सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Degree courses can completed through mobile phones and laptops studying at digital open university in Punjab

Punjab: नौकरी के साथ डिग्री भी कर सकेंगे... मोबाइल और लैपटॉप के जरिये होंगे कोर्स, क्या है डिजिटल यूनिवर्सिटी?

मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sat, 10 Jan 2026 06:29 AM IST
विज्ञापन
सार

पंजाब कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को सूबा सरकार ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी- 2026 को मंजूरी दे दी है। विधानसभा में इसे बिल के रूप में भी पारित करवाया जाएगा।

Degree courses can completed through mobile phones and laptops studying at digital open university in Punjab
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

विद्यार्थी अब बिना कॉलेज व हॉस्टल के शिक्षा ग्रहण कर विभिन्न डिग्री कोर्स कर सकेंगे। यह सुविधा उन्हें डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी के जरिये मिलेगी। इस माध्यम से शिक्षा किफायती और सुगम होगी। साथ ही कक्षाएं भी मोबाइल व लैपटॉप के जरिये घर अथवा कहीं बैठे लग सकेंगी। ये डिग्रियां कानूनी रूप से मान्य और एआईसीटीई/यूजीसी के मानदंडों के अनुरूप होंगी।

Trending Videos


यूएसए मॉडल की तर्ज पर मॉडर्न हायर एजुकेशन इको सिस्टम तैयार कर पंजाब सरकार ऐसी सुविधा सूबे में देने जा रही है। इसके अंतर्गत विभिन्न प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान शर्तों को पूरा करते हुए डिजिटल प्राइवेट ओपन यूनिवर्सिटी शुरू कर सकेंगे। यह पॉलिसी दुनिया की सफल डिजिटल वेस्टर्न गवर्नर्स यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ फीनिक्स, वाल्डेन यूनिवर्सिटी, ओपन यूनिवर्सिटी मलयेशिया और अन्य यूनिवर्सिटीज को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसका बड़ा फायदा नौकरियों में व्यस्त विद्यार्थियों और पेशेवरों को भी होगा। वे काम के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से विभिन्न कोर्स कर अपनी शैक्षणिक योग्यता को बढ़ा सकेंगे। यह भारत में इस तरह की पहली पॉलिसी है। अब तक सिर्फ त्रिपुरा ने बिना किसी कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी के डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाई है। लिहाजा पंजाब इस क्षेत्र में पॉलिसी और मॉडल के साथ आगे बढ़ने वाला पहला राज्य बन गया है।

दरअसल, शुक्रवार को सूबा सरकार ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी- 2026 को मंजूरी दे दी है। विधानसभा में इसे बिल के रूप में भी पारित करवाया जाएगा। इसका मकसद ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) प्रोग्राम देने वाली प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी को रेगुलेट और बढ़ावा देना है। यह पंजाब को एक डिजिटल लर्निंग हब के तौर पर स्थापित करेगी। इससे आईटी, एआई, बिजनेस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और डाटा साइंस जैसे विषयों में लगातार सीखने का कल्चर मजबूत होगा।

डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए शर्तें

  • यूनिवर्सिटी बनाने के लिए प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान के पास कम से कम 2.5 एकड़ जमीन होनी चाहिए।
  • डिजिटल कंटेंट स्टूडियो, कंट्रोल रूम, सर्वर रूम और ऑपरेशन सेंटर, स्टेट ऑफ द आर्ट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर समेत अन्य सुविधाओं का होना जरूरी है।
  • संस्थान के पास डिजिटल कंटेंट क्रिएशन स्टूडियो, आईटी सर्वर रूम, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) ऑपरेशन सेंटर, डिजिटल एग्जाम कंट्रोल रूम, टेक्नोलॉजी-बेस्ड कॉल सेंटर, 24×7 स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम और कम से कम 20 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड होना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed