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छत्तीसगढ़ में गोधन संरक्षण को मिली नई पहचान: अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे 'सुरभि गौधाम', CM ने की ये घोषणा
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Sat, 14 Mar 2026 08:11 PM IST
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सार
CG Surbhi Gaudham: छत्तीसगढ़ में गोधन संरक्षण को नई पहचान मिली है। अब प्रदेश के सभी गौधाम 'सुरभि गौधाम' कहे जायेंगे।
गौधाम योजना का शुभारंभ करते सीएम विष्णुदेव साय
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
CG Surbhi Gaudham: छत्तीसगढ़ में गोधन संरक्षण को नई पहचान मिली है। अब प्रदेश के सभी गौधाम 'सुरभि गौधाम' कहे जायेंगे। प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय ने आज शनिवार को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ किया। इसे प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अवसर पर उन्होंने गौमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद गौधाम परिसर का जायजा लिया।
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मुख्यमंत्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। बता दें कि ग्राम लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति की ओर से किया जा रहा है।
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क्या है ये योजना
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सीएम ने बिलासपुर को दी ये सौगात
सीएम ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने और एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिले।
इनका कहना है
- केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गौधाम योजना का शुभारंभ एक पुनीत अवसर है। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। गोधन संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
- कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में 10-10 गौधाम चरणबद्ध रूप से स्थापित किए जाएंगे, जिससे गौवंश संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
- छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने कहा कि गौ माता हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सुनियोजित कार्ययोजना के साथ कार्य कर रही है।