब में कर्मचारियों और किसानों के हितों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है। संवाद
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सेशन में अजीत सिंह भट्टी, बिहारी लाल भारती, एडवोकेट मनिंदरजीत सिंह झमका, सरदूल सिंह ढप्पई, डॉ. दलबीर सिंह हीर, मास्टर अवतार सिंह और ध्यान राम ने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। इस दौरान कई प्रस्ताव पास किए गए, जिनमें इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025, सीड बिल 2025 और चार लेबर विरोधी कोड को रद्द करने तथा मनरेगा के मूल स्वरूप को बहाल करने की मांग प्रमुख थी।
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मंच ने किसान आंदोलन के ऐतिहासिक 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च का समर्थन किया और 12 फरवरी को देश भर में ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों द्वारा नए लेबर कानूनों के खिलाफ की जाने वाली हड़ताल का समर्थन किया। सभा ने सरकार से अपील की कि नए लेबर विरोधी कानूनों को लागू न किया जाए। यह निर्णय पंजाब में कर्मचारियों और किसानों के हितों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है। संवाद