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Chandigarh News: पाकिस्तान–भारत बिजनेस काउंसिल ने क्षेत्रीय सहयोग और संवाद का किया आह्वान
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-भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर साझा प्रगति पर जोर
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संवाद न्यूज एजेंसी
होशियारपुर। पाकिस्तान-भारत बिज़नेस काउंसिल (पीआईबीसी) के चेयरमैन नूर मोहम्मद कसूरी ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए दक्षिण एशिया में संवाद, सहयोग और साझा प्रगति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस मौके पर सीमा-पार आर्थिक सहयोग, व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क को बढ़ाने की वकालत की।
कसूरी ने इस्लामाबाद से भेजे गए अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल राष्ट्रीय पहचान का उत्सव नहीं है बल्कि यह आपसी सम्मान और क्षेत्रीय सद्भाव को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने भारत की बुनियादी ढांचे, तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने साझा प्रयासों के माध्यम से समावेशी विकास, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की संभावना बताई। कसूरी ने जलवायु परिवर्तन, गरीबी, भूख, बीमारी और शिक्षा में असमानता जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक और क्षेत्रीय प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
चेयरमैन ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे संवाद, सहिष्णुता और स्थायी शांति को बढ़ावा दें। उन्होंने पाकिस्तान और भारत के लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक, भाषाई और भावनात्मक संबंधों को और मजबूत करने का आह्वान किया। उनके अनुसार राजनीतिक मतभेद क्षेत्रीय स्थिरता और साझा विकास के प्रयासों में बाधक नहीं बनने चाहिए।
कसूरी ने व्यापार, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण में संयुक्त पहलों का सुझाव दिया जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय समुदायों का उत्थान हो। उन्होंने दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व, नागरिक समाज और मीडिया से टकराव की भाषा छोड़कर सकारात्मक संवाद अपनाने की अपील की। कसूरी ने अंत में कहा कि स्थायी शांति और सहयोग पूरे दक्षिण एशिया के लिए स्थिरता और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।
साझा भविष्य के लिए प्रमुख पहल
-सीमा-पार आर्थिक और औद्योगिक सहयोग बढ़ाना।
-संयुक्त व्यापार, तकनीक और पर्यावरणीय परियोजनाओं को बढ़ावा देना।
-शिक्षा, नवाचार और समावेशी विकास के माध्यम से क्षेत्रीय समृद्धि सुनिश्चित करना।
-वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों जैसे गरीबी, शिक्षा असमानता और जलवायु परिवर्तन से निपटना।
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संवाद न्यूज एजेंसी
होशियारपुर। पाकिस्तान-भारत बिज़नेस काउंसिल (पीआईबीसी) के चेयरमैन नूर मोहम्मद कसूरी ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए दक्षिण एशिया में संवाद, सहयोग और साझा प्रगति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस मौके पर सीमा-पार आर्थिक सहयोग, व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क को बढ़ाने की वकालत की।
कसूरी ने इस्लामाबाद से भेजे गए अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल राष्ट्रीय पहचान का उत्सव नहीं है बल्कि यह आपसी सम्मान और क्षेत्रीय सद्भाव को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने भारत की बुनियादी ढांचे, तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
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उन्होंने साझा प्रयासों के माध्यम से समावेशी विकास, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की संभावना बताई। कसूरी ने जलवायु परिवर्तन, गरीबी, भूख, बीमारी और शिक्षा में असमानता जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक और क्षेत्रीय प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
चेयरमैन ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे संवाद, सहिष्णुता और स्थायी शांति को बढ़ावा दें। उन्होंने पाकिस्तान और भारत के लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक, भाषाई और भावनात्मक संबंधों को और मजबूत करने का आह्वान किया। उनके अनुसार राजनीतिक मतभेद क्षेत्रीय स्थिरता और साझा विकास के प्रयासों में बाधक नहीं बनने चाहिए।
कसूरी ने व्यापार, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण में संयुक्त पहलों का सुझाव दिया जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय समुदायों का उत्थान हो। उन्होंने दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व, नागरिक समाज और मीडिया से टकराव की भाषा छोड़कर सकारात्मक संवाद अपनाने की अपील की। कसूरी ने अंत में कहा कि स्थायी शांति और सहयोग पूरे दक्षिण एशिया के लिए स्थिरता और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।
साझा भविष्य के लिए प्रमुख पहल
-सीमा-पार आर्थिक और औद्योगिक सहयोग बढ़ाना।
-संयुक्त व्यापार, तकनीक और पर्यावरणीय परियोजनाओं को बढ़ावा देना।
-शिक्षा, नवाचार और समावेशी विकास के माध्यम से क्षेत्रीय समृद्धि सुनिश्चित करना।
-वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों जैसे गरीबी, शिक्षा असमानता और जलवायु परिवर्तन से निपटना।