{"_id":"6a399d926e1e232da70d239a","slug":"threats-involving-crores-extortion-in-the-lakhs-a-new-trend-of-extortion-in-tricity-chandigarh-news-c-16-pkl1049-1052066-2026-06-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ट्राइसिटी में रंगदारी का नया ट्रेंड: करोड़ों की धमकी के बाद करते हैं मोलभाव, फिर लाखों पर उतर आते हैं आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्राइसिटी में रंगदारी का नया ट्रेंड: करोड़ों की धमकी के बाद करते हैं मोलभाव, फिर लाखों पर उतर आते हैं आरोपी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
सार
पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर के कई नामी कारोबारियों को पिछले कुछ महीनों में ऐसे कॉल और संदेश मिले हैं जिनमें कॉल करने वाले खुद को रोहित गोदारा, लॉरेंस गैंग या अन्य गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा बताते हैं।
कैशियर हत्याकांड के आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब/फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
गैंगस्टरों के ट्राइसिटी के कारोबारियों से रंगदारी मांगने के मामलों में नया और चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है।
पुलिस जांच और व्यापारियों की शिकायतों से अब तक सामने आया है कि धमकी देने वाले पहले 4 से 5 करोड़ रुपये तक की मांग करते हैं, फिर बातचीत के दौरान रकम घटाते-घटाते 3 से 5 लाख रुपये तक ले आते हैं।
विदेशी नंबरों, व्हाट्सएप कॉल, वॉयस मैसेज और सोशल मीडिया के जरिये भेजी जा रही इन धमकियों ने कारोबारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर के कई नामी कारोबारियों को पिछले कुछ महीनों में ऐसे कॉल और संदेश मिले हैं जिनमें कॉल करने वाले खुद को रोहित गोदारा, लॉरेंस गैंग या अन्य गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा बताते हैं। परिवार को नुकसान पहुंचाने, कारोबार बंद कराने और गोली मारने जैसी धमकियां देकर रकम मांगी जाती है। हालांकि पुलिस को यह भी आशंका है कि कई मामलों में असल गैंगस्टरों के नाम का इस्तेमाल कर साइबर ठग और शरारती तत्व उगाही की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस जांच और व्यापारियों की शिकायतों से अब तक सामने आया है कि धमकी देने वाले पहले 4 से 5 करोड़ रुपये तक की मांग करते हैं, फिर बातचीत के दौरान रकम घटाते-घटाते 3 से 5 लाख रुपये तक ले आते हैं।
विदेशी नंबरों, व्हाट्सएप कॉल, वॉयस मैसेज और सोशल मीडिया के जरिये भेजी जा रही इन धमकियों ने कारोबारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर के कई नामी कारोबारियों को पिछले कुछ महीनों में ऐसे कॉल और संदेश मिले हैं जिनमें कॉल करने वाले खुद को रोहित गोदारा, लॉरेंस गैंग या अन्य गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा बताते हैं। परिवार को नुकसान पहुंचाने, कारोबार बंद कराने और गोली मारने जैसी धमकियां देकर रकम मांगी जाती है। हालांकि पुलिस को यह भी आशंका है कि कई मामलों में असल गैंगस्टरों के नाम का इस्तेमाल कर साइबर ठग और शरारती तत्व उगाही की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
फरवरी से जून तक बढ़ीं धमकियां
फरवरी 2026: एक बड़े व्यापारी को अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर से लगातार कॉल और वॉयस मैसेज भेजकर 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।मई 2026: खराड़ के कारोबारी, जिनका सेक्टर-17 में कार्यालय है, को खुद को हैरी बॉक्सर बताने वाले व्यक्ति ने 2 करोड़ रुपये की मांग वाला वॉयस मैसेज भेजा। परिवार की रेकी करने का दावा भी किया गया।
जून 2026: कारोबारी रतन लबाना पर फायरिंग हुई। इस हमले की जिम्मेदारी रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये ली।
जून 2026: सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट पर फायरिंग और कैशियर जानकी दास की हत्या के बाद रंगदारी नेटवर्क और गैंगस्टर मॉड्यूल की जांच तेज हुई।
डर का कारोबार... 5 करोड़ से 4 लाख तक
जांच में सामने आया है कि कई मामलों में शुरुआती मांग बेहद बड़ी रखी जाती है ताकि कारोबारी भयभीत हो जाए। इसके बाद लगातार फोन कर समझौते की बात होती है और रकम तेजी से घटाई जाती है।एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पांच करोड़ से शुरू हुई मांग 4 लाख तक आने के मामले सामने आए हैं। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि कुछ कॉल पेशेवर रंगदारी गैंग के बजाय डर पैदा कर त्वरित वसूली करने वाले नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं।
तंग आकर बोला कारोबारी-दुकान की चाबी ले जाओ
नाम न छापने की शर्त पर एक कारोबारी ने बताया कि पिछले कई दिनों से उसे लगातार धमकी भरे कॉल और व्हाट्सएप संदेश मिल रहे थे। कॉल करने वाले खुद को गैंगस्टर गिरोह से जुड़ा बताकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। शुरुआत में बड़ी रकम मांगी गई लेकिन बाद में मांग लगातार घटती चली गई।कारोबारी ने बताया कि रकम कम होते जाने से उसे समझ आ गया कि सामने वाले डर का माहौल बनाकर पैसे ऐंठना चाहते हैं। आखिरकार परेशान होकर उसने फोन करने वालों से कह दिया कि अगर इतना ही शौक है तो दुकान की चाबी ले जाओ, कारोबार भी तुम ही संभाल लो। इसके बाद कुछ समय के लिए कॉल और संदेश आने बंद हो गए।
पुलिस की जांच किस दिशा में
चंडीगढ़ पुलिस ने ऐसे कई मामलों में तकनीकी जांच शुरू की है। एक बड़े कारोबारी को मिले धमकी भरे संदेशों की भाषा और लिखावट असामान्य पाए जाने के बाद पुलिस ने साइबर एंगल की भी पड़ताल शुरू की। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि कौन से मामले वास्तविक गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हैं और किनमें गैंगस्टरों के नाम का इस्तेमाल कर ठगी की कोशिश हुई। पुलिस का कहना है कि कारोबारी धमकी मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं, कॉल रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट और वॉयस मैसेज सुरक्षित रखें और किसी भी हालत में रकम का लेनदेन न करें।क्यों चिंतित हैं कारोबारी?
- धमकी के साथ परिवार की रेकी का दावा
- विदेशी नंबरों और इंटरनेट कॉल का इस्तेमाल
- रकम घटाकर त्वरित भुगतान का दबाव
- गोलियों और फायरिंग की हालिया घटनाओं से बढ़ा डर