चंडीगढ़: राजअंगद बावा और हरनूर सिंह पन्नू को एक-एक लाख का नकद पुरस्कार, माता-पिता व कोच भी सम्मानित
आईसीसी अंडर-19 विश्व कप जीतने और घरेलू रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लेने के बाद पहली बार शहर आए राजअंगद को आने वाले दिनों में आईपीएल में बड़े सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिलेगा।
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आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले शहर के दोनों खिलाड़ियों राजअंगद बावा और हरनूर सिंह पन्नू को यूटी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) ने मंगलवार को एक-एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सेक्टर-17 में हुए इस सम्मान समारोह में पूर्व क्रिकेटर कपिल देव के अलावा प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल और यूटीसीए अध्यक्ष संजय टंडन भी मौजूद रहे। दोनों खिलाड़ियों के माता-पिता के साथ-साथ उनके कोच रविकांत शर्मा को भी सम्मानित किया गया।
बता दें कि आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के तुरंत बाद दोनों खिलाड़ी दिल्ली से ही रणजी ट्रॉफी के मैच खेलने ओडिशा चले गए थे। मंगलवार को ही दोनों की चंडीगढ़ वापसी हुई। संजय टंडन ने कहा कि बावा और पन्नू की इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि यूटीसीए ने मात्र तीन वर्ष के गठन के भीतर ही न केवल बीसीसीआई के घरेलू आयोजनों में बल्कि आईसीसी के प्रतिष्ठित आयोजन अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपनी प्रतिभा दिखाई है।
बताया कि बावा ने वर्ल्ड कप में कुल 252 रन बनाने के साथ नौ विकेट चटकाए। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने पांच विकेट लेने के साथ ही 35 रन की पारी खेली, जिस पर उन्हें मैन ऑफ द मैच पुरस्कार से भी नवाजा गया। हरनूर का प्रदर्शन भी शानदार रहा, उन्होंने कुल 141 रन बनाए थे। भारतीय टीम के विश्व विजेता बनने में दोनों खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मौके पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए राजअंगद बावा और हरनूर सिंह पन्नू ने कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। निकट भविष्य में उनका प्रयास अपने खेल में अधिक पैनापन लाना है, जिससे कि वे राष्ट्रीय टीम में देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।
शिखर धवन से मिलने को बेताब हूं: राजअंगद बावा
आईसीसी अंडर-19 विश्व कप जीतने और घरेलू रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लेने के बाद पहली बार शहर आए राजअंगद को आने वाले दिनों में आईपीएल में बड़े सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिलेगा। वहीं, हरनूर जल्द ही अंडर-25 घरेलू टूर्नामेंट में फिर से अपना कौशल दिखाएंगे। राजअंगद ने कहा कि शिखर धवन से मिलने को वह बेताब हैं, क्योंकि विश्व कप में उन्होंने शिखर का रिकॉर्ड तोड़ा था।
वह कहते हैं कि उन्हें अंदाजा नहीं है कि शिखर को उनके रिकॉर्ड तोड़े जाने के बारे में पता भी है या नहीं। विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले ओवर में उन्हें काफी रन पड़े थे। हालांकि बाद में कप्तान ने उन पर भरोसा किया जिस पर वह खरे भी उतरे। आईपीएल नीलामी में अधिक बोली के सवाल पर राजअंगद बावा ने कहा कि उन्हें इतनी महंगी कीमत पर खरीदे जाने की उम्मीद नहीं थी। इस दौरान जब हरनूर को खरीदा नहीं गया था, तब उन्हें यह लगने लगा था कि मुझे खरीदा जाएगा कि नहीं। वहीं हरनूर ने कहा कि आईपीएल में नहीं बिकना भी जिंदगी में हमें बहुत कुछ सिखा गया।
फाइनल से पहले देखी फिल्म 83
राजअंगद ने बताया कि फाइनल मैच से एक दिन पहले पूरी टीम ने 1983 विश्व कप की जीत पर आधारित फिल्म देखी थी। तब वे कपिल देव से प्रोत्साहित हो गए थे और सभी का मनोबल भी बढ़ा था। उनका कहना है कि उनके कप्तान यश ढुल्ल ने टीम को बेहतर तरीके से संभाला।
कपिल की नसीहत, क्रिकेट के ग्लैमर और चकाचौंध से बचकर रहना
सम्मान समारोह में पहुंचे कपिल देव ने राजअंगद बावा और हरनूर पन्नू को कई टिप्स दिए। कहा कि क्रिकेट के ग्लैमर और चकाचौंध से बचना है। दोनों से बात करते हुए कपिल ने कहा कि आज यहां बोलोगे तो झिझक भी खत्म हो जाएगी। कल को देश के कप्तान बनोगे तो बिना झझक बोल सकोगे, इसलिए बोलना सीख लो। अपने समय में मुझे तो बोलना भी नहीं आता था। जब पहला इंटरव्यू हुआ तो मैं बाथरूम जाने के बहाने गायब हो गया था। वहीं, वर्ल्ड कप और सम्मान समारोह में मिली राशि के बारे में पूछा और कहा कि कल को पैसा मिले या न मिले, आप को देश के लिए खेलना है और अच्छा प्रदर्शन करना है। यह भी कहा कि वह जिंदगी में दो तरह के क्रिकेटर से मिले, एक सचिन तेंदुलकर और दूसरा विनोद कांबली।
दोनों में बराबर का टैलेंट था लेकिन कांबली बहक गया। कपिल ने कहा कि आजकल के बच्चे आईपीएल क्या देखते हैं बीएमडब्ल्यू की बात करने लगते हैं। क्या आपकी भी ऐसी ही योजना नहीं, इस पर दोनों खिलाड़ियों ने जवाब दिया कि ‘सर साइकिल पर भी आना पड़ा तो स्टेडियम में आएंगे।’ इस पर कपिल ने कहा कि ऐसा मैंने शुरुआत में ऋषभ पंत से भी सुना था। मुझे उम्मीद है कि आप बहुत नाम कमाएं।