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Raipur News: सरकारी शराब दुकानों में नौकरी का झांसा देकर 4.50 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार
Tue, 30 Jun 2026 04:42 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 30 Jun 2026 04:42 PM IST
सार
सरकारी शराब दुकानों में सुपरवाइजर और सेल्समैन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को खम्हारडीह थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरकारी शराब दुकानों में सुपरवाइजर और सेल्समैन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को खम्हारडीह थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बेरोजगार युवकों से करीब 4.50 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
पुलिस के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सितंबर 2025 में उसके मोबाइल पर छत्तीसगढ़ की शासकीय मदिरा दुकानों में भर्ती का संदेश आया था। संदेश में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने खुद को भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए रायपुर बुलाया और सरकारी शराब दुकानों में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग की।
आरोप है कि युवक और उसके परिचितों से किस्तों में ऑनलाइन और नकद माध्यम से कुल 3 लाख रुपये वसूले गए। इसके बाद दो लोगों को कोरबा जिले की सरकारी विदेशी मदिरा दुकान के नाम से नियुक्ति पत्र दिए गए, लेकिन जांच में वे पूरी तरह फर्जी निकले।
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जब पीड़ितों ने नौकरी या रकम वापस मांगी तो मुख्य आरोपी ने उन्हें अपने साथी से मिलवाया, जिसने खुद को एक निजी कंपनी का ऑपरेशन हेड बताकर दूसरी जगह नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया। इस बहाने उसने भी 1.50 लाख रुपये ले लिए। इसके बावजूद न नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई।
शिकायत मिलने पर खम्हारडीह थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेकर धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश साहू और दिलीप यादव के रूप में की है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस मामले में यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरह और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
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पुलिस के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सितंबर 2025 में उसके मोबाइल पर छत्तीसगढ़ की शासकीय मदिरा दुकानों में भर्ती का संदेश आया था। संदेश में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने खुद को भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए रायपुर बुलाया और सरकारी शराब दुकानों में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग की।
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आरोप है कि युवक और उसके परिचितों से किस्तों में ऑनलाइन और नकद माध्यम से कुल 3 लाख रुपये वसूले गए। इसके बाद दो लोगों को कोरबा जिले की सरकारी विदेशी मदिरा दुकान के नाम से नियुक्ति पत्र दिए गए, लेकिन जांच में वे पूरी तरह फर्जी निकले।
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जब पीड़ितों ने नौकरी या रकम वापस मांगी तो मुख्य आरोपी ने उन्हें अपने साथी से मिलवाया, जिसने खुद को एक निजी कंपनी का ऑपरेशन हेड बताकर दूसरी जगह नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया। इस बहाने उसने भी 1.50 लाख रुपये ले लिए। इसके बावजूद न नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई।
शिकायत मिलने पर खम्हारडीह थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेकर धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश साहू और दिलीप यादव के रूप में की है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस मामले में यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरह और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।