{"_id":"68e8ff1ccb2a4995590fc2d2","slug":"57-year-old-surya-pratap-donated-blood-for-the-26th-time-inspiring-the-youth-in-ramanujganj-2025-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामानुजगंज: 57 वर्षीय सूर्य प्रताप ने 26वीं बार किया रक्तदान, युवाओं को किया प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामानुजगंज: 57 वर्षीय सूर्य प्रताप ने 26वीं बार किया रक्तदान, युवाओं को किया प्रेरित
अमर उजाला नेटवर्क, रामानुजगंज
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 10 Oct 2025 06:17 PM IST
विज्ञापन
सार
विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी सूर्य प्रताप कुशवाहा (57 वर्ष) ने अपनी 26वीं बार रक्तदान कर समाज को प्रेरित संदेश दिया है। इस बार उन्होंने अपनी पत्नी के साथ बलरामपुर जिला अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया।
57 वर्षीय सूर्य प्रताप ने 26वीं बार किया रक्तदान
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मानवता और सेवा भाव की मिसाल पेश करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी सूर्य प्रताप कुशवाहा (57 वर्ष) ने अपनी 26वीं बार रक्तदान कर समाज को प्रेरित संदेश दिया है। इस बार उन्होंने अपनी पत्नी के साथ बलरामपुर जिला अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया।
रक्तदान के बाद कुशवाहा ने कहा, “रक्तदान मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल किसी की जान बचाने का माध्यम है, बल्कि आत्मिक संतुष्टि भी देता है। जब यह अहसास होता है कि मेरे द्वारा दिया गया रक्त किसी ज़रूरतमंद की जिंदगी बचा सकता है, तो यह खुशी शब्दों से परे होती है।”
सूर्य प्रताप कुशवाहा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि वह 57 साल की उम्र में स्वस्थ रहकर नियमित रक्तदान कर सकते हैं, तो 20 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लोग तो और भी आसानी से यह कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। कुशवाहा ने समाज से अपील की कि रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जाए। यह पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। उनका परिवार भी समाज सेवा और उपलब्धियों का प्रतीक है। उनका बेटा वर्ष 2017 में छत्तीसगढ़ पीएससी में टॉप कर डिप्टी कलेक्टर बना था और वर्तमान में जशपुर जिले में पदस्थ है, वहीं उनकी बेटी तहसीलदार के पद पर कार्यरत है।
Trending Videos
रक्तदान के बाद कुशवाहा ने कहा, “रक्तदान मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल किसी की जान बचाने का माध्यम है, बल्कि आत्मिक संतुष्टि भी देता है। जब यह अहसास होता है कि मेरे द्वारा दिया गया रक्त किसी ज़रूरतमंद की जिंदगी बचा सकता है, तो यह खुशी शब्दों से परे होती है।”
विज्ञापन
विज्ञापन
सूर्य प्रताप कुशवाहा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि वह 57 साल की उम्र में स्वस्थ रहकर नियमित रक्तदान कर सकते हैं, तो 20 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लोग तो और भी आसानी से यह कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। कुशवाहा ने समाज से अपील की कि रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जाए। यह पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। उनका परिवार भी समाज सेवा और उपलब्धियों का प्रतीक है। उनका बेटा वर्ष 2017 में छत्तीसगढ़ पीएससी में टॉप कर डिप्टी कलेक्टर बना था और वर्तमान में जशपुर जिले में पदस्थ है, वहीं उनकी बेटी तहसीलदार के पद पर कार्यरत है।