भर्ती फर्जीवाड़े पर हंगामा: सदन में हुड्डा ने पढ़ी चैट, विपक्ष सीबीआई जांच पर अड़ा, सीएम बोले-अपनी एजेंसी से कराएंगे
नौकरियों में फर्जीवाड़े के मुद्दे पर एचपीएससी चेयरमैन और उपसचिव की कथित वाट्सअप चैट पर सदन में जमकर हंगामा हुआ है। विपक्ष ने हाईकोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं हरियाणा सरकार ने अपनी एजेंसियों से जांच कराने की बात कही।
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नौकरियों में फर्जीवाड़े को लेकर सोमवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एचपीएससी के चेयरमैन और तत्कालीन उपसचिव अनिल नागर की कथित व्हाट्सएप चैट पढ़ी। इस पर विपक्षी दल मामले की जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज की गिनरानी में सीबीआई से कराने की मांग पर अड़ गए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जवाब दिया कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा लेकिन जांच अपनी ही एजेंसी से कराएंगे।
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस, इनेलो और निर्दलीय विधायकों द्वारा लाए गए काम रोको प्रस्ताव के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला। हुड्डा ने एचपीएससी के चेयरमैन और तत्कालीन उपसचिव अनिल नागर की व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक कर नया खुलासा किया। हुड्डा ने बताया कि चैटिंग में चेयरमैन द्वारा दिए गए एचसीएस उम्मीदवारों के नामों को लिस्ट में एड करने और अश्वनी से पांच करोड़ रुपये लेने की बातें हैं। इसके अलावा, ज्यूडिशियल भर्ती का भी जिक्र है। चैट पढ़ने के बाद विपक्षी दलों से जमकर हंगामा किया और मामले की जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज की गिनरानी में सीबीआई से कराने की मांग की। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच तो जरूर कराएंगे लेकिन अपनी ही एजेंसी करेगी और कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।
हुड्डा ने तीन पेजों की चैट को लहराते हुए कहा कि उनके पास एचपीएससी के मौजूदा चेयरमैन के खिलाफ शिकायत आई है। उन्होंने नागर के मोबाइल नंबर का जिक्र करते उसके और हरियाणा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन के बीच हुई कथित चैट पढ़ी। चैट के अनुसार, नागर ने चेयरमैन को व्हाट्सएप पर मैसेज किया और मिलने के की बात कही। चेयरमैन ने कहा कि वह बाहर हैं, कुछ जरूरी हो तो व्हाट्सएप पर ही बताओ। नागर ने चेयरमैन को बताया कि आप द्वारा एचसीएस भर्ती को लेकर दिए गए उम्मीदवारों को लिस्ट में एड कर दिया है। इस पर चेयरमैन उन्हें ग्रेट कहते हुए पैसों का जिक्र करते हैं।
जवाब में नागर बताता है कि पांच करोड़ रुपये अश्वनी से ले लिए हैं और आप जहां कहोगे पहुंच जाएंगे। हालांकि, चेयरमैन यह भी सलाह देते हैं इन चीजों को मैसेज में जिक्र नहीं करते। इसके बाद डेंटल सर्जन की भर्ती पर भी मैसेज हुए। नागर ने बताया कि अभी नवीन से मिलने के बाद ही बताएगा। एचसीएस ज्यूडिशियल भर्ती में एडजेस्ट करने की बात कही गई है। इसके अलावा, चेयरमैन ये भी पूछ रहे हैं कि सीएम ऑफिस, सचिव या आयोग के मेंबर से तो भर्ती को लेकर संपर्क नहीं किया है। इस पर नागर ना में जवाब देते हैं। इस पूरी चैटिंग को पढ़ते हुए हुड्डा ने कहा कि क्या इस मामले की जांच नहीं होनी चाहिए। हुड्डा ने ये भी कहा कि वह नहीं कहते कि ये सच है या झूठ लेकिन इसकी जांच होनी चाहिए।
मैंने पिटारा खोला तो कई को परेशानी होगी: अभय यादव
इससे पहले, नांगल चौधरी से भाजपा के विधायक अभय यादव ने कहा कि वह 1982 से एचपीएससी को जानते हैं। इससे पहले यहां पर क्या-क्या होता था, वह सारा पता है। अगर मैंने पिटारा खोला और कहानियां बताई तो कई लोगों को परेशानी होगी। यादव ने अपना मोबाइल दिखाते हुए कहा कि उनके पास हुड्डा के समय की भर्ती की दो ओएमआर शीट हैं। इस पर जमकर हंगामा हुआ। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने अभय यादव पर ही सवाल उठाए और सीएम से मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए।
हुड्डा ने 7027460111 मोबाइल नंबर की व्हाट्सएप चैट की सार्वजनिक
भूपेंद्र हुड्डा ने विधानसभा में मोबाइल नंबर 7027460111 बताते हुए इसकी चैटिंग सार्वजनिक की। यह चैटिंग एचपीएससी के चेयरमैन और तत्कालीन उपसचिव अनिल नागर की बताई गई, जिसमें एचसीएस, डेंटल सर्जन और ज्यूडिशियल भर्ती का जिक्र है। डेंटल सर्जन भर्ती फर्जीवाड़े के आरोपी अश्वनी, नवीन के भी नाम लिखे हैं। नागर अश्वनी से 5 करोड़ रुपये लेने की बात स्वीकार रहा है। नागर को चेयरमैन ने बी केयरफुल रहने के लिए लिखा है। भर्तियों को लेकर अन्य मेंबर व सचिव के बारे में भी चेयरमैन अपडेट ले रहे हैं।