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Chandigarh News: नगर निगम की बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा, 15 मिनट में पास हुए चार प्रस्ताव, बैठक में एक मत में बोले पार्षद
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मोहाली। नगर निगम की बैठक में शुक्रवार को विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में जहां चार प्रस्ताव 15 मिनट में पास कर दिए वहीं दो पर चर्चा हुई। मेयर अमरजीत सिद्धू की अध्यक्षता में हुई बैठक में अलग-अलग वार्डों के पार्षदों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं रखीं। बैठक में नगर निगम में शामिल गमाडा के नए सेक्टरों और अन्य इलाकों के विकास पर चर्चा हुई। इस प्रस्ताव पर मेयर अमरजीत सिद्धू के साथ सभी पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि जब तक गमाडा से पर्याप्त फंड नहीं मिलता, तब तक इन क्षेत्रों में विकास कार्य कराना मुश्किल है। पार्षदों ने कहा कि निगम के अधीन नए सेक्टरों में सड़कें, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। इससे स्थानीय लोगों में रोष बढ़ रहा है। रिहायशी सोसाइटियों के विकास कार्याें पर मेयर ने फिर से टेबल आइटम प्रस्ताव हाउस में पेश किया। उन्होंने मीटिंग में मौजूद कई सोसाइटी के लोगों से कहा कि अगर अब भी आपका काम ना हुआ तो झाड़ू वालों को सोसाइटी में न घुसने दें।
यह प्रस्ताव हुए पास
नगर निगम की मीटिंग में एजेंडे में शामिल छह प्रस्ताव में इंडस्ट्रियल क्षेत्र-8 को नहरी पानी की सप्लाई, सड़कों की अपग्रेडेशन, नगर निगम दफ्तर में आधुनिक एचवीएसी सिस्टम लगाना, निगम में शामिल इलाकों व सेक्टरों का रिकॉर्ड टेकओवर करना, शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर लोगों को जागरूक करना और मैंगो पार्क में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के प्रस्ताव पास किए गए।
सोसाइटियों के विकास पर टकराव, पक्षपात के आरोप
नगर निगम की बैठक में शहर की विभिन्न सोसाइटियों में विकास कार्यों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बैठक के दौरान मेयर अमरजीत सिद्धू ने आप पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केवल आप पार्टी के पार्षद से जुड़ी सोसाइटी में ही विकास कार्यों के लिए टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं, जबकि बाकी सोसाइटियों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। मेयर के इस बात पर मीटिंग के दौरान सोसाइटी में विकास कार्यों को लेकर माहौल गरमा गया। आप की महिला पार्षद रमणप्रीत कुंबड़ा, गुरमीत कौर, गुरप्रीत कौर और अरुण वशिष्ठ इस मुद्दे पर मेयर अमरजीत सिद्धू से भिड़ गईं। इस दौरान उनके बीच तीखी नोकझोंक हुई और कुछ देर के लिए सदन में शोर-शराबा रहा।
मेयर ने डिप्टी मेयर पर लगाए आरोप
नगर निगम की बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब मेयर अमरजीत सिद्धू ने डिप्टी मेयर पर खुलकर हमला किया। मेयर ने हाउस में साफ शब्दों में कहा कि जो कार्य और प्रस्ताव नगर निगम हाउस से पास करवाए जाते हैं, उनकी आधिकारिक प्रतियां कार्यालय से चोरी कर डिप्टी मेयर लोगों के बीच जाकर श्रेय ले रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। बैठक के दौरान मेयर के इस बयान के बाद हाउस में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। कई पार्षदों ने भी हाउस की मर्यादा बनाए रखने की बात कही और नियमों के अनुसार काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
निगम की जमीन पर कब्जे का मामला उठाया
नगर निगम की हाउस मीटिंग के दौरान गांव मटौर की पार्षद गुरप्रीत कौर ने निगम की जमीन पर अवैध कब्जे का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि गांव में निगम की जमीन पर चार साल से भैंसे बांधकर कब्जा किया हुआ है, लेकिन अब तक इसे खाली नहीं करवाया गया। पार्षद ने बताया कि वह इस मामले को कई बार निगम अधिकारियों के संज्ञान में ला चुकी हैं। हर साल आश्वासन मिलता रहा, लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। गुरप्रीत कौर ने मांग की कि निगम की जमीन को तुरंत कब्जा मुक्त कराया जाए, ताकि उसका उपयोग सार्वजनिक हित में किया जा सके।
सेक्टर-79 की बी रोड पर कूड़े के ढेर
मोहाली। नगर निगम की बैठक में सेक्टर-79 की बी रोड पर लगे कूड़े के ढेरों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। पार्षद हरजीत भोलू ने कहा कि उक्त इलाके में लंबे समय से कूड़े के ढेर लगे हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम को जिस स्थान की फोटो खींचकर भेजी जाती है, केवल उसी जगह की सफाई कर दी जाती है, जबकि आसपास का कूड़ा जस का तस पड़ा रहता है। पार्षद हरजीत भोलू के अलावा अन्य वार्डों के पार्षदों ने भी शहर के विभिन्न हिस्सों में कूड़े के ढेर लगे होने की समस्या उठाई। पार्षदों ने कहा कि अधूरी सफाई व्यवस्था से लोगों को परेशानी हो रही है और शहर की स्वच्छता छवि भी प्रभावित हो रही है। बैठक में मांग की गई कि निगम पूरे क्षेत्र की नियमित और समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे।
अतिक्रमण हटाओ अभियान पर मेयर सख्त
मोहाली। नगर निगम द्वारा शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर हाउस मीटिंग में मेयर अमरजीत सिद्धू ने कड़ा रुख अपनाया। मेयर ने नगर निगम कमिश्नर से स्पष्ट जवाब मांगते हुए सवाल उठाया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जिम्मेदारी गमाडा की है या नगर निगम की। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक कार्रवाई को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। मेयर ने यह भी पूछा कि अब तक कितने लोगों को अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्पष्ट योजना के अपनी मर्जी से कहीं से भी कार्रवाई शुरू करना गलत है और इससे आम जनता में गलत संदेश जा रहा है। मेयर ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान नियमों और तय प्रक्रिया के तहत चलाया जाना चाहिए, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाउस को पूरी जानकारी दी जाए और एक स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर ही आगे की कार्रवाई की जाए।
अतिक्रमण पर रसूखदार हो रहे नजरअंदाज
पार्षद मनजीत सेठी ने कहा कि शहर में कई पूर्व उच्च पुलिस अधिकारी, मौजूदा अधिकारी और प्रभावशाली लोग अतिक्रमण किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने मांग की कि अभियान निष्पक्ष होना चाहिए और नियम सभी पर समान रूप से लागू किए जाएं। पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि फेज-6 में एक विधायक के रिश्तेदार द्वारा भी कब्जा किया गया है, लेकिन वहां निगम की कार्रवाई नहीं पहुंची। मनजीत सेठी ने कहा कि केवल आम लोगों और छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई करना गलत है, जबकि बड़े और रसूखदार लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।उनकी इस मांग को हाउस में मौजूद अन्य पार्षदों का भी समर्थन मिला। पार्षदों ने कहा कि यदि निगम वास्तव में अतिक्रमण हटाना चाहता है, तो प्रभावशाली लोगों के घरों और संपत्तियों पर भी बिना किसी दबाव के कार्रवाई करनी चाहिए, तभी अभियान की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
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यह प्रस्ताव हुए पास
नगर निगम की मीटिंग में एजेंडे में शामिल छह प्रस्ताव में इंडस्ट्रियल क्षेत्र-8 को नहरी पानी की सप्लाई, सड़कों की अपग्रेडेशन, नगर निगम दफ्तर में आधुनिक एचवीएसी सिस्टम लगाना, निगम में शामिल इलाकों व सेक्टरों का रिकॉर्ड टेकओवर करना, शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर लोगों को जागरूक करना और मैंगो पार्क में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के प्रस्ताव पास किए गए।
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सोसाइटियों के विकास पर टकराव, पक्षपात के आरोप
नगर निगम की बैठक में शहर की विभिन्न सोसाइटियों में विकास कार्यों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बैठक के दौरान मेयर अमरजीत सिद्धू ने आप पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केवल आप पार्टी के पार्षद से जुड़ी सोसाइटी में ही विकास कार्यों के लिए टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं, जबकि बाकी सोसाइटियों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। मेयर के इस बात पर मीटिंग के दौरान सोसाइटी में विकास कार्यों को लेकर माहौल गरमा गया। आप की महिला पार्षद रमणप्रीत कुंबड़ा, गुरमीत कौर, गुरप्रीत कौर और अरुण वशिष्ठ इस मुद्दे पर मेयर अमरजीत सिद्धू से भिड़ गईं। इस दौरान उनके बीच तीखी नोकझोंक हुई और कुछ देर के लिए सदन में शोर-शराबा रहा।
मेयर ने डिप्टी मेयर पर लगाए आरोप
नगर निगम की बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब मेयर अमरजीत सिद्धू ने डिप्टी मेयर पर खुलकर हमला किया। मेयर ने हाउस में साफ शब्दों में कहा कि जो कार्य और प्रस्ताव नगर निगम हाउस से पास करवाए जाते हैं, उनकी आधिकारिक प्रतियां कार्यालय से चोरी कर डिप्टी मेयर लोगों के बीच जाकर श्रेय ले रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। बैठक के दौरान मेयर के इस बयान के बाद हाउस में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। कई पार्षदों ने भी हाउस की मर्यादा बनाए रखने की बात कही और नियमों के अनुसार काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
निगम की जमीन पर कब्जे का मामला उठाया
नगर निगम की हाउस मीटिंग के दौरान गांव मटौर की पार्षद गुरप्रीत कौर ने निगम की जमीन पर अवैध कब्जे का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि गांव में निगम की जमीन पर चार साल से भैंसे बांधकर कब्जा किया हुआ है, लेकिन अब तक इसे खाली नहीं करवाया गया। पार्षद ने बताया कि वह इस मामले को कई बार निगम अधिकारियों के संज्ञान में ला चुकी हैं। हर साल आश्वासन मिलता रहा, लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। गुरप्रीत कौर ने मांग की कि निगम की जमीन को तुरंत कब्जा मुक्त कराया जाए, ताकि उसका उपयोग सार्वजनिक हित में किया जा सके।
सेक्टर-79 की बी रोड पर कूड़े के ढेर
मोहाली। नगर निगम की बैठक में सेक्टर-79 की बी रोड पर लगे कूड़े के ढेरों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। पार्षद हरजीत भोलू ने कहा कि उक्त इलाके में लंबे समय से कूड़े के ढेर लगे हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम को जिस स्थान की फोटो खींचकर भेजी जाती है, केवल उसी जगह की सफाई कर दी जाती है, जबकि आसपास का कूड़ा जस का तस पड़ा रहता है। पार्षद हरजीत भोलू के अलावा अन्य वार्डों के पार्षदों ने भी शहर के विभिन्न हिस्सों में कूड़े के ढेर लगे होने की समस्या उठाई। पार्षदों ने कहा कि अधूरी सफाई व्यवस्था से लोगों को परेशानी हो रही है और शहर की स्वच्छता छवि भी प्रभावित हो रही है। बैठक में मांग की गई कि निगम पूरे क्षेत्र की नियमित और समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे।
अतिक्रमण हटाओ अभियान पर मेयर सख्त
मोहाली। नगर निगम द्वारा शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर हाउस मीटिंग में मेयर अमरजीत सिद्धू ने कड़ा रुख अपनाया। मेयर ने नगर निगम कमिश्नर से स्पष्ट जवाब मांगते हुए सवाल उठाया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जिम्मेदारी गमाडा की है या नगर निगम की। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक कार्रवाई को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। मेयर ने यह भी पूछा कि अब तक कितने लोगों को अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्पष्ट योजना के अपनी मर्जी से कहीं से भी कार्रवाई शुरू करना गलत है और इससे आम जनता में गलत संदेश जा रहा है। मेयर ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान नियमों और तय प्रक्रिया के तहत चलाया जाना चाहिए, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाउस को पूरी जानकारी दी जाए और एक स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर ही आगे की कार्रवाई की जाए।
अतिक्रमण पर रसूखदार हो रहे नजरअंदाज
पार्षद मनजीत सेठी ने कहा कि शहर में कई पूर्व उच्च पुलिस अधिकारी, मौजूदा अधिकारी और प्रभावशाली लोग अतिक्रमण किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने मांग की कि अभियान निष्पक्ष होना चाहिए और नियम सभी पर समान रूप से लागू किए जाएं। पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि फेज-6 में एक विधायक के रिश्तेदार द्वारा भी कब्जा किया गया है, लेकिन वहां निगम की कार्रवाई नहीं पहुंची। मनजीत सेठी ने कहा कि केवल आम लोगों और छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई करना गलत है, जबकि बड़े और रसूखदार लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।उनकी इस मांग को हाउस में मौजूद अन्य पार्षदों का भी समर्थन मिला। पार्षदों ने कहा कि यदि निगम वास्तव में अतिक्रमण हटाना चाहता है, तो प्रभावशाली लोगों के घरों और संपत्तियों पर भी बिना किसी दबाव के कार्रवाई करनी चाहिए, तभी अभियान की विश्वसनीयता बनी रहेगी।