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गरियाबंद : नेशनल लोक अदालत में 72,379 प्रकरणों का निपटारा, 61.26 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त
अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 14 Mar 2026 07:27 PM IST
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सार
गरियाबंद सहित जिले के विभिन्न न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कुल 76,168 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 72,379 प्रकरणों का निराकरण कर 61,26,364 रुपए की राशि का एवार्ड पारित किया गया।
नेशनल लोक अदालत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गरियाबंद में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा के मार्गदर्शन में शनिवार 14 मार्च को जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद सहित जिले के विभिन्न न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कुल 76,168 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 72,379 प्रकरणों का निराकरण कर 61,26,364 रुपए की राशि का एवार्ड पारित किया गया।
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तालुका विधिक सेवा समिति गरियाबंद के अध्यक्ष एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी यशवंत वासनीकर ने बताया कि लोक अदालत के लिए गरियाबंद में दो खंडपीठों का गठन किया गया था। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बी.आर. साहू की खंडपीठ में कुल 1,694 प्रकरण राजीनामा के लिए रखे गए थे, जिनमें 64 लंबित और 1,630 प्रीलिटिगेशन प्रकरण शामिल थे। इनमें 16 लंबित प्रकरणों का निराकरण कर 16,81,000 रुपए तथा 84 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण कर 7,59,756 रुपए का एवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार इस खंडपीठ में कुल 100 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 24,40,756 रुपए की राशि का एवार्ड पारित हुआ।
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वहीं व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी गरियाबंद कु. खुशबू जैन की खंडपीठ में प्रीलिटिगेशन, लंबित एवं समरी सहित कुल 1,556 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से 362 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 13,12,717 रुपए की राशि अदा कराई गई। इसी तरह न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी देवभोग श्रीमती कांची अग्रवाल की खंडपीठ में कुल 1,393 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 1,392 प्रकरणों का निराकरण कर 8,30,891 रुपए की राशि अदा कराई गई।
न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी एवं व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी राजिम सचिन पॉल टोप्पो की खंडपीठ में प्रीलिटिगेशन, लंबित एवं समरी सहित कुल 1,783 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 783 प्रकरणों का निराकरण कर 15,42,000 रुपए की राशि अदा कराई गई। इसके अतिरिक्त राजस्व न्यायालयों में कुल 69,742 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
लोक अदालत के अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायालय परिसर गरियाबंद में विभिन्न विभागों द्वारा जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल भी लगाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए पाम्पलेट वितरित किए गए। उद्यानिकी विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के फलदार एवं फूलदार पौधों का वितरण किया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोक अदालत में आए पक्षकारों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों और आमजन का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस दौरान तालुका अध्यक्ष यशवंत वासनीकर, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बी.आर. साहू और व्यवहार न्यायाधीश कु. खुशबू जैन ने न्यायालय परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों, बैंकों, विद्युत विभाग और नगरपालिका के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया तथा अधिक से अधिक प्रकरणों का राजीनामा के माध्यम से निपटारा कराने के निर्देश दिए।
लोक अदालत के सफल आयोजन में पीठासीन अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, पैरालीगल वालेंटियर्स, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा पक्षकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।